फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   261 करोउ़ रुपये के घोटाले में यूनियन बैंक निदेशक से जवाब तलब

261 करोउ़ रुपये के घोटाले में यूनियन बैंक निदेशक से जवाब तलब

Sat, 15 Jun 2019 08:08 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 08:08 PM IST
विज्ञापन
261 करोउ़ रुपये के घोटाले में यूनियन बैंक निदेशक से जवाब तलब
261 करोड़ के घोटाले में यूनियन
विज्ञापन

बैंक के निदेशक से जवाब तलब
0 आरोपी अधिकारी को दस माह से निलंबित रखने पर हाईकोर्ट ने मांगा व्यक्तिगत हलफनामा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हुए 261.37 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी अधिकारी को बिना जांच दस माह से अधिक समय से निलंबित रखने पर हाईकोर्ट ने बैंक के कार्यकारी निदेशक से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि बैंक ने अधिकारी को अब तक आरोपपत्र भी जारी नहीं किया है। उस पर क्या आरोप है तथा उसके विरुद्ध बैंक को क्या साक्ष्य मिले हैं, इसकी भी जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति में अदालत को निर्णय देने में मुश्किल होगी। बैंक अधिकारी एएम कुलश्रेष्ठ की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचिका पर अगली सुनवाई 17 जून को होगी।
याची के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडेय का कहना था कि याची के मुंबई में डिप्टी जनरल मैनेजर पद पर नियुक्ति के दौरान 261.37 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला हुआ। गलत ओवरड्राफ्ट और खाता एनपीए होने पर बैंक ने याची को निलंबित कर दिया। तब से दस माह बीत जाने के बाद भी आज तक याची के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं की गई और न ही याची के खिलाफ कोई गंभीर बात सामने आई है। याची पर लघु दंड आरोपित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें उसने अपना जवाब दाखिल किया है। मगर, बैंक से इस प्रक्रिया को पूरा करने के बजाए उसे नए सिरे से नोटिस जारी कर दिया। अधिवक्ता का कहना था कि याची 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाला है, ऐसे में उसे निलंबित रखना गैरकानूनी है।
विज्ञापन

इस मामले में यूनियन बैंक ने जवाब में कहा कि चूंकि प्रकरण में कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं तथा सभी से जवाब मांगा गया है। विजलेंस विभाग को भी प्रकरण संदर्भित किया गया कि क्या इसकी विजलेंस जांच हो सकती है। कोर्ट का कहना था कि बैंक के हलफनामे में यह नहीं बताया गया कि याची के खिलाफ क्या साक्ष्य मिले हैं। याची को अगस्त 2018 में निलंबित किया गया, तब से बैंक के पास जांच के लिए पर्याप्त समय था। सुप्रीमकोर्ट ने अजय कुमार चौधरी केस में किसी कर्मचारी को 90 दिन से अधिक निलंबित रखने को गैरकानूनी माना है। कोर्ट ने बैंक के कार्यकारी निदेशक को 17 जून तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed