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गुणवतायुक्त शिक्षा, बच्चों के बौधिक विकास के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय
Updated Sat, 19 Aug 2017 07:31 PM IST
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0 बेसिक शिक्षा निदेशक ने शिक्षाधिकारियों को जारी किया निर्देश, तय की जिम्मेदारी
0 स्थिति में सुधार के लिए लेना होगा आवश्यक निर्णय और हर माह करना होगा दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए सरकार ने फिर से कमर कसी है। शासन ने अफसरों को विद्यालयों के निरीक्षण का फरमान जारी किया है और उनकी जिम्मेदारी भी तय की है।
परिषदीय विद्यालयों में तमाम तरह की सुविधाएं देने के बावजूद शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास न होने से चिंतित सरकार ने इसमें सुधार के लिए निदेशालय स्तर से शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण करने के संबंध में 11 अगस्त को निर्देश जारी किया, लेकिन अफसरों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में बेसिक शिक्षा निदेशक ने शुक्रवार को क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा विद्यालयों के निरीक्षण के संबंध में फिर से निर्देश जारी किया। इसमें अफसरों को विद्यालयों की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक निर्णय लेने और निरीक्षण की रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फीड करने का भी निर्देश दिया है।
इसके तहत प्रदेश भर में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक एवं विकास खंड संसाधन केंद्र के सह समन्वयकों को प्रतिमाह 10-10 विद्यालय का निरीक्षण करना होगा, जबकि खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतिमाह 20 विद्यालय का निरीक्षण करना होगा। अफसरों को सप्ताह में कम से कम दो विद्यालयों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने को कहा गया है।
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0 बेसिक शिक्षा निदेशक ने शिक्षाधिकारियों को जारी किया निर्देश, तय की जिम्मेदारी
0 स्थिति में सुधार के लिए लेना होगा आवश्यक निर्णय और हर माह करना होगा दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए सरकार ने फिर से कमर कसी है। शासन ने अफसरों को विद्यालयों के निरीक्षण का फरमान जारी किया है और उनकी जिम्मेदारी भी तय की है।
परिषदीय विद्यालयों में तमाम तरह की सुविधाएं देने के बावजूद शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास न होने से चिंतित सरकार ने इसमें सुधार के लिए निदेशालय स्तर से शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण करने के संबंध में 11 अगस्त को निर्देश जारी किया, लेकिन अफसरों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में बेसिक शिक्षा निदेशक ने शुक्रवार को क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा विद्यालयों के निरीक्षण के संबंध में फिर से निर्देश जारी किया। इसमें अफसरों को विद्यालयों की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक निर्णय लेने और निरीक्षण की रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फीड करने का भी निर्देश दिया है।
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इसके तहत प्रदेश भर में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक एवं विकास खंड संसाधन केंद्र के सह समन्वयकों को प्रतिमाह 10-10 विद्यालय का निरीक्षण करना होगा, जबकि खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतिमाह 20 विद्यालय का निरीक्षण करना होगा। अफसरों को सप्ताह में कम से कम दो विद्यालयों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने को कहा गया है।
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