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सूर्यास्त पर नीलू के घर खुशियों का उजाला
Allahabad
Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। देव दीपावली पर बुधवार को जब पूर्ण चंद्रमा की आभा में संगम पर हजारों दीप झिलमिला रहे थे तभी मऊआइमा इलाके के गमरहटा गांव में नीलू पाल के घर में भी खुशियों का सूरज उगा। उनका ढाई साल का मासूम बच्चा दोपहर में बोरवेल के गड्डे में गिर गया था। वह कई घंटे तक चली जिंदगी की जंग जीतकर सकुशल बाहर आ गया। जेसीबी से बोरवेल के चौतरफा गड्ढा खोदकर उसे निकाला गया। बच्चे को सुरक्षित देखकर परिजनो ने राहत की सांस ली। यूं सूर्यास्त के वक्त अंधेरे में नीलू के घर में खुशियों का उजाला आ गया।
गमरहटा गांव में रहने वाले नीलू पाल की पत्नी मंजू बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मवेशियों के लिए घास लेने खेतों की तरफ गई थी। पीछे-पीछे उसका ढाई साल का बेटा कवि पाल भी पहुंच गया। मंजू घास छीलने लगी। कवि वहीं खेल रहा था। मंजू का ध्यान हटा तभी मासूम कवि खेलते हुए अरुण कुमार यादव के खेत में नलकूप के लिए खोदे गए बोरवेल में गिर गया। कवि को गड्ढे में गिरता देख मंजू चीख पड़ी। वह भागकर गड्ढे तक पहुंची लेकिन कवि गहराई में चला गया था। वह रोते-चीखते घर की ओर भागी। परिवार के लोगों को पता चला तो वे भी घबरा गए। गांव वाले जुट गए। बच्चे को निकालते नहीं बन रहा था। फिर कुछ दूर पर नहर से सिल्ट की सफाई में लगे जेसीबी को वहां बुलाया गया। जेसीबी चालक भी तत्परता से बोरवेल के चारो तरफ से मिट्टी निकालने में जुट गया। इस दौरान कवि की मां मंजू रोती-कलपती और बेटे की सुरक्षा के लिए भगवान से मनौतियां मानती रही। हर गुजरता पल मां-बाप के लिए सदियों की तरह गुजर रहा था। तकरीबन तीन घंटे में जेसीबी से 15 फुट तक बोरवेल के चारो तरफ गड्ढा खोद लिया गया। फिर ग्रामीणों ने बोरवेल में सुराख कर मासूम कवि को बाहर निकाल लिाय। तब वह रो रहा था लेकिन मां की गोद में जाते ही शांत हो गया।
इस बीच बहरिया की मैलहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस भी बुला ली गई थी। पुलिस भी पहुंच चुकी थी। बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने चेकअप कर बच्चे को सकुशल बताया तो माता-पिता समेत परिवार और गांव के लोग खुशी के चलते चहक उठे। बच्चे को घर ले जाया गया। परिवार के लोगों ने गांव में लड्डू भी बांटे।
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ग्रामीणों संग जुटे रहे विधायक भी
तिलई बाजार (इलाहाबाद)। गमरहटा गांव में अरुण कुमार यादव ने अपने खेत में सबमर्सिबल के लिए बोरिंग कराई थी। लकड़ी का बड़ा टुकड़ा गिरने पर बोरिंग रोक दी गई थी। बच्चा बोरवेल में लकड़ी के उसी टुकडे़ पर टिकने से ज्यादा नीचे जाने से बच गया। खबर पाकर सोरांव के विधायक सत्यवीर मुन्ना भी वहां पहुंच गए थे। वे भी ग्रामीणों के साथ बच्चे को बाहर निकलवाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने मऊआइमा पुलिस के साथ ही 108 नंबर पर आकस्मिक चिकित्सा सेवा को जानकारी दी। थानाध्यक्ष मनोज कुमार राय और आकस्मिक सेवा की वैन पहुंच गई।
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गमरहटा गांव में रहने वाले नीलू पाल की पत्नी मंजू बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मवेशियों के लिए घास लेने खेतों की तरफ गई थी। पीछे-पीछे उसका ढाई साल का बेटा कवि पाल भी पहुंच गया। मंजू घास छीलने लगी। कवि वहीं खेल रहा था। मंजू का ध्यान हटा तभी मासूम कवि खेलते हुए अरुण कुमार यादव के खेत में नलकूप के लिए खोदे गए बोरवेल में गिर गया। कवि को गड्ढे में गिरता देख मंजू चीख पड़ी। वह भागकर गड्ढे तक पहुंची लेकिन कवि गहराई में चला गया था। वह रोते-चीखते घर की ओर भागी। परिवार के लोगों को पता चला तो वे भी घबरा गए। गांव वाले जुट गए। बच्चे को निकालते नहीं बन रहा था। फिर कुछ दूर पर नहर से सिल्ट की सफाई में लगे जेसीबी को वहां बुलाया गया। जेसीबी चालक भी तत्परता से बोरवेल के चारो तरफ से मिट्टी निकालने में जुट गया। इस दौरान कवि की मां मंजू रोती-कलपती और बेटे की सुरक्षा के लिए भगवान से मनौतियां मानती रही। हर गुजरता पल मां-बाप के लिए सदियों की तरह गुजर रहा था। तकरीबन तीन घंटे में जेसीबी से 15 फुट तक बोरवेल के चारो तरफ गड्ढा खोद लिया गया। फिर ग्रामीणों ने बोरवेल में सुराख कर मासूम कवि को बाहर निकाल लिाय। तब वह रो रहा था लेकिन मां की गोद में जाते ही शांत हो गया।
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इस बीच बहरिया की मैलहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस भी बुला ली गई थी। पुलिस भी पहुंच चुकी थी। बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने चेकअप कर बच्चे को सकुशल बताया तो माता-पिता समेत परिवार और गांव के लोग खुशी के चलते चहक उठे। बच्चे को घर ले जाया गया। परिवार के लोगों ने गांव में लड्डू भी बांटे।
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ग्रामीणों संग जुटे रहे विधायक भी
तिलई बाजार (इलाहाबाद)। गमरहटा गांव में अरुण कुमार यादव ने अपने खेत में सबमर्सिबल के लिए बोरिंग कराई थी। लकड़ी का बड़ा टुकड़ा गिरने पर बोरिंग रोक दी गई थी। बच्चा बोरवेल में लकड़ी के उसी टुकडे़ पर टिकने से ज्यादा नीचे जाने से बच गया। खबर पाकर सोरांव के विधायक सत्यवीर मुन्ना भी वहां पहुंच गए थे। वे भी ग्रामीणों के साथ बच्चे को बाहर निकलवाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने मऊआइमा पुलिस के साथ ही 108 नंबर पर आकस्मिक चिकित्सा सेवा को जानकारी दी। थानाध्यक्ष मनोज कुमार राय और आकस्मिक सेवा की वैन पहुंच गई।