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65 करोड़ वसूली जनहित के कार्यों की अनदेखी
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जलकल में 65 करोड़ की वसूली, जनहित के काम एक भी नहीं कराए
महापौर ने स्थगित की बजट बैठक, जीएम पर गुस्सा
अपर नगर आयुक्त अमरेंद्र वर्मा को जलकल का जिम्मा
प्रयागराज। नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को जलकल विभाग की पुनरीक्षित बजट बैठक सोमवार को आधी अधूरी तैयारियों के साथ आए महाप्रबंधक पर नाराजगी के साथ स्थगित कर दी गई। विभाग में ठेकेदारी पद्धति समाप्त न करने, जनहित में कुशवाहा बस्ती में नलकूप की स्थापना और नैनी के चकभटाही में सीवर लाइन बिछाने में हीलाहवाली पर महापौर ने जीएम जलकल से कड़ी आपत्ति जताई।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि विभाग में वसूली 65 करोड़ हुई और 21 लाख खर्च कर जरूरत के काम नहीं कराए गए, ऐसा क्यों हुआ, मंगलवार को बैठक में जवाब के साथ आएं। वहीं जलकल विभाग में अराजकता को दूर करने के लिए जीएम के समकक्ष अपर नगर आयुक्त अमरेंद्र वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। महापौर के प्रस्ताव पर कार्यकारिणी ने इसका अनुमोदन किया।
कार्यकारिणी बैठक के दूसरे चरण में जलकल विभाग के बजट पर चर्चा होती इससे पहले अफसरों की ओर मुखातिब हुईं महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी को कक्ष में जीएम रतन लाल और एक अभियंता ही दिखे। अन्य अफसर कहां हैं, यह पूछने पर जीएम सही जवाब नहीं दे पाए। बैठक आरंभ होते ही महापौर बजट चर्चा से पहले मुंडेरा में कुशवाहा बस्ती में नलकूप स्थापना और चकभटाही में सीवर लाइन की प्रगति के बारे में जानकारी चाही। उन्हें बताया गया कि बजट की कमी से दोनों काम नहीं कराए गए। जबकि कुशवाहा बस्ती में 14 साल से लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। चकभटाही में कई हादसे हो चुके हैं।
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महापौर ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा समाप्त करें। सीवर सफाई, नलकूप संचालन जैसे कार्य डूडा से भेजे गए कर्मचारियों से ही कराए जाएं। किन मदों में कितना व्यय किया गया, इसका विवरण लेकर सभी अफसरों के साथ मंगलवार को बजट बैठक में आएं।
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महापौर ने स्थगित की बजट बैठक, जीएम पर गुस्सा
अपर नगर आयुक्त अमरेंद्र वर्मा को जलकल का जिम्मा
प्रयागराज। नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को जलकल विभाग की पुनरीक्षित बजट बैठक सोमवार को आधी अधूरी तैयारियों के साथ आए महाप्रबंधक पर नाराजगी के साथ स्थगित कर दी गई। विभाग में ठेकेदारी पद्धति समाप्त न करने, जनहित में कुशवाहा बस्ती में नलकूप की स्थापना और नैनी के चकभटाही में सीवर लाइन बिछाने में हीलाहवाली पर महापौर ने जीएम जलकल से कड़ी आपत्ति जताई।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि विभाग में वसूली 65 करोड़ हुई और 21 लाख खर्च कर जरूरत के काम नहीं कराए गए, ऐसा क्यों हुआ, मंगलवार को बैठक में जवाब के साथ आएं। वहीं जलकल विभाग में अराजकता को दूर करने के लिए जीएम के समकक्ष अपर नगर आयुक्त अमरेंद्र वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। महापौर के प्रस्ताव पर कार्यकारिणी ने इसका अनुमोदन किया।
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कार्यकारिणी बैठक के दूसरे चरण में जलकल विभाग के बजट पर चर्चा होती इससे पहले अफसरों की ओर मुखातिब हुईं महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी को कक्ष में जीएम रतन लाल और एक अभियंता ही दिखे। अन्य अफसर कहां हैं, यह पूछने पर जीएम सही जवाब नहीं दे पाए। बैठक आरंभ होते ही महापौर बजट चर्चा से पहले मुंडेरा में कुशवाहा बस्ती में नलकूप स्थापना और चकभटाही में सीवर लाइन की प्रगति के बारे में जानकारी चाही। उन्हें बताया गया कि बजट की कमी से दोनों काम नहीं कराए गए। जबकि कुशवाहा बस्ती में 14 साल से लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। चकभटाही में कई हादसे हो चुके हैं।
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महापौर ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा समाप्त करें। सीवर सफाई, नलकूप संचालन जैसे कार्य डूडा से भेजे गए कर्मचारियों से ही कराए जाएं। किन मदों में कितना व्यय किया गया, इसका विवरण लेकर सभी अफसरों के साथ मंगलवार को बजट बैठक में आएं।