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पूर्व मंत्री आजम खां ने किया सरेंडर
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पूर्व मंत्री आजम खां ने किया सरेंडर
0 तीन मामलों में मिली जमानत
प्रयागराज। भारतीय सैनिकों के संबंध में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने सहित तीन मुकदमों में पूर्व मंत्री आजम खां ने सोमवार को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता इमरान उल्ला, एसए नसीम गुड्डू, कमरुल हसन और विनोद चंद दुबे को सुनकर दिया है।
0 केस एक- घटना 27 जून 2017 की रामपुर के सिविल लाइन थाने की है। पूर्व मंत्री आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सैनिकों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर शर्मनाक बयान दिया था। जिसे मीडिया ने प्रकाशित और प्रसारित किया। आजम खां का यह कृत्य सैनिकों की कार्यशैली, भारतीय संविधान के विरुद्ध है। यह राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।
0 केस दो - घटना सात अगस्त 2007 की रामपुर के टांडा थाने की है। आरोप है कि सपा पार्टी की जनसभा में आजम खां ने वाल्मीकि समाज के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोगकर अपमानित किया था। वादी धीरज कुमार शील की शिकायत पर आजम खां के खिलाफ एससी/एसटी और चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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0 केस तीन- घटना एक अप्रैल 2014 की रामपुर के कोतवाली थाने की है। आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने किला मैदान में सपा की जनसभा में नरेन्द्र मोदी के संबंध अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। धार्मिक मतभेद उत्पन्न होने की आशंका से पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
तीनों मुकदमों में सोमवार को आजम खां ने स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया। जमानत की सुनवाई में अपने बचाव में कहा कि राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। जबकि वह नौ बार विधायक और पांच बार मंत्री रह चुके है।
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पूर्व मंत्री आजम खां ने किया सरेंडर
0 तीन मामलों में मिली जमानत
प्रयागराज। भारतीय सैनिकों के संबंध में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने सहित तीन मुकदमों में पूर्व मंत्री आजम खां ने सोमवार को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता इमरान उल्ला, एसए नसीम गुड्डू, कमरुल हसन और विनोद चंद दुबे को सुनकर दिया है।
0 केस एक- घटना 27 जून 2017 की रामपुर के सिविल लाइन थाने की है। पूर्व मंत्री आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सैनिकों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर शर्मनाक बयान दिया था। जिसे मीडिया ने प्रकाशित और प्रसारित किया। आजम खां का यह कृत्य सैनिकों की कार्यशैली, भारतीय संविधान के विरुद्ध है। यह राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।
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0 केस दो - घटना सात अगस्त 2007 की रामपुर के टांडा थाने की है। आरोप है कि सपा पार्टी की जनसभा में आजम खां ने वाल्मीकि समाज के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोगकर अपमानित किया था। वादी धीरज कुमार शील की शिकायत पर आजम खां के खिलाफ एससी/एसटी और चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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0 केस तीन- घटना एक अप्रैल 2014 की रामपुर के कोतवाली थाने की है। आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने किला मैदान में सपा की जनसभा में नरेन्द्र मोदी के संबंध अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। धार्मिक मतभेद उत्पन्न होने की आशंका से पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
तीनों मुकदमों में सोमवार को आजम खां ने स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया। जमानत की सुनवाई में अपने बचाव में कहा कि राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। जबकि वह नौ बार विधायक और पांच बार मंत्री रह चुके है।