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किसान का खेत ही उसकी प्रयोगशाला : डॉ. डीके सिंह
Sat, 03 Jan 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:39 AM IST
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फूलपुर के परासिनपुर गांव में आयोजित हुआ एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद किसान।
खेती अब अनुभव के साथ विज्ञान पर आधारित हो चुकी है और किसान स्वयं अपने खेत की प्रयोगशाला के वैज्ञानिक हैं।
यह बात इफको फूलपुर के कॉर्डेट प्रधानाचार्य डॉ. डीके सिंह ने ग्राम परासिनपुर गांव में आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इफको के नैनो उर्वरक कृषि क्षेत्र में सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि नैनो तकनीक आधारित उर्वरक न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हैं।
आईआरडीपी प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने रबी फसलों में नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो कॉपर एवं नैनो जिंक के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जैव उर्वरक उत्पादन इकाई की अंजलि चौधरी ने खेती में जैव उर्वरकों के उपयोग और उनके लाभों पर प्रकाश डाला।
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यह बात इफको फूलपुर के कॉर्डेट प्रधानाचार्य डॉ. डीके सिंह ने ग्राम परासिनपुर गांव में आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इफको के नैनो उर्वरक कृषि क्षेत्र में सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि नैनो तकनीक आधारित उर्वरक न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हैं।
आईआरडीपी प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने रबी फसलों में नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो कॉपर एवं नैनो जिंक के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जैव उर्वरक उत्पादन इकाई की अंजलि चौधरी ने खेती में जैव उर्वरकों के उपयोग और उनके लाभों पर प्रकाश डाला।
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