फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   798 government lawyers appointed in Allahabad High Court and Lucknow Bench removed

इलाहाबाद हाईकोर्ट व लखनऊ बेंच में नियुक्त 798 सरकारी वकील हटाए गए

Wed, 03 Aug 2022 01:24 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
798 government lawyers appointed in Allahabad High Court and Lucknow Bench removed
798 government lawyers appointed in Allahabad High Court and Lucknow Bench removed
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अपर महाधिवक्ता व दो मुख्य स्थायी अधिवक्ता समेत 482 सरकारी वकीलों को हटा दिया है। इसी प्रकार सरकार ने लखनऊ बेंच के दो मुख्य स्थायी अधिवक्ता समेत 316 राज्य विधि अधिकारियों को भी हटाया है।
विज्ञापन

यूपी सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट व इसकी लखनऊ बेंच में नियुक्त किए गए 798 सरकारी वकीलों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सरकार की तरफ से हटाए गए सरकारी वकीलों में से 43 सरकारी वकीलों की एक अलग सूची जारी की गई है, जिसमें उन्हें वर्तमान पद से हटाकर उच्च पद पर पदोन्नति की गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में पदोन्नत हुए सरकारी वकीलों की कुल संख्या 43 है।
विज्ञापन

सरकारी वकीलों के हटाए जाने की लिस्ट जारी होने के तत्काल बाद एक तीसरी लिस्ट भी जारी हुई, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में 366 तथा इसकी लखनऊ बेंच में 220 यानी कुल 586 सरकारी वकीलों की नई नियुक्ति की गई है। नवनियुक्त सरकारी वकीलों की सूची में अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता से लेकर स्थायी अधिवक्ता तथा वादधारक शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह आदेश राज्य के विधि एवं न्याय विभाग के विशेष सचिव निकुंज मित्तल की तरफ से जारी किया गया। इस बड़ी कार्रवाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपर महाधिवक्ता विनोद कांत को भी हटा दिया गया है। साथ ही प्रधान पीठ प्रयागराज में 26 अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ताओं को हटाया गया हैं। 179 स्थायी अधिवक्ताओं की भी छुट्टी हो गई है। 111 ब्रीफ होल्डर सिविल की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। क्रिमिनल साइड के 141 ब्रीफ होल्डर हटाए गए तथा 47 अपर शासकीय अधिवक्ताओं की छुट्टी हुई है।
आदेश के अनुसार लखनऊ बेंच के दो चीफ स्टैंडिंग काउंसिल की सेवा खत्म कर दी गई है। 33 एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट को हटाया गया हैं। लखनऊ बेंच के क्रिमिनल साइड के 66 ब्रीफ होल्डर को हटाया गया है। 176 सिविल ब्रीफ होल्डर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। 59 एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल और स्टैंडिंग काउंसिल को भी हटाया गया है।
एक अधिवक्ता का सूची में चार बार नाम, अधिवक्ता परिषद में असंतोष
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी सरकारी अधिवक्ताओं की सूची पर असंतोष फैल गया है। बीजेपी और उसके संगठन से जुड़े अधिवक्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह सूची कुछ खास लोगों के इशारे पर तैयार की गई है। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे अधिवक्ताओं के नाम काट दिए हैं, जो विधि के अच्छे जानकार और कोर्ट के समक्ष सरकार की बहस को अच्छे तरीके से प्रस्तुत करते रहे हैं।

कुछ अधिवक्ताओं के नाम सियासत की वजह से शामिल नहीं किए गए। जबकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए जारी सूची में एक अधिवक्ता का नाम चार जगह है। इसी तरह एक अन्य अधिवक्ता का सूची में दो बार नाम है। इसी वजह से अधिवक्ता परिषद के सदस्य नाराज हैं। हटने वालों में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मृत्युंजय तिवारी, काशी प्रांत महिला इकाई की प्रमुख अर्चना त्यागी, आरएसएस के शारीरिक इकाई के प्रमुख सचिव अवधेश चंद्र श्रीवास्तव, कांशी प्रांत केसंचालक विश्वनाथ लाल निगम सहित कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों केनाम शामिल हैं।
यह मिलता है मानदेय
- ब्रीफ होल्डर को प्रति कार्यदिवस दो हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।
- स्थायी अधिवक्ता को प्रति कार्य दिवस तीन हजार रुपये मानदेय और नौ हजार रुपये महीना रिटेनरशिप दी जाती है।
- अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता को पांच हजार रुपये प्रति कार्य दिवस मानदेय दिया जाता है।
- मुख्य स्थायी अधिवक्ता को सात हजार रुपये प्रति कार्य दिवस मानदेय दिया जाता है।
- अपर महाधिवक्ता को 20 हजार रुपये प्रति कार्य दिवस मानदेय के साथ 40 हजार रुपये महीने रिटेनरशिप दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed