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एशिया के सबसे बड़े ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से 1856 किमी लंबे रूट की होगी निगरानी
Mon, 28 Dec 2020 12:43 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 28 Dec 2020 12:43 AM IST
सार
डीएफसीसी कंट्रोल रूम से जुड़ी खास बातें
- 11*5 मीटर की कुल चार अलग-अलग एलईडी स्क्रीन रहेगी कंट्रोल रूम में
- पंजाब से बंगाल तक कहां-कहां हैं गुड्स ट्रेनें सभी जानकारी रहेगी स्क्रीन पर
- कंट्रोल रूम से संबंधित रूट के हर स्टेशन, सेक्शन और सिगनल पर रहेगी नजर
- कंट्रोल रूम की विधिवत शुरूआत के बाद हर शिफ्ट में 50 से ज्यादा रहेंगे कर्मचारी
- 13,030 वर्ग मीटर का कुल निर्मित क्षेत्र, 4.20 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया।
- ट्रेन संचालन के लिए विश्व स्तर पर अपनी तरह के सबसे आधुनिक और लचीला नियंत्रण भवनों में से एक।
- सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन के साथ ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग।
- 90 मीटर से अधिक की वीडियो दीवार के साथ 1560 वर्ग मीटर का एक थियेटर है।
- अलस्टॉम द्वारा विकसित, बेंगलुरू में उनकी डिजाइन टीमों द्वारा समर्थित, यह मेक-इन-इंडिया का उदाहरण है।
ईडीएफसीसी के सात बोर्ड नियंत्रण खंड
- न्यू दानकुनी - न्यू गोमो (282 किमी, 09 स्टेशन)
- न्यू गोमो - न्यू सोननगर (258 किमी, 07 स्टेशन)
- न्यू सोननगर - न्यू डीडीयू (129 किमी, 8 स्टेशन)
- न्यू डीडीयू - न्यू भाउपुर (382 किमी, 12 स्टेशन)
- न्यू भाउपुर - न्यू खुर्जा (362 किमी, 11 स्टेशन)
- न्यू खुर्जा - न्यू पिलखनी (230 किमी, 22 स्टेशन)
- न्यू पिलखनी - न्यू चौपाल (168 किमी, 13 स्टेशन)
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prayagraj news : Operation Control Center
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
केंद्र की मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) का उद्घाटन मंगलवार 29 दिसंबर को होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज के सूबेदारगंज में बने एशिया के सबसे बड़े कंट्रोल रूम का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर डीएफसीसीआईएल के कुछ अफसर भी प्रयागराज पहुंच गए हैं। यूं तो कार्यक्रम दिल्ली में ही होना है लेकिन फिर भी सूबेदारगंज में स्थानीय स्तर की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रयागराज में बने रेलवे के डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन लिमिटेड (डीएफसीसीएल) के कंट्रोल रूम में तमाम खूबियां हैं। यह देश ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा कंट्रोल रूम है। इस कंट्रोल रूम से डीएफसीसी के पूर्वी कॉरीडोर में चलने वाली मालगाडिय़ों की निगरानी की जाएगी। इस पूरे कॉरीडोर की लंबाई 1856 किलोमीटर है। पहले इस कंट्रोल रूम का उद्घाटन इसी वर्ष 29 फरवरी को होना था लेकिन कोविड-19 की वजह से इसे टाल दिया गया। ईडीएफसीसी के मुख्य महाप्रबंधक पूर्व ओम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार को दिन में 12 बजे कंट्रोल रूम का उद्घाटन होगा।
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प्रयागराज में बने रेलवे के डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन लिमिटेड (डीएफसीसीएल) के कंट्रोल रूम में तमाम खूबियां हैं। यह देश ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा कंट्रोल रूम है। इस कंट्रोल रूम से डीएफसीसी के पूर्वी कॉरीडोर में चलने वाली मालगाडिय़ों की निगरानी की जाएगी। इस पूरे कॉरीडोर की लंबाई 1856 किलोमीटर है। पहले इस कंट्रोल रूम का उद्घाटन इसी वर्ष 29 फरवरी को होना था लेकिन कोविड-19 की वजह से इसे टाल दिया गया। ईडीएफसीसी के मुख्य महाप्रबंधक पूर्व ओम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार को दिन में 12 बजे कंट्रोल रूम का उद्घाटन होगा।
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मालगाडिय़ों के लिए अलग से एक कॉरीडोर हो रहा तैयार
दिल्ली- हावड़ा रूट पर क्षमता से अधिक ट्रेनों के संचालन की वजह से ही मालगाड़ी के लिए अलग रूट बनाया जा रहा है। 2022 तक ईस्टर्न डीएफसी का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद पंजाब के लुधियाना से लेकर पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक मालगाडियों को अलग रास्ता मिल जाएगा। ईस्टर्न डीएफसी कुल 1856 किलोमीटर है। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के पास सूबेदारगंज में मार्च 2017 में ईडीएफसी के कंट्रोल रूम का शिलान्यास हुआ था। कंट्रोल रूम में 11 गुना पांच मीटर की चार स्क्रीन लगाई गई है। इन स्क्रीन पर लुधियाना से लेकर दानकुनी के बीच चलने वाली सभी मालगाडिय़ों की स्थिति दिखाई देगी। इस कंट्रोल रूम को 75 करोड़ रुपये में तैयार करवाया गया है।
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