{"_id":"5c780017bdec224e364fb04a","slug":"131551368215-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी के सांसद और विधायक के खिलाफ मुकदमा खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी के सांसद और विधायक के खिलाफ मुकदमा खत्म
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी के सांसद और विधायक के खिलाफ मुकदमा खत्म
0 दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद हाईकोर्ट ने रद्द की मुकदमे की कार्रवाई
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने झांसी के सांसद चंद्रपाल यादव और गरौठा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के खिलाफ मोठ की अदालत में चल रही आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही को रद्द कर दिया है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में उनके बीच समझौता हो गया और एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा उठाने पर राजी हो गए।
सांसद और विधायक ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट करने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों ने हाईकोर्ट में 482 सीआरपीसी के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी है। याची के अधिवक्ता एके ओझा ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों ने क्रास केस दर्ज कराया था। अब उनके बीच समझौता हो गया है और मुकदमा वापस लेना चाहते हैं। इसलिए न्यायिक मजिस्ट्रेट मोठ की अदालत में चल रहा मुकदमा वापस लिया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की याचिकाएं स्वीकार कर ली है।
विज्ञापन
0 दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद हाईकोर्ट ने रद्द की मुकदमे की कार्रवाई
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने झांसी के सांसद चंद्रपाल यादव और गरौठा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के खिलाफ मोठ की अदालत में चल रही आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही को रद्द कर दिया है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में उनके बीच समझौता हो गया और एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा उठाने पर राजी हो गए।
सांसद और विधायक ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट करने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों ने हाईकोर्ट में 482 सीआरपीसी के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी है। याची के अधिवक्ता एके ओझा ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों ने क्रास केस दर्ज कराया था। अब उनके बीच समझौता हो गया है और मुकदमा वापस लेना चाहते हैं। इसलिए न्यायिक मजिस्ट्रेट मोठ की अदालत में चल रहा मुकदमा वापस लिया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की याचिकाएं स्वीकार कर ली है।
विज्ञापन