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प्रयागराज कुंभपर्व में किन्नर भी शाही स्नान हुआ शामिल
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प्रयागराज कुंभपर्व में किन्नर
अखाड़े ने किया शाही स्नान
0 किन्नर आचार्य लक्ष्मीनारायण फिर बोलीं, अखाड़े का रहेगा स्वतंत्र अस्तित्व
अमर उजाला ब्यूरो
कुंभ नगर। कुंभ पर्व के पहले शाही स्नान ‘मकर संक्रांति’ पर एक और इतिहास रचा गया। पहली बार प्रयागराज कुंभपर्व में किन्नर अखाड़ा, जूना अखाड़े के शाही स्नान जुलूस में शामिल हुआ। जुलूस में जूना के बाद अग्नि, आवाहन रहा। इसके बाद जूना के माईबाड़ा की माइयां और अंत में किन्नर अखाड़ा की आचार्य और महामंडलेश्वर सहित अन्य महामंडलेश्वर शामिल हुईं। उन्होंने जूना के संतों, महंतों के साथ ही डुबकी भी लगाई।
बाद में आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा, जूना के संतों के साथ शाही स्नान में डुबकी लगाना किन्नर अखाड़े के लिए उपलब्धि है। इसके साथ ही गोस्वामी तुलसीदासजी की ओर से कही गई पंक्ति ‘देव दनुज किन्नर नर श्रेणी, सादर मज्जहिं सकल त्रिवेणी’ की परिकल्पना पुन: फलीभूत हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किन्नर अखाड़ा, बिना अखाड़ा नाम हटाए और क्षौरकर्म तथा अन्य संस्कार किए हुए ही जूना के साथ आया है और अब सभी कार्यों में उसके साथ रहेगा।
केपी ट्रस्ट की ओर से बांटी गई चाय, मठरी
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को कुंभ के पहले शाही स्नानपर्व पर संगम की ओर जाने और संगम की ओर से होकर आने वाले श्रद्धालुओं को आग्रहपूर्वक रोककर चाय बांटी गई, साथ ही नाश्ते में मठरी भी दी गई। केपी ट्रस्ट अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह की देखरेख में सुबह से लेकर देर शाम तक चले वितरण कार्यक्रम में महामंत्री एसडी कौटिल्य, संदीप श्रीवास्तव, कुलदीप नारायण श्रीवास्तव आदि शामिल थे।
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स्नानार्थियों, श्रद्धालुओं पर बरसाए फूल
कुंभ के पहले शाही स्नानपर्व मकर संक्रांति पर शासन की ओर से अखाड़ों के शाही स्नान के दौरान और संगम सहित गंगा तथा यमुना के विभिन्न घाटों पर स्नानार्थियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए। हेलीकॉप्टर जब फूल बरसाता रहा तो श्रद्धालुओं ने उसकी तस्वीरें भी उतारीं।
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अखाड़े ने किया शाही स्नान
0 किन्नर आचार्य लक्ष्मीनारायण फिर बोलीं, अखाड़े का रहेगा स्वतंत्र अस्तित्व
अमर उजाला ब्यूरो
कुंभ नगर। कुंभ पर्व के पहले शाही स्नान ‘मकर संक्रांति’ पर एक और इतिहास रचा गया। पहली बार प्रयागराज कुंभपर्व में किन्नर अखाड़ा, जूना अखाड़े के शाही स्नान जुलूस में शामिल हुआ। जुलूस में जूना के बाद अग्नि, आवाहन रहा। इसके बाद जूना के माईबाड़ा की माइयां और अंत में किन्नर अखाड़ा की आचार्य और महामंडलेश्वर सहित अन्य महामंडलेश्वर शामिल हुईं। उन्होंने जूना के संतों, महंतों के साथ ही डुबकी भी लगाई।
बाद में आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा, जूना के संतों के साथ शाही स्नान में डुबकी लगाना किन्नर अखाड़े के लिए उपलब्धि है। इसके साथ ही गोस्वामी तुलसीदासजी की ओर से कही गई पंक्ति ‘देव दनुज किन्नर नर श्रेणी, सादर मज्जहिं सकल त्रिवेणी’ की परिकल्पना पुन: फलीभूत हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किन्नर अखाड़ा, बिना अखाड़ा नाम हटाए और क्षौरकर्म तथा अन्य संस्कार किए हुए ही जूना के साथ आया है और अब सभी कार्यों में उसके साथ रहेगा।
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केपी ट्रस्ट की ओर से बांटी गई चाय, मठरी
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को कुंभ के पहले शाही स्नानपर्व पर संगम की ओर जाने और संगम की ओर से होकर आने वाले श्रद्धालुओं को आग्रहपूर्वक रोककर चाय बांटी गई, साथ ही नाश्ते में मठरी भी दी गई। केपी ट्रस्ट अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह की देखरेख में सुबह से लेकर देर शाम तक चले वितरण कार्यक्रम में महामंत्री एसडी कौटिल्य, संदीप श्रीवास्तव, कुलदीप नारायण श्रीवास्तव आदि शामिल थे।
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स्नानार्थियों, श्रद्धालुओं पर बरसाए फूल
कुंभ के पहले शाही स्नानपर्व मकर संक्रांति पर शासन की ओर से अखाड़ों के शाही स्नान के दौरान और संगम सहित गंगा तथा यमुना के विभिन्न घाटों पर स्नानार्थियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए। हेलीकॉप्टर जब फूल बरसाता रहा तो श्रद्धालुओं ने उसकी तस्वीरें भी उतारीं।