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Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के कार्यों में जमीन नहीं बनेगी बाधा, पैमाइश संग अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज

Sun, 11 Jun 2023 04:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 11 Jun 2023 04:02 PM IST
सार

महाकुंभ-2025 से पहले एक बार फिर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों का कायाकल्प होने जा रहा है। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। रिंग रोड, जिले में 50 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण, एक दर्जन से अधिक पुल आदि के निर्माण कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है।

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2025: Land will not become an obstacle in the works of Mahakumbh, the process of acquisition
प्रयागराज माघ मेला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ के कार्यों में जमीन बाधा नहीं बनेगी। डीएम की ओर से विभागवार मंजूर परियोजनाओं का लेआउट मंगाया गया है। इसी के साथ जमीन की पैमाइश भी शुरू कर दी गई है। इस काम में तेजी के लिए संबंधित विभाग एवं राजस्व के अफसरों की संयुक्त कमेटी गठित कर जिम्मेदारी तय की गई है।

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महाकुंभ-2025 से पहले एक बार फिर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों का कायाकल्प होने जा रहा है। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। रिंग रोड, जिले में 50 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण, एक दर्जन से अधिक पुल आदि के निर्माण कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। शहर को चारों तरफ से जोड़ने वाली रिंक रोड का काम इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है। सुलेमसराय से एयरपोर्ट, चौफटका से एयरपोर्ट के बीच फ्लाईओवर, एयरपोर्ट से कौशाम्बी समेत अनेक सड़कों का निर्माण भी जल्द शुरू होने जा रहा है।
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डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि सभी विभागों के प्रस्तावित निर्माण कार्यों का लेआउट मंगाकर अध्ययन किया जा रहा है। रिंग रोड, सुलेमसराय से एयरपोर्ट, चार पुल समेत कई निर्माण कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अन्य कार्यों के लिए भी राजस्व विभाग की टीम बनाकर पैमाइश कराई जा रही है। जल्द से जल्द संबंधित विभागों को जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।

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सेना की 540 हेक्टेयर जमीन के लिए हो चुकी है बात

विकास कार्यों के लिए सेना की 540 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसमें बढ़ोतरी संभव है। डीएम का कहना है कि सेना की जमीन लेने के लिए सहमति बन चुकी है। आगे की प्रक्रिया भी चल रही है। इसमें कोई बाधा नहीं है।

प्रमुख परियोजनाएं एवं इनकी स्थिति

  • मलाक हरहर से मम्फोर्डगंज तक छह लेन पुल एवं सड़क- पुल का काम अंतिम चरण में है और सड़क के लिए जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।
  • रिंग रोड - पहले चरण में 29.5 किमी सड़क एवं गंगा पर बनने वाले पुल के लिए 90 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।
  • संगम से अैरल तक रोपवे- इसके लिए सेना, सिंचाई विभाग की जमीन की जरूरत होगी। सहमति बन गई है।
  • सुलेमसराय से झलवा तक सड़क- जमीन की पैमाइश हो चुकी है। जल्द अधिग्रहण होगा।
  • झलवा से एयरपोर्ट - 50 फीसदी जमीन का अधिग्रहण कर काश्तकारों को भुगतान किया जा चुका है।
  • फाफामऊ में 40 नंबर गुमटी पर रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) - जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
  • सोरांव के गोहरी में आरओबी - जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
  • फाफामऊ-सहसों-हनुमानगंज में पुल - जमीन की पैमाइश एवं अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
  • पीडीए की 30 से अधिक सड़कों के लिए जमीन की पैमाइश संग ध्वस्तीकरण के लिए भवन चिह्नित।
  • भरद्वाज आश्रम, नागबासुकी, ललिता देवी मंदिर का विस्तार एवं सुंदरीकरण - जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
  • नागबासुकी से बघाड़ा व अमिताभ बच्चन पुलिया तक इंटरलॉकिंग के लिए जमीन चिह्नित।
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