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रामजन्म भूमि
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:40 AM IST
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राम जन्मभूमि पर आतंकी हमले मामले में बहस पूरी
इलहाबाद। विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह ने राम जन्मभूमि पर आतंकी हमले मामले की सुनवाई शुक्रवार को की। कई तारीखों से चली आ रही अभियोजन की बहस पूरी हो गई है। अग्रिम नियत तिथि 23 जून को बचाव पक्ष बहस प्रस्तुत करेगा।
एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि अभियोजन की ओर से 57 गवाह और कोर्ट द्वारा तलब छह गवाह पेश किए जा चुके हैं। अभियोजन की ओर से कई तिथियों से बहस की जा रही थी जो शुक्रवार को पूरी हो गई। अब बचाव पक्ष की ओर से बहस प्रस्तुत की जानी है।
गौरतलब है कि 13 साल पूर्व पांच जुलाई 2005 को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि स्थल पर आतंकी हमला कर विस्फोट किया गया था, जिसमें सुरक्षाबलों ने पांच आतंकी हमलावरों को मौके पर ही मार गिराया था। घटना में दो नागरिकों की भी मौत हुई थी। मृतक आतंकवादियों के पास से मिले मोबाइल के सिम विवरण के आधार पर पांच आरोपी जांच विवेचना में प्रकाश में आए। आशिफ एकबाल उर्फ फारुक, मो. नसीम, मो. अजीज, शकील अहमद और डॉ. इरफान प्रकरण में आरोपी हैं, जो नैनी जेल में बंद हैं। अभियुक्तों के खिलाफ 19 अक्तूबर 2006 को जिला जज फैजाबाद द्वारा आरोप विरचित किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश से मुकदमा फैजाबाद से सुनवाई के लिए इलाहाबाद ट्रांसफर हो गया। तब से सुनवाई चल रही है। प्रकरण में सुनवाई कर रही अदालत ने दो बार निर्णय किए जाने की तिथि नियत की थी, किंतु कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य के लिए कोर्ट ने अतिरिक्त गवाहों को तलब किया, जिससे निर्णय टल गया था।
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इलहाबाद। विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह ने राम जन्मभूमि पर आतंकी हमले मामले की सुनवाई शुक्रवार को की। कई तारीखों से चली आ रही अभियोजन की बहस पूरी हो गई है। अग्रिम नियत तिथि 23 जून को बचाव पक्ष बहस प्रस्तुत करेगा।
एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि अभियोजन की ओर से 57 गवाह और कोर्ट द्वारा तलब छह गवाह पेश किए जा चुके हैं। अभियोजन की ओर से कई तिथियों से बहस की जा रही थी जो शुक्रवार को पूरी हो गई। अब बचाव पक्ष की ओर से बहस प्रस्तुत की जानी है।
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गौरतलब है कि 13 साल पूर्व पांच जुलाई 2005 को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि स्थल पर आतंकी हमला कर विस्फोट किया गया था, जिसमें सुरक्षाबलों ने पांच आतंकी हमलावरों को मौके पर ही मार गिराया था। घटना में दो नागरिकों की भी मौत हुई थी। मृतक आतंकवादियों के पास से मिले मोबाइल के सिम विवरण के आधार पर पांच आरोपी जांच विवेचना में प्रकाश में आए। आशिफ एकबाल उर्फ फारुक, मो. नसीम, मो. अजीज, शकील अहमद और डॉ. इरफान प्रकरण में आरोपी हैं, जो नैनी जेल में बंद हैं। अभियुक्तों के खिलाफ 19 अक्तूबर 2006 को जिला जज फैजाबाद द्वारा आरोप विरचित किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश से मुकदमा फैजाबाद से सुनवाई के लिए इलाहाबाद ट्रांसफर हो गया। तब से सुनवाई चल रही है। प्रकरण में सुनवाई कर रही अदालत ने दो बार निर्णय किए जाने की तिथि नियत की थी, किंतु कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य के लिए कोर्ट ने अतिरिक्त गवाहों को तलब किया, जिससे निर्णय टल गया था।
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