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बीएचयू आयुष पीजी कोर्स में प्रवेश की छूट
Updated Tue, 31 Oct 2017 08:34 PM IST
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बीएचयू में आयुष पीजी कोर्स में प्रवेश लेने की छूट
0 राष्ट्रीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिए प्रवेश लेने पर चल रही सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयुष पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा के जरिए दाखिला लेने की फिलहाल छूट दे दी है। इस पूर मामले को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटा ली है और दो सप्ताह के भीतर काउंसलिंग कर प्रवेश लेने के लिए कहा है।
याचिका दाखिल कर बीएचयू को आयुष पीजी कोर्स में अलग से परीक्षा कराकर प्रवेश लेने पर रोक लगाने की मांग की गई है। कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के जरिए ही प्रवेश लिया जाए। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल होना है। आयुष मंत्रालय को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने करने के लिए कहा है। डॉ. प्रदीप कुमार मौर्य और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ सुनवाई कर रही है।
याचिका के अनुसार आयुष मंत्रालय ने वर्ष 2017-18 में राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इसकी अधिसूचना जारी कर सभी राज्यों को पालन करने का निर्देश दिया गया। प्रवेश परीक्षा के लिए 21 जून 2017 को विज्ञापन जारी हुआ और बीएचयू ने अपने यहां 25 जून 2017 को विज्ञापन जारी कर अलग से प्रवेश परीक्षा कराई। हाईकोर्ट ने इस प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। बीएचयू का कहना है कि वह राष्ट्रीय महत्व का केंद्रीय विश्वविद्यालय है उसे अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का अधिकार है। आयुष मंत्रालय की अधिसूचना में प्राइवेट संस्थान और राज्य विश्वविद्यालयों पर रोक लगाने को कहा गया है। बीएचयू इस श्रेणी में नहीं आता है।
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0 राष्ट्रीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिए प्रवेश लेने पर चल रही सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयुष पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा के जरिए दाखिला लेने की फिलहाल छूट दे दी है। इस पूर मामले को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटा ली है और दो सप्ताह के भीतर काउंसलिंग कर प्रवेश लेने के लिए कहा है।
याचिका दाखिल कर बीएचयू को आयुष पीजी कोर्स में अलग से परीक्षा कराकर प्रवेश लेने पर रोक लगाने की मांग की गई है। कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के जरिए ही प्रवेश लिया जाए। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल होना है। आयुष मंत्रालय को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने करने के लिए कहा है। डॉ. प्रदीप कुमार मौर्य और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ सुनवाई कर रही है।
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याचिका के अनुसार आयुष मंत्रालय ने वर्ष 2017-18 में राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इसकी अधिसूचना जारी कर सभी राज्यों को पालन करने का निर्देश दिया गया। प्रवेश परीक्षा के लिए 21 जून 2017 को विज्ञापन जारी हुआ और बीएचयू ने अपने यहां 25 जून 2017 को विज्ञापन जारी कर अलग से प्रवेश परीक्षा कराई। हाईकोर्ट ने इस प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। बीएचयू का कहना है कि वह राष्ट्रीय महत्व का केंद्रीय विश्वविद्यालय है उसे अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का अधिकार है। आयुष मंत्रालय की अधिसूचना में प्राइवेट संस्थान और राज्य विश्वविद्यालयों पर रोक लगाने को कहा गया है। बीएचयू इस श्रेणी में नहीं आता है।
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