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मायावती औश्र मोती सिंह पर दर्ज मुकदमों के वादी तलब
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मायावती और मोती सिंह पर दर्ज मुकदमों के वादी तलब
0 स्पेशल कोर्ट ने पूछा परिवादी के बयान के बिना क्या हो सकती है सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएल) ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और अन्य तथा वर्तमान सरकार में मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के खिलाफ दर्ज अलग अलग मुकदमों में परिवादीगण को तलब किया है। दोनों ही मामलों में अभी विचारण शुरू नहीं हुआ है और संबंधित न्यायालयों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के तहत परिवादीगण का बयान भी दर्ज नहीं किया गया। इस पर स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने परिवादियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि वह बताएं कि इस स्तर पर स्पेशलकोर्ट को सुनवाई का क्षेत्राधिकार है या नहीं। अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।
मायावती, सतीशचंद्र मिश्र, रामअचल राजभर और नसीमुद्दीन सिद्दकी आदि के खिलाफ अरविंद कुमार पांडेय ने परिवाद दर्ज कराया था कि इन लोगों ने वर्तमान सरकार में मंत्री स्वाती सिंह पत्नी दयाशंकर सिंह और उनकी नाबालिग बेटी, मां और बहन आदि के संबंध में गालीगलौज तथा असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। परिवादी अरविंद कुमार पांडेय का अभी इस मामले में बयान दर्ज नहीं है।
इसी प्रकार से मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह के खिलाफ प्रतापगढ़ की पुष्पा सिंह ने मानहानि की धारा 500 आईपीसी के तहत परिवाद दर्ज कराया है। आरोप है कि मोती सिंह की मिलीभगत से उन पर बिजली चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले में धारा 200 और 2002 के तहत अब तक बयान दर्ज नहीं हुआ है। इसमें भी कोर्ट ने परिवादी को तलब कर अपना पक्ष रखने को कहा है कि यह मुकदमा किस प्रकार से स्पेशल कोर्ट में विचारणीय है। सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
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मायावती और मोती सिंह पर दर्ज मुकदमों के वादी तलब
0 स्पेशल कोर्ट ने पूछा परिवादी के बयान के बिना क्या हो सकती है सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएल) ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और अन्य तथा वर्तमान सरकार में मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के खिलाफ दर्ज अलग अलग मुकदमों में परिवादीगण को तलब किया है। दोनों ही मामलों में अभी विचारण शुरू नहीं हुआ है और संबंधित न्यायालयों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के तहत परिवादीगण का बयान भी दर्ज नहीं किया गया। इस पर स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने परिवादियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि वह बताएं कि इस स्तर पर स्पेशलकोर्ट को सुनवाई का क्षेत्राधिकार है या नहीं। अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।
मायावती, सतीशचंद्र मिश्र, रामअचल राजभर और नसीमुद्दीन सिद्दकी आदि के खिलाफ अरविंद कुमार पांडेय ने परिवाद दर्ज कराया था कि इन लोगों ने वर्तमान सरकार में मंत्री स्वाती सिंह पत्नी दयाशंकर सिंह और उनकी नाबालिग बेटी, मां और बहन आदि के संबंध में गालीगलौज तथा असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। परिवादी अरविंद कुमार पांडेय का अभी इस मामले में बयान दर्ज नहीं है।
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इसी प्रकार से मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह के खिलाफ प्रतापगढ़ की पुष्पा सिंह ने मानहानि की धारा 500 आईपीसी के तहत परिवाद दर्ज कराया है। आरोप है कि मोती सिंह की मिलीभगत से उन पर बिजली चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले में धारा 200 और 2002 के तहत अब तक बयान दर्ज नहीं हुआ है। इसमें भी कोर्ट ने परिवादी को तलब कर अपना पक्ष रखने को कहा है कि यह मुकदमा किस प्रकार से स्पेशल कोर्ट में विचारणीय है। सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
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