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नहीं मिली बेल, आरबी लाल गए जेल

Mon, 15 Apr 2019 09:59 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 09:59 PM IST
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नहीं मिली बेल, आरबी लाल गए जेल
नहीं मिली बेल, आरबी लाल गए जेल
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एक्सिस बैंक घोटाले में शुआट्स के कुलपति ने किया सरेंडर
जिला जज ने खारिज की जमानत अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 22 करोड़ रुपये के एक्सिस बैंक घोटाले में आरोपी शुआट्स के कुलपति प्रो. राजेंद्र बिहारी लाल (आरबी लाल) को सोमवार को जिला अदालत ने जेल भेज दिया है। इससे पूर्व कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज दी और नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख लगाई है। तब तक आरबी लाल को नैनी जेल में रहना होगा।
सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर आरबी लाल ने सोमवार सुबह दस बजे सीजेएम की अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनकी ओर से जमानत अर्जी पेश की गई, जिसे सुनने के बाद सीजेएम ने खारिज कर दिया। इसके फौरन बाद उनके वकीलों ने जिला जज के समक्ष जमानत की अर्जी प्रस्तुत की।
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दिन में दो बजे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राममनोहर नारायण मिश्र ने जमानत पर सुनवाई शुरू की। वकीलों ने नियमित जमानत की सुनवाई पूरी होने तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की मगर अदालत इससे सहमत नहीं थी। नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख नियत करते हुए कोर्ट ने आरबी लाल को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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22 करोड़ के गबन में फंसे हैं लाल
आरबी लाल पर शुआट्स के एक्सिस बैंक खाते से 22 करोड़ रुपये गबन का आरोप है। शिकायत पर इसकी प्राथमिकी सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई। आरोप है कि खाते से बैंक कर्मियों और शुआट्स कर्मचारियों की मिलीभगत से एक मार्च 2013 से 30 नवंबर 2016 के बीच की बीच 22 करोड़ रुपये गलत तरीके से निकाले गए। घटना की एफआईआर पांच मई 2017 को दर्ज हुई थी। दौरान विवेचना आरबी लाल का नाम प्रकाश में आया है।
हाईकोर्ट, सुप्रीमकोर्ट से नहीं मिली राहत
आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आरबी लाल ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक गुहार लगाई। मगर राहत नहीं मिली। चार्जशीट रद्द करने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में 482 सीआरपीसी के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल किया जिसे हाईकोर्ट ने 15 मार्च 2019 को खारिज कर दिया। कोर्ट में इस अपराध से संबंधित सरकार बनाम राजेश कुमार आदि का मुकदमा लंबित है। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। पांच अप्रैल को सुप्रीमकोर्ट ने आरबी लाल की एसएलपी खारिज करते हुए उनको विचारण न्यायालय में सरेंडर करने का आदेश दिया।

सरकार ने किया विरोध
प्रदेश सरकार की ओर से डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट को बताया कि आरबी लाल के खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत देने से साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। आरबी लाल की ओर से फौजदारी के नामी वकील वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी के अलावा उमाशंकर तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, मनोज सिंह लोकेश, नकवी आदि ने दलीलें पेश की। कोर्ट में आरबी लाल के गंभीर रुप से बीमार रहने का तर्क दिया गया। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आरबी लाल को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान आरबी लाल के समर्थन में हाईकोर्ट से लेकर जिला न्यायालय के दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित थे।
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