Prayagraj : एयरफोर्स इंजीनियर की हत्या के 68 दिन बाद आवास में चोरी का केस दर्ज, वारंट अफसर की तहरीर पर एफआईआर
कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्रा की हत्या के 68 दिन बाद उनके घर में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरामुफ्ती पुलिस ने यह कार्रवाई सेंट्रल एयर कमांड के वारंट अफसर एडज्यूटेंट अमरपाल सिंह की तहरीर पर की है।
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कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्रा की हत्या के 68 दिन बाद उनके घर में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरामुफ्ती पुलिस ने यह कार्रवाई सेंट्रल एयर कमांड के वारंट अफसर एडज्यूटेंट अमरपाल सिंह की तहरीर पर की है। इसमें इंजीनियर के तीन हत्यारोपियों समेत कुल चार लोगों को नामजद कराया गया है। तहरीर में बताया गया है कि वायुसेना स्टेशन बमरौली के अंदर एसएन मिश्रा सरकारी आवास संख्या पी 649/01 में परिवार सहित रहते थे। 13 व 14 मार्च 2025 की मध्य रात्रि में दो व्यक्तियों ने आवास पर जाकर उनके दरवाजे को तोड़कर चोरी करने का प्रयास किया।
आवाज सुनकर उठे इंजीनियर ने शोरगुल किया तो दोनों भाग निकले। इस घटना की सूचना उन्होंने वायुसेना प्रशासन को दी थी। मामले की वायु सेना की ओर से आंतरिक जांच कराई ही जा रही थी कि 29 मार्च की भोर में फिर आरोपियों ने उनके आवास का दरवाजा काटने का प्रयास किया। इसी दौरान जब वह जाग गए तो उन्हें गोली मार दी। इस संबंध में एफआइआर दर्ज कराई जा चुकी है और विवेचना चल रही है।
इसी क्रम में पता चला कि 13 व 14 मार्च की घटना में हत्यारोपी सौरभ पासी के साथ उसका दोस्त समीर कुशवाहा भी शामिल था। इन्होंने साथ में चोरी का प्रयास किया था। घटना में अभियुक्त सौरभ पासी व उसकी मां सुनीता व पिता शिवकुमार पासी भी शामिल रहे। वायु सेना परिसर एक प्रतिबंधित क्षेत्र है, इसके बावजूद इन लोगों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए घटना को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर शुक्रवार दोपहर मामला दर्ज कर लिया गया। फिलहाल इस मामले में पुलिस अफसरों ने कुछ बताने से इन्कार कर दिया है।
तीन आरोपी जेल में, एक अन्य भी निरुद्ध
हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सौरभ व उसके माता-पिता पहले से जेल में बंद हैं। वहीं, पहले से जेल में निरुद्ध उसका भाई हनी उर्फ गौतम भी साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाया गया है। इस मामले की विवेचना की निगरानी के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी गठित की गई है। इसकी अध्यक्षता आईजी रेंज प्रयागराज कर रहे हैं, जबकि टीम में अपर पुलिस आयुक्त अपराध डाॅ. अजयपाल शर्मा व एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव भी शामिल हैं।