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72825 शिक्षक भर्ती : फिर काउंसिलिंग के खिलाफ निर्णय सुरक्षित, टीचरों की भर्ती मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवा

Fri, 15 Mar 2024 04:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 15 Mar 2024 04:56 PM IST
सार

राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय और बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से कुष्मांडा शाही ने अपनी बहस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 एवं बाद में इस मामले में अभ्यर्थियों की अवमानना याचिका में 13 दिसंबर 2019 को सरकार द्वारा ट्रेनी टीचरों की भर्ती को सही मानते हुए अवमानना का मामला खत्म कर दिया था।

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72825 Teacher Recruitment: Again decision reserved against counselling
शिक्षक भर्ती। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने 30 नवंबर 2011 को जूनियर बेसिक स्कूलों में 72 हजार, 825 ट्रेनी शिक्षकों की भर्ती के विज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई 12091 श्रेणी के बचे अभ्यर्थियों की फिर से काउंसिलिंग के लिए नया विज्ञापन जारी करने के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद की शेष अपीलों पर अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र एवं न्यायमूर्ति एस क्यू एच रिजवी की खंडपीठ ने कई दिन चली बहस पूरी होने के बाद दिया।

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राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय और बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से कुष्मांडा शाही ने अपनी बहस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 एवं बाद में इस मामले में अभ्यर्थियों की अवमानना याचिका में 13 दिसंबर 2019 को सरकार द्वारा ट्रेनी टीचरों की भर्ती को सही मानते हुए अवमानना का मामला खत्म कर दिया था। ऐसे में 2011 की भर्ती को लेकर एकल पीठ द्वारा फिर से शेष बचे अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग का निर्देश दिया जाना गैरकानूनी है।

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दूसरी ओर विनय कुमार पांडेय व अन्य अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे, एचएन सिंह, आरके ओझा व अनिल तिवारी ने कहा कि एकल पीठ के आदेश में कोई त्रुटि नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बहस में कहा कि सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अवमानना वाद में सही तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इस कारण इस प्रकार का आदेश हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती को सही मानते हुए अवमानना केस समाप्त कर दिया।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विनय कुमार पांडेय व कई अन्य और इससे संबद्ध अन्य याचिकाओं पर निर्देश दिया था कि शेष बचे अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कराने के लिए नया विज्ञापन पांच फरवरी से शुरू होने वाले सप्ताह में जारी किया जाए और यह विज्ञापन तीन अखबारों में प्रकाशित कराया जाए।
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