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पूर्व सांसद धनंजय सिंह की सुरक्षा वापस
Updated Sat, 26 May 2018 01:48 AM IST
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह की वाई श्रेणी की सुरक्षा हटी
जमानत निरस्त कराने के लिए सरकार जलदी उठाएगी कदम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बाहुबली व पूर्व सांसद धनंजय सिंह को केंद्र सरकार से मिली ब्लैक कैट कमांडो वाली वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है। हाईकोर्ट की सख्ती को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान बताया कि कोर्ट के गंभीर रुख को देखते हुए और बाहुबली नेता के आपराधिक पृष्ठभूमि पर विचार कर उसे दी गई सुरक्षा वापस ले ली गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने भी कोर्ट को बताया कि शासन ने एसपी जौनपुर को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि इस बाहुबली पूर्व सांसद को आपराधिक मामलों में मिली जमानतें निरस्त कराने की कार्यवाही शीघ्र शुरू करें।
इस पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने जौनपुर के प्रहलाद गुप्ता की जनहित याचिका निस्तारित कर दी। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता आलोक रंजन मिश्र ने बताया कि बाहुबली व पूर्व सांसद धनंजय सिंह को कई वर्षों से वाई श्रेणी की सुरक्षा नि:शुल्क मिली थी। इसके विरुद्ध दाखिल याचिका में कहा गया था कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हत्या के सात मामलों सहित कुल 24 मुकदमे चल रहे हैं। यह भी कहा गया है की वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद भी उनके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हुए। ऐसे में आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को ब्लैक कैट कमांडो वाली उच्च स्तरीय सुरक्षा मुहैया कराना गलत है।
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जमानत निरस्त कराने के लिए सरकार जलदी उठाएगी कदम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बाहुबली व पूर्व सांसद धनंजय सिंह को केंद्र सरकार से मिली ब्लैक कैट कमांडो वाली वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है। हाईकोर्ट की सख्ती को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान बताया कि कोर्ट के गंभीर रुख को देखते हुए और बाहुबली नेता के आपराधिक पृष्ठभूमि पर विचार कर उसे दी गई सुरक्षा वापस ले ली गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने भी कोर्ट को बताया कि शासन ने एसपी जौनपुर को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि इस बाहुबली पूर्व सांसद को आपराधिक मामलों में मिली जमानतें निरस्त कराने की कार्यवाही शीघ्र शुरू करें।
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इस पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने जौनपुर के प्रहलाद गुप्ता की जनहित याचिका निस्तारित कर दी। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता आलोक रंजन मिश्र ने बताया कि बाहुबली व पूर्व सांसद धनंजय सिंह को कई वर्षों से वाई श्रेणी की सुरक्षा नि:शुल्क मिली थी। इसके विरुद्ध दाखिल याचिका में कहा गया था कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हत्या के सात मामलों सहित कुल 24 मुकदमे चल रहे हैं। यह भी कहा गया है की वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद भी उनके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हुए। ऐसे में आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को ब्लैक कैट कमांडो वाली उच्च स्तरीय सुरक्षा मुहैया कराना गलत है।
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