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मॉडल शॉप में शराब पीने के मामले में सरकार पहुंची सुप्रीमकोर्ट
Updated Mon, 30 Oct 2017 08:54 PM IST
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मॉडल शॉप में शराब पीने के मामले में सरकार पहुंची सुप्रीमकोर्ट
प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मॉडल बीयर शॉप में बैठ कर शराब पीने की अनुमति दिए जाने के नियम पर पुनर्विचार करने के हाईकोर्ट के आदेश को सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी है। विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर आदेश रद्द करने की मांग की है। यह जानकारी प्रदेश सरकार की ओर से सोमवार को अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने इस प्रकरण की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की खंडपीठ को दी। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है। याचिका पर अब 10 नवंबर को सुनवाई होगी।
सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय परिषद की ओर से दाखिल जनहित याचिका में वाराणसी के मुडकटा मंदिर के पास से शराब की दुकान हटाने की मांग की गई। इस पर सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल उठाया कि जब सरकार मॉडल शॉप में बैठकर शराब पीने की इजाजत दे रही है तो फिर बिना शराब पीए वाहन चलाने की नीति को लागू कैसे किया जाएगा। क्योंकि शराब पीने वाले लोग मॉडल शॉप पर वाहन से आते हैं और शराब पीने के बाद उसी वाहन से वापस घर जाएंगे। ऐसे में नशे में गाड़ी नहीं चलाने की नीति लागू करना संभव नहीं है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को मॉडल शॉप में बैठकर शराब पीने की नीति पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया था। महाधिवक्ता ने इसके लिए एक माह का समय मांगा था। सोमवार को बताया गया कि हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
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प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मॉडल बीयर शॉप में बैठ कर शराब पीने की अनुमति दिए जाने के नियम पर पुनर्विचार करने के हाईकोर्ट के आदेश को सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी है। विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर आदेश रद्द करने की मांग की है। यह जानकारी प्रदेश सरकार की ओर से सोमवार को अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने इस प्रकरण की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की खंडपीठ को दी। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है। याचिका पर अब 10 नवंबर को सुनवाई होगी।
सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय परिषद की ओर से दाखिल जनहित याचिका में वाराणसी के मुडकटा मंदिर के पास से शराब की दुकान हटाने की मांग की गई। इस पर सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल उठाया कि जब सरकार मॉडल शॉप में बैठकर शराब पीने की इजाजत दे रही है तो फिर बिना शराब पीए वाहन चलाने की नीति को लागू कैसे किया जाएगा। क्योंकि शराब पीने वाले लोग मॉडल शॉप पर वाहन से आते हैं और शराब पीने के बाद उसी वाहन से वापस घर जाएंगे। ऐसे में नशे में गाड़ी नहीं चलाने की नीति लागू करना संभव नहीं है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को मॉडल शॉप में बैठकर शराब पीने की नीति पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया था। महाधिवक्ता ने इसके लिए एक माह का समय मांगा था। सोमवार को बताया गया कि हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
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