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पूरी रात गश्त करता रहा बड़ा, बुड्ढा ताजिया
Allahabad
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। मोहर्रम की नौवीं तारीख पर शनिवार की रात मासूम अली असगर के झूले, बड़ा ताजिया और बुड्ढा ताजिया को कंधा देने केलिए जन सैलाब उमड़ा। करबला केशहीदों की याद में पुराने शहर में ‘या अली या हुसैन’ की सदाएं गूंजी। इमाम हुसैन केशैदाई अकीदत से कांधा देते रहे। मुस्लिम इलाकों में सारी रात लंगर किया गया। तमाम इलाकों में नगाड़ों की गूंज रही। झूला, बड़ा ताजिया और बुड्ढा ताजिया को देखने हजारों महिलाएं भी सड़क किनारे मौजूद रहीं। मोहर्रम की दसवीं पर रविवार को बड़ा ताजिया और बुड्ढा ताजिया को कंधे पर करबला ले जाया जाएगा जहां अकीदत के फूलों को दफन किया जाएगा।
बड़ा ताजिया रात एक बजकर 35 मिनट पर इमामबाड़े से उठा। अध्यक्ष रेहान खां की सदारत में बड़ा ताजिया लीडर रोड से खारीकुंइया, शाहगंज होते हुए नखासकोहना, कोतवाली, ठठेरी बाजार और जानसेनगंज में गश्त के बाद वापस इमामबाड़े पर रखा गया। बड़ा ताजिया में अकीदतमंदों का मजमा लगा रहा। रातभर फातिहा पढ़ने और मन्नतें मांगने का सिलसिला चला। बड़ा ताजिया की अगुवाई रेहान खां, इमरान खां, गुलाम रसूल, मो.मसरूर सेठ, आमिर खां, चांद मियां, वसीम खां, वजीर खां, परवेज अख्तर अंसारी, अल्तमश खान, सरफराज, अनीस अहमद, गजाली आदि ने की।
बुड्ढा ताजिया को कांधा देने जुटे अकीदमंद
बुड्ढा ताजिया भी पुरानी रवायतों के साथ देर रात इमामबाड़े से उठाया गया। बुड्डा ताजिया में कंधा देने को भी हजारों की भीड़ जुटी। तय वक्त के मुताबिक रात 2.40 बजे ताजियादार मोहम्मद शमीम की देखरेख में उठकर कदीमी रास्तों से होकर नूरुल्लाह रोड इमामबाड़ा पर लाकर रखा गया। खुल्दाबाद सराय का अलम कदीमी रास्तों से होकर शाहगंज चौराहे पर खड़ा रहा। इसी तरह धूमनगंज क्षेत्र में रात को सभी पांचों मेहंदी के जुलूस अनेक ताजियादारों की सरपरस्ती में उठाया गया। इन जुलूसों में असरार नियाजी, मोहम्मद हफीज खां, डॉ.असलम, मजहरुल हक, मोहम्मद फैसल, नियाज अहमद आदि शामिल थे।
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मासूम अली असगर का झूला
मासूम अली असगर का झूला कमेटी के संयोजक गुलाम रसूल की अगुवाई में चक रौजा बहादुरगंज से उठा। इमाम हुसैन केशौदाई झूले को कंधे पर जीटी रोड, बादशाहीमंडी, ऊंचामंडी, गुडमंडी, लोकनाथ, कोतवाली, सब्जीमंडी, ठठेरी बाजार से नखासकोहना चौराहे गढीसरांय इमामबाड़े पर ले गए। इस दौरान रास्ते पर लंगर हुआ। फूल चढ़ाने और मन्नत मांगने वालों की भीड़ जमा रही।
केसरिया इमामबाड़े से भी जुलूस
मौजा केसरिया दामूपुर का जुलूस दसवीं मोहर्रम को दिन में दस बजे केसरिया इमामबाड़े से उठेगा जिसमें लाठी, ऊंट, ढोल, तलवार और ताजिया रहेगा।
अब्बास-ए-गाजी का जुलूस, जंजीरों का मातम भी
मोहर्रम की आठ तारीख को रानीमंडी स्थित इमामबाड़ा से अल फात्मैन डॉ.सैयद हैदर अब्बास आब्दी के अजाखाने पर आयोजित मजलिस को रजा अब्बास ने खिताब किया। बाद मजलिस अंजुमन दस्ते अब्बासिया की ओर से जंजीरों का मातम किया गया। इसे देखने को बड़ी संख्या में लोग जुटे।
दायरा शाह अजमल में उर्से अजमली आज से
इलाहाबाद। हजरत मौलाना शाह सैयद अहमद अजमली का सालाना उर्स 25 और 26 नवंबर को मनाया जाएगा। रविवार को शाम छह बजे शहादत का बयान होगा, फिर डॉ.सिराजुद्दीन अजमली की तकरीर होगी।
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बड़ा ताजिया रात एक बजकर 35 मिनट पर इमामबाड़े से उठा। अध्यक्ष रेहान खां की सदारत में बड़ा ताजिया लीडर रोड से खारीकुंइया, शाहगंज होते हुए नखासकोहना, कोतवाली, ठठेरी बाजार और जानसेनगंज में गश्त के बाद वापस इमामबाड़े पर रखा गया। बड़ा ताजिया में अकीदतमंदों का मजमा लगा रहा। रातभर फातिहा पढ़ने और मन्नतें मांगने का सिलसिला चला। बड़ा ताजिया की अगुवाई रेहान खां, इमरान खां, गुलाम रसूल, मो.मसरूर सेठ, आमिर खां, चांद मियां, वसीम खां, वजीर खां, परवेज अख्तर अंसारी, अल्तमश खान, सरफराज, अनीस अहमद, गजाली आदि ने की।
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बुड्ढा ताजिया को कांधा देने जुटे अकीदमंद
बुड्ढा ताजिया भी पुरानी रवायतों के साथ देर रात इमामबाड़े से उठाया गया। बुड्डा ताजिया में कंधा देने को भी हजारों की भीड़ जुटी। तय वक्त के मुताबिक रात 2.40 बजे ताजियादार मोहम्मद शमीम की देखरेख में उठकर कदीमी रास्तों से होकर नूरुल्लाह रोड इमामबाड़ा पर लाकर रखा गया। खुल्दाबाद सराय का अलम कदीमी रास्तों से होकर शाहगंज चौराहे पर खड़ा रहा। इसी तरह धूमनगंज क्षेत्र में रात को सभी पांचों मेहंदी के जुलूस अनेक ताजियादारों की सरपरस्ती में उठाया गया। इन जुलूसों में असरार नियाजी, मोहम्मद हफीज खां, डॉ.असलम, मजहरुल हक, मोहम्मद फैसल, नियाज अहमद आदि शामिल थे।
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मासूम अली असगर का झूला
मासूम अली असगर का झूला कमेटी के संयोजक गुलाम रसूल की अगुवाई में चक रौजा बहादुरगंज से उठा। इमाम हुसैन केशौदाई झूले को कंधे पर जीटी रोड, बादशाहीमंडी, ऊंचामंडी, गुडमंडी, लोकनाथ, कोतवाली, सब्जीमंडी, ठठेरी बाजार से नखासकोहना चौराहे गढीसरांय इमामबाड़े पर ले गए। इस दौरान रास्ते पर लंगर हुआ। फूल चढ़ाने और मन्नत मांगने वालों की भीड़ जमा रही।
केसरिया इमामबाड़े से भी जुलूस
मौजा केसरिया दामूपुर का जुलूस दसवीं मोहर्रम को दिन में दस बजे केसरिया इमामबाड़े से उठेगा जिसमें लाठी, ऊंट, ढोल, तलवार और ताजिया रहेगा।
अब्बास-ए-गाजी का जुलूस, जंजीरों का मातम भी
मोहर्रम की आठ तारीख को रानीमंडी स्थित इमामबाड़ा से अल फात्मैन डॉ.सैयद हैदर अब्बास आब्दी के अजाखाने पर आयोजित मजलिस को रजा अब्बास ने खिताब किया। बाद मजलिस अंजुमन दस्ते अब्बासिया की ओर से जंजीरों का मातम किया गया। इसे देखने को बड़ी संख्या में लोग जुटे।
दायरा शाह अजमल में उर्से अजमली आज से
इलाहाबाद। हजरत मौलाना शाह सैयद अहमद अजमली का सालाना उर्स 25 और 26 नवंबर को मनाया जाएगा। रविवार को शाम छह बजे शहादत का बयान होगा, फिर डॉ.सिराजुद्दीन अजमली की तकरीर होगी।