Fraud Case : एविएशन कंपनी में नौकरी का झांसा देकर 70 हजार उड़ाए, मुकदमा दर्ज
फोन करने वाले ने पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 3700 रुपये जमा कराए। फिर इंटरव्यू कराया और सेलेक्शन होने का झांसा देकर 16 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद कोरियर व अन्य खर्चों के नाम पर भी पहले 30 हजार और फिर बाद में भी रकम जमा कराई।
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कर्नलगंज निवासी ज्योति यादव को नौकरी की तलाश थी, तो उन्होंने वेबसाइट के माध्यम से अप्लाई किया। इसी दौरान साइबर ठगों ने एविएशन कंपनी में नौकरी लगने के नाम पर उसे 70 हजार रुपये की चपत लगा दी। भुक्तभोगी रामप्रिया रोड कर्नलगंज की रहने वाली है। उसने बताया कि उसने नौकरीडॉटकॉम पर अपना रिज्यूम डाला था। 28 अक्तूबर को फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एयर एशिया का एचआर हेड बताया। कहा कि उनका रिज्यूम एयरएशिया इंडिया लिमिटेड में शॉर्टलिस्ट हो गया है।
फोन करने वाले ने पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 3700 रुपये जमा कराए। फिर इंटरव्यू कराया और सेलेक्शन होने का झांसा देकर 16 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद कोरियर व अन्य खर्चों के नाम पर भी पहले 30 हजार और फिर बाद में भी रकम जमा कराई। इस तरह से कुल 69825 रुपये जमा करा लिए। बाद में पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। इसके बाद उसने कर्नलगंज थाने में केस दर्ज कराया।
भांजी की शादी के नाम पर 93 हजार का चूना लगाया
साइबर ठगों ने झूंसी निवासी सुरेंद्र कुमार प्रजापति को भांजी की शादी का झांसा देकर 93 हजार की चपत लगा दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि लखनऊ में रहने वाली बहन ने अपनी बेटी की शादी के लिए विज्ञापन निकलवाया था। इसी दौरान ज्ञानचंद नाम के व्यक्ति ने फोन कर बताया कि उसे बेटे के लिए मेरी भांजी पसंद है। यह भी बताया कि वह जयपुर सगाई में जा रहा है और वापस लौटने पर आगे की बात करेगा। कुछ दिनों बाद अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को थाना कोठपुतली राजस्थान का एसएसओ कुलदीप यादव बताया। कहा कि ज्ञानचंद की गाड़ी से साइकिलसवार की मौत हो गई है।
उसका भाई नावेद चार लाख रुपये मांग रहा है। इसके बाद फोन पर ज्ञानचंद ने बताया कि 30 हजार रुपये कम पड़ रहे हैं, ऐसे में उसने खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। कुछ देर बाद एसएचओ ने फिर फोन कर बताया कि सीओ नहीं मान रहे हैं और 50 हजार रुपये और लगेंगे। इस पर उसने यह रकम भी दे दी। इसके बाद फिर फोन कर बताया कि ज्ञानचंद की पत्नी की हड्डियां टूट गई हैं, ऐसे में एंबुलेंस की जरूरत है जिसके लिए 11 हजार रुपये लगेंगे। ऐसे में उसने आखिरकार 11 हजार रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। इस तरह 93 हजार रुपये हड़प लिए गए।
सजग रहें तभी होगा बचाव
एसपी क्राइम सतीश चंद्र कहते हैं कि साइबर ठगी से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि लोग खुद सावधान रहें। नौकरी के नाम पर रुपये कोई मांगे, तो समझ लीजिए कि उसकी मंशा ठीक नहीं है। आजकल ऑनलाइन रिश्तों के नाम पर भी धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। नौकरी की बात हो या मैट्रिमोनियल मामला, जब तक खुद से आश्वस्त न हो जाएं, किसी को भी रकम नहीं दें। साइबर ठग फर्जी नाम-पते व आईडी पर खाते खुलवाते हैं। ऐसे में कई बार उनका अकाउंट नंबर होने के बाद भी उन्हें ट्रेस कर पाना आसान नहीं होता। ऐसे में खुद से ही सावधान रहने की जरूरत है।
आप हुए हैं साइबर ठगी के शिकार तो हमसे साझा करें जानकारी
अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं तो कैसे हुए, ठग ने क्या कहा, उसके बाद क्या रकम वापस मिली या नहीं। यह जानकारी हमसे इस नंबर 7617566162 पर व्हाट्सएप पर साझा कर सकते हैं। हम आपसे मिली जानकारी को प्रकाशित कर अन्य लोगों को सचेत करने की कोशिश करेंगे।