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प्राथमिक विद्यालय मऊआइमा में डेढ़ माह से नहीं बन रहा भोजन
Updated Wed, 02 Aug 2017 08:22 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय मऊआइमा में डेढ़ माह से नहीं बन रहा बच्चों का भोजन
प्रधानाध्यापक, महिला रसोइया के बीच विवाद आया सामने, अपर आयुक्त से की शिकायत
प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग, अपर आयुक्त ने बीएसए को दिया जांच का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
प्राथमिक विद्यालय शेखपुर ब्लाक मऊआइमा में कार्यरत रसोइया सुमित्रा देवी को हटाने का मामला बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा। उसे हटाए जाने के कारण विद्यालय में तकरीबन डेढ़ माह से बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। बुधवार को क्षेत्रीय लोग सुमित्रा को लेकर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उनकी अनुपस्थिति में अपर आयुक्त को पत्र सौंप प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पत्र के माध्यम से सुमित्रा ने प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि बलात्कार के प्रयास में उनके खिलाफ सोरांव थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन वह जमानत पर छूट गए। उनके स्थानांतरण के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर बीएसए से जवाब मांगा गया। इसके पहले बीएसए ने उन्हें हटा दिया सो याचिका पर पैरवी छोड़ दी। बिना सुनवाई याचिका खारिज हो गई। इसके बाद बीएसए ने 26 सितंबर 2015 को पुन प्रधानाध्यापक को वापस उसी विद्यालय में भेज दिया। तब से लगातार ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक समझौता का दबाव बना रहे हैं। ऐसा न करने पर रसोई के काम से हटा दिया गया, जिसकी वजह से विद्यालय में बच्चों के लिए खाना बनना बंद हो गया।
सुमित्रा की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त ने तत्काल बीएसए संजय कुशवाहा से फोन पर बात की। इस प्रकरण समेत विद्यालय में भोजन न बनने पर नाराजगी जताई। सुमित्रा को विद्यालय से हटाए जाने का कारण भी पूछा। बीएसए ने बताया कि सुमित्रा के आरोप के बाद प्रधानाध्यापक को हटाया गया। यह मामला डीएम के संज्ञान में है। इसके बाद तीन मई को विज्ञापन निकालकर सुमित्रा के स्थान पर दूसरा रसोइया भी रखा गया लेकिन वह उसे भी भोजन नहीं बनाने दे रही। बताया कि अपर आयुक्त के निर्देश पर अब वह खुद विद्यालय जाकर मामले की जांच करेंगे।
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प्रधानाध्यापक, महिला रसोइया के बीच विवाद आया सामने, अपर आयुक्त से की शिकायत
प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग, अपर आयुक्त ने बीएसए को दिया जांच का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
प्राथमिक विद्यालय शेखपुर ब्लाक मऊआइमा में कार्यरत रसोइया सुमित्रा देवी को हटाने का मामला बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा। उसे हटाए जाने के कारण विद्यालय में तकरीबन डेढ़ माह से बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। बुधवार को क्षेत्रीय लोग सुमित्रा को लेकर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उनकी अनुपस्थिति में अपर आयुक्त को पत्र सौंप प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पत्र के माध्यम से सुमित्रा ने प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि बलात्कार के प्रयास में उनके खिलाफ सोरांव थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन वह जमानत पर छूट गए। उनके स्थानांतरण के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर बीएसए से जवाब मांगा गया। इसके पहले बीएसए ने उन्हें हटा दिया सो याचिका पर पैरवी छोड़ दी। बिना सुनवाई याचिका खारिज हो गई। इसके बाद बीएसए ने 26 सितंबर 2015 को पुन प्रधानाध्यापक को वापस उसी विद्यालय में भेज दिया। तब से लगातार ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक समझौता का दबाव बना रहे हैं। ऐसा न करने पर रसोई के काम से हटा दिया गया, जिसकी वजह से विद्यालय में बच्चों के लिए खाना बनना बंद हो गया।
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सुमित्रा की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त ने तत्काल बीएसए संजय कुशवाहा से फोन पर बात की। इस प्रकरण समेत विद्यालय में भोजन न बनने पर नाराजगी जताई। सुमित्रा को विद्यालय से हटाए जाने का कारण भी पूछा। बीएसए ने बताया कि सुमित्रा के आरोप के बाद प्रधानाध्यापक को हटाया गया। यह मामला डीएम के संज्ञान में है। इसके बाद तीन मई को विज्ञापन निकालकर सुमित्रा के स्थान पर दूसरा रसोइया भी रखा गया लेकिन वह उसे भी भोजन नहीं बनाने दे रही। बताया कि अपर आयुक्त के निर्देश पर अब वह खुद विद्यालय जाकर मामले की जांच करेंगे।
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