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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   563 deaths from corona in 50 days, 1182 applications for death certificate

50 दिन में कोरोना से 563 मौतें, मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 1182 आवेदन

Thu, 20 May 2021 01:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 May 2021 01:05 AM IST
सार

  • नगर निगम ने जारी किए 950 मृत्यु प्रमाणपत्र, अप्रैल-मई के 232 आवेदन पत्र हैं अभी लंबित
  • ग्रामीण इलाकों में शहर के मुकाबले चार गुना अधिक मौतों के आंकड़े का अनुमान

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563 deaths from corona in 50 days, 1182 applications for death certificate
demo pic - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना संक्रमण काल के सिर्फ 50 दिनों में मौत के भयावह आंकड़ों से ज्यादा नगर निगम में आए मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन चौंका रहे हैं। अप्रैल व मई में 563 लोगों की कोविड से मौत हुई। वहीं इस अवधि में 1182 लोगों ने मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किए। यह आंकड़े सिर्फ शहरी क्षेत्र के हैं, ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा करीब चार गुना अधिक बताया जा रहा है। 

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563 deaths from corona in 50 days, 1182 applications for death certificate
मृत्यु प्रमाण पत्र - फोटो : twitter@ANI

नगर निगम में कोरोना संक्रमण काल में जान गंवाने वाले 1182 लोगों के परिजनों ने आठ जोनों में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किए। इनमें अप्रैल में ही 611 लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किए, जबकि कोरोना से 414 लोगों की मौत हुई थी। इसी तरह 19 मई की शाम तीन बजे तक मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 571 आवेदन आ चुके थे। जबकि इस अवधि में कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या 149 ही दर्ज है। नगर निगम में अप्रैल माह में 559 तथा मई माह में 391 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए। इस तरह से कुल 50 दिनों में 950 लोगों के मृत्यु प्रमाण जारी किए गए, जबकि अभी 232 आवेदन लंबित हैं। रसूलाबाद, दारागंज घाटों पर अप्रैल में सर्वाधिक दाह संस्कार शहर के रसूलाबाद और दारागंज, फाफामऊ घाटों पर अंतिम संस्कार किए जाने की व्यवस्था है।

घाटों पर दर्ज दाह संस्कार के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल महीने में सर्वाधिक दाह संस्कार किए गए। रसूलाबाद घाट पर अप्रैल और मई में प्रतिदिन औसतन 35 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसी तरह दारागंज घाट पर इस अवधि में कई दिन ऐसे रहे जब 50 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें आसपास के जिलों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी गंगा किनारे अपनों की अंत्येष्टि कराने आए लोग भी शामिल हैं। फाफामऊ घाट पर कोविड संक्रमितों का अंतिम संस्कार किए जाने की व्यवस्था है। यहां हर दिन दो से चार लोगों ने अलग घाट पर अंतिम संस्कार कराया, या फिर रोकटोक न होने के कारण शव दफन किए। 

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563 deaths from corona in 50 days, 1182 applications for death certificate
prayagraj news : Covid test - फोटो : prayagraj

घंटों किया इंतजार, जगह पड़ गई थी कम

दारागंज घाट पर गंगा किनारे गंगा पुल के नीचे अंत्येष्टि स्थल है। जगह होने के कारण यहां एक साथ पांच से छह चिताएं लगाई जाती रही हैं। लकड़ी कारोबारी बताते हैं कि एक बार में 20 तक चिताएं लगाई गईं। कपाल क्रिया करने के बाद तुरंत सफाई कर दूसरी चिता लगाने का काम कई दिनों तक चलता रहा। यही नहीं देर रात तक दाह संस्कार किए गए। वहीं रसूलाबाद घाट पर शव लेकर आए लोगों को घंटों बारी का इंतजार करना पड़ा। प्लेटफार्म कम पड़ गए तो अंत्येष्टि स्थल के नीचे कछार में एक बार में दस से अधिक दाहसंस्कार किए गए। 

प्रशासन करा रहा मौत का आडिट

कमिश्नर संजय गोयल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग मौतों का आडिट करा रहा है। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। श्मशान घाटों पर जिन शवों का दाह संस्कार किया गया, उनका विवरण एकत्र किया जा रहा है। कमेटी में कौन हैं, कब तक रिपोर्ट तैयार होगी, इस पर अफसर मौन हैं। एसीएमओ डॉ. महानंद यादव ने कहा कि मौतों के ऑडिट की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। 
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