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वृद्धों की सुरक्षा के लिए बने कानून लागू करे सरकार

Mon, 30 Oct 2017 08:58 PM IST
Updated Mon, 30 Oct 2017 08:58 PM IST
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वृद्धों की सुरक्षा के लिए बने कानून लागू करे सरकार
वृद्धों की सुरक्षा के लिए बने कानून लागू करे सरकार
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हाईकोर्ट ने हर जिले में वृद्धाश्रम और अधिकरण बनाने का दिया आदेश

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए बने कानून का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके उपबंधों को लागू कर मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जाए और जिलाधिकारियों के लिए गाइड लाइन तय हो। कोर्ट ने कहा कि सरकार हर जिले में वृद्धाश्रम और शिकायतें सुनने केलिए अधिकरण गठित करे तथा अपीलीय अधिकरण भी बनाया जाए। हर जिले के लिए एक भरण-पोषण (मेनटेंस )अधिकारी नियुक्ति किया जाए। हर जिले में वरिष्ठ नागरिकों की एक कमेटी गठित की जाए तो बेसहारा वृद्धों की समस्याओं को उठाएगी। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केलिए 2007 में कानून पारित किया है मगर तमाम राज्यों में अभी यह कानून प्रभावी तरीके से लागू नहीं है।
जानकी देवी की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने यह आदेश दिया। याची बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद से रिटायर 75 वर्षीय अविवाहित महिला है। वह बोलने और लिखने में असमर्थ हो चुकी है और करीब-करीब कोमा की स्थिति में है। उसकी एक नजदीकी महिला ने पंजाब नेशनल बैंक में संयुक्त खाता खुलवाकर उसके खाते से पहले साढ़े 22 लाख और फिर 18 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर लिए। महिला के पेंशन खाते से धनराशि स्थानांतरित करना संभव नहीं था इसलिए उसके देखभाल की समस्या खड़ी हो गई।
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महिला के देखभाल की समस्या खड़ी होने पर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। प्रदेश सरकार ने बताया कि वृद्धों की सुरक्षा के लिए कानून बना है और जिलाधिकारी को धन स्वीकृत करने का अधिकार है। याची के मामले में समाज कल्याण अधिकारी को अधिकृत किया गया है। कोर्ट ने कहा कि असहाय और वृद्ध नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा बड़ी चुनौती है। सरकार को इसके लिए कदम उठाना चाहिए। कोर्ट ने याची की देखभाल के लिए डीएम के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की है जिसमें सीएमओ, ट्रेजरी अफसर, बीएसए और समाज कल्याण अधिकारी शामिल हैं। कमेटी के संयोजक ट्रेजरी अफसर होंगे जो देखभाल पर खर्च होने वाले धन का बिल पास कराएंगे। समाज कल्याण अधिकारी सप्ताह में एक बार विजिट कर याची के स्वास्थ का हाल जानेंगे और दवा आदि की व्यवस्था करेेंगे। सीएमओ भी इलाज और दवा की व्यवस्था करेंगे।
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