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नाकामी छिपाने के लिए छात्रावासों पर कार्रवाई
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नाकामी छिपाने के लिए छात्रावासों पर कार्रवाई
इविवि के छात्रनेताओं ने इविवि और जिला प्रशासन पर लगाए आरोप
प्रयागराज। पीसीबी हास्टल में पूर्व छात्र की हत्या और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद छात्रावासों पर पुलिस की छापामारी का छात्रनेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि इविवि एवं जिला प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए छात्रावासों एवं छात्रों पर कार्रवाई कर रहा है। छात्रावासों में रहने वाले आम छात्रों को परेशान किया जा रहा है। ये आरोप इविवि की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, समाजवादी युवजन सभा के राघवेंद्र यादव और आइसा की राज्य सह सचिव शिवानी मिताक्षरा ने लगाए हैं। छात्रनेताओं का कहना हे कि पुलिस छात्रावासों में जाकर छात्रों की कॉपी-किताब बाहर फेंक रही है। लैपटॉप तोड़े गए हैं। पुलिस ने जिन छात्रों के सामान बाहर फेंके हैं, उसमें बड़ी संख्या में वैध छात्र भी शामिल हैं। ऋचा ने कहा कि वह इस मामले में जनहित याचिका दाखिल करेंगी। समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस और विवि प्रशासन अपनी नाकामी छिनाने के लिए कार्रवाई कर रहा है। आइसा की राज्य सह सचिव शिवानी मिताक्षरा ने भी निंदा की है।
ऑक्टा ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के पत्र की आलोचन की
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ सेवानिवृत्त शिक्षकों की ओर से पत्र लिखने का इविवि-संघटक कॉलेज अध्यापक संघ (ऑक्टा) ने विरोध किया है। ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह और महामंत्री डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह वही शिक्षक हैं, जो विवि की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इन शिक्षकों के कारण ही विवि में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। ऑक्टा ने आरोप लगाया कि ये शिक्षक चाहते हैं कि कुलपति उनसे पूछकर काम करें, इसलिए ये कुलपति से नाराज हैं। विवि की रैंकिंग गिरने के लिए पुराने शिक्षक ही जिम्मेदार हैं, इनके चलते विवि में शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकी है। ऑक्टा इन शिक्षकों की पोल खोलने के लिए अभियान चलाएगी। प्रयाग विकास मंच की एक बैठक में विवि की खराब स्थिति के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया गया। मंच की ओर से डॉ. राजेश सिंह, डॉ. विनोद तिवारी, दीपक कुमार ने विवि के कुलपति के कार्यों का समर्थन किया।
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इविवि के छात्रनेताओं ने इविवि और जिला प्रशासन पर लगाए आरोप
प्रयागराज। पीसीबी हास्टल में पूर्व छात्र की हत्या और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद छात्रावासों पर पुलिस की छापामारी का छात्रनेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि इविवि एवं जिला प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए छात्रावासों एवं छात्रों पर कार्रवाई कर रहा है। छात्रावासों में रहने वाले आम छात्रों को परेशान किया जा रहा है। ये आरोप इविवि की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, समाजवादी युवजन सभा के राघवेंद्र यादव और आइसा की राज्य सह सचिव शिवानी मिताक्षरा ने लगाए हैं। छात्रनेताओं का कहना हे कि पुलिस छात्रावासों में जाकर छात्रों की कॉपी-किताब बाहर फेंक रही है। लैपटॉप तोड़े गए हैं। पुलिस ने जिन छात्रों के सामान बाहर फेंके हैं, उसमें बड़ी संख्या में वैध छात्र भी शामिल हैं। ऋचा ने कहा कि वह इस मामले में जनहित याचिका दाखिल करेंगी। समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस और विवि प्रशासन अपनी नाकामी छिनाने के लिए कार्रवाई कर रहा है। आइसा की राज्य सह सचिव शिवानी मिताक्षरा ने भी निंदा की है।
ऑक्टा ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के पत्र की आलोचन की
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ सेवानिवृत्त शिक्षकों की ओर से पत्र लिखने का इविवि-संघटक कॉलेज अध्यापक संघ (ऑक्टा) ने विरोध किया है। ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह और महामंत्री डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह वही शिक्षक हैं, जो विवि की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इन शिक्षकों के कारण ही विवि में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। ऑक्टा ने आरोप लगाया कि ये शिक्षक चाहते हैं कि कुलपति उनसे पूछकर काम करें, इसलिए ये कुलपति से नाराज हैं। विवि की रैंकिंग गिरने के लिए पुराने शिक्षक ही जिम्मेदार हैं, इनके चलते विवि में शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकी है। ऑक्टा इन शिक्षकों की पोल खोलने के लिए अभियान चलाएगी। प्रयाग विकास मंच की एक बैठक में विवि की खराब स्थिति के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया गया। मंच की ओर से डॉ. राजेश सिंह, डॉ. विनोद तिवारी, दीपक कुमार ने विवि के कुलपति के कार्यों का समर्थन किया।
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