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पुलिस लाइन में तैनात इंस्पैक्टर के निलंबन पर रोक
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:30 AM IST
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बरेली के ध्यानार्थ
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पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर के निलंबन पर रोक
0 पत्नी ने बरेली के इज्जतनगर थाने में दर्ज कराया है दहेज उत्पीड़न का केस
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पुलिस लाइंस इलाहाबाद में तैनात इंस्पेक्टर यतींद्र बाबू भरद्वाज के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। इंस्पेक्टर के खिलाफ उनकी पत्नी ने बरेली के इज्जतनगर थाने में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। इसमें उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। जांच लंबित रहते हुए एसएसपी इलाहाबाद ने उनको 13 जनवरी 2018 को निलंबित कर दिया था।
कोर्ट ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए याची इंस्पेक्टर को सेवा निरंतरता के साथ वेतन देने का निर्देश दिया है। याची को निर्देश दिया है कि वह विभागीय जांच में सहयोग करे। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने इंस्पेक्टर यतींद्र बाबू की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। याची की ओर से अधिवक्ता विजय गौतम ने बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि याची की शादी 25 साल पहले डॉ. सुमन से हुई थी। याची की पत्नी ने बरेली में याची के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके आधार पर याची के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। सात माह बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपपत्र पेश नहीं किया गया है। साथ ही आपराधिक मामले में हाईकोर्ट ने याची की गिरफ्तारी पर पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक रोक लगा रखी है। कोर्ट ने मुद्दे को विचारणीय माना और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर के निलंबन पर रोक
0 पत्नी ने बरेली के इज्जतनगर थाने में दर्ज कराया है दहेज उत्पीड़न का केस
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पुलिस लाइंस इलाहाबाद में तैनात इंस्पेक्टर यतींद्र बाबू भरद्वाज के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। इंस्पेक्टर के खिलाफ उनकी पत्नी ने बरेली के इज्जतनगर थाने में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। इसमें उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। जांच लंबित रहते हुए एसएसपी इलाहाबाद ने उनको 13 जनवरी 2018 को निलंबित कर दिया था।
कोर्ट ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए याची इंस्पेक्टर को सेवा निरंतरता के साथ वेतन देने का निर्देश दिया है। याची को निर्देश दिया है कि वह विभागीय जांच में सहयोग करे। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने इंस्पेक्टर यतींद्र बाबू की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। याची की ओर से अधिवक्ता विजय गौतम ने बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि याची की शादी 25 साल पहले डॉ. सुमन से हुई थी। याची की पत्नी ने बरेली में याची के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके आधार पर याची के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। सात माह बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपपत्र पेश नहीं किया गया है। साथ ही आपराधिक मामले में हाईकोर्ट ने याची की गिरफ्तारी पर पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक रोक लगा रखी है। कोर्ट ने मुद्दे को विचारणीय माना और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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