प्रयागराज। कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर बुधवार को हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव समेत जिले के 22 लोगों की जान चली गई। चौबीस घंटे के भीतर इतनी बड़ी संख्या में संक्रमितों की मौत अब तक का रिकार्ड है। हालांकि इस दिन 2458 लोग संक्रमण से मुक्त भी हुए। न्यायमूर्ति का लखनऊ के एसजीपीजीआई में उपचार चल रहा था।
न्यायमूर्ति श्रीवास्तव का जन्म एक जनवरी 1962 को हुआ था। उन्होंने 1986 में विधि स्नातक व 1988 में विधि में परास्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद वकालत शुरू की और 2005 में न्यायिक सेवा में चयनित हुए। वर्ष 2016 में वे जिला जज पद पर प्रोन्नत हुए। वह 20 सितंबर 16 से 21 नवंबर 18 तक प्रमुख सचिव विधि रहे। वह 22 नवंबर 18 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2023 तक था। कोरोना संक्रमित होने के बाद न्यायमूर्ति को लखनऊ के एसजीपीजीआई ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। सेवारत न्यायमूर्ति श्रीवास्तव के निधन की खबर फैलते ही अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों में शोक व्याप्त हो गया। सोशल मीडिया में शोक प्रकट करने व श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। न्यायमूर्ति के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह जनपद महराजगंज ले जाया जा रहा है।