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पीसीएस-2011 मामले में सीबीआई ने भेजा रिमांडर
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:50 AM IST
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पीसीएस-2011 मामले में सीबीआई ने भेजा रिमाइंडर
0 चयनित अफसरों की तैनाती की कार्मिक विभाग ने नहीं दी जानकारी
0 प्रारंभिक जांच में ही सीबीआई को मिल चुके हैं गड़बड़ी के कई सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सीबीआई ने पीसीएस-2011 के चयनित अफसरों की तैनाती स्थल की जानकारी के लिए प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग को रिमाइंडर भेजा है। सीबीआई ने माह भर पहले कार्मिक विभाग से चयनित अफसरों के तैनाती स्थल के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक यह सूचना मुहैया नहीं कराई गई। जांच अटकी हुई है और इसी वजह से सीबीआई को रिमांडर जारी कर फिर से जानकारी मांगनी पड़ी।
सीबीआई पीसीएस-2015 की जांच में काफी आगे बढ़ चुकी है। इस बीच सीबीआई को पीसीएस-2011 में भी धांधली के कई सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक पीसीएस-2011 को मिली शिकायतों के आधार पर सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि स्केलिंग की आड़ में जाति विशेष के अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए और बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ। केवल स्क्रीनिंग ही नहीं, इंटरव्यू में भी मनमाने तरीके से इन अभ्यर्थियों को नंबर दिए गए। सीबीआई ने इनमें से कई अभ्यर्थियों को चिह्नित भी कर लिया है और अब इनसे पूछताछ की तैयारी में है।
इसी के मद्देनजर सीबीआई ने प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग को पत्र भेजकर इन संदिग्ध चयनित अफसरों के तैनाती स्थल के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन कार्मिक विभाग की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि कार्मिक विभाग को रिमांडर भेजा गया है, लेकिन इस पर भी अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर से सीबीआई को जांच में सहयोग न मिलने से जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। अब कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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0 चयनित अफसरों की तैनाती की कार्मिक विभाग ने नहीं दी जानकारी
0 प्रारंभिक जांच में ही सीबीआई को मिल चुके हैं गड़बड़ी के कई सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सीबीआई ने पीसीएस-2011 के चयनित अफसरों की तैनाती स्थल की जानकारी के लिए प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग को रिमाइंडर भेजा है। सीबीआई ने माह भर पहले कार्मिक विभाग से चयनित अफसरों के तैनाती स्थल के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक यह सूचना मुहैया नहीं कराई गई। जांच अटकी हुई है और इसी वजह से सीबीआई को रिमांडर जारी कर फिर से जानकारी मांगनी पड़ी।
सीबीआई पीसीएस-2015 की जांच में काफी आगे बढ़ चुकी है। इस बीच सीबीआई को पीसीएस-2011 में भी धांधली के कई सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक पीसीएस-2011 को मिली शिकायतों के आधार पर सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि स्केलिंग की आड़ में जाति विशेष के अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए और बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ। केवल स्क्रीनिंग ही नहीं, इंटरव्यू में भी मनमाने तरीके से इन अभ्यर्थियों को नंबर दिए गए। सीबीआई ने इनमें से कई अभ्यर्थियों को चिह्नित भी कर लिया है और अब इनसे पूछताछ की तैयारी में है।
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इसी के मद्देनजर सीबीआई ने प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग को पत्र भेजकर इन संदिग्ध चयनित अफसरों के तैनाती स्थल के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन कार्मिक विभाग की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि कार्मिक विभाग को रिमांडर भेजा गया है, लेकिन इस पर भी अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर से सीबीआई को जांच में सहयोग न मिलने से जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। अब कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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