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परीक्षार्थियों को को अपने जिले में मिला सेंटर
Updated Sun, 01 Apr 2018 01:51 AM IST
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परीक्षार्थियों को अपने जिले में मिला सेंटर
प्रतियोगियों की मांग पर यूपीपीएससी ने पांच साल बाद बदली व्यवस्था
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा के अभ्यर्थियों को दी गई बड़ी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2017 में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने केंद्र आवंटन की पांच साल पुरानी व्यवस्था को बदलने हुए परीक्षार्थियों को उन्हीं के जिले में सेंटर आवंटित किया है। इससे प्रतियोगी काफी खुश है। अब उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे जिले में ठहरने या दूसरी व्यवस्था के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
वर्ष 2012 से पहले पूर्व आयोग में सेल्फ सेंटर की व्यवस्था थी लेकिन पूर्व सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया और अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने लगे। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने काफी विरोध किया और लगातार मांग करते रहे कि पूर्व की भांति अभ्यर्थियों को उन्हीं के जिलों में केंद्र आवंटित किए जाएं। अभ्यर्थियों का कहना था कि दूसरे जिले में केंद्र आवंटित किए जाने से काफी दिक्कत होती है। किराया-भाड़ा खर्च करके जाना पड़ता है। वहां होटल या धर्मशाला में रुकने के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है। भोजन आदि पर भी काफी खर्च हो जाता है। अगर साल में पांच परीक्षाएं भी दीं तो इन पर हजारों रुपये खर्च हो जाते थे। इलाहाबाद के अभ्यर्थियों को अमूमन लखनऊ या कानपुर भेजा जाता था और वहां केंद्र खाली न होने पर आगरा, मथुरा जैसे दूर-दराज के जिलों में भेज दिया जाता था।
अभ्यर्थियों की इस समस्या को देखते हुए इस बार आयोग ने परीक्षार्थियों को उन्हीं जिलों में सेंटर आवंटित किए हैं, जहां प्रतियोगियों ने फॉर्म में अपने निवास का पता भरा था। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि प्रयास यहीं किया गया है कि अभ्यर्थियों ने फॉर्म में जहां अपने निवास का पता भरा था, वहीं सेंटर आवंटित किया गया है। जहां केंद्रों की संख्या कम है, वहां अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है लेकिन ऐसे मामले बहुत कम हैं। उनके मुताबिक परीक्षा के लिए प्रदेश के 21 जिलों में केंद्र बनाए गए हैं। उधर, प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने नई व्यवस्था का स्वागत किया है। इस मुद्दे पर समिति लगातार आंदोलन कर रही थी और आखिर उसे सफलता मिली।
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परीक्षार्थियों को अपने जिले में मिला सेंटर
प्रतियोगियों की मांग पर यूपीपीएससी ने पांच साल बाद बदली व्यवस्था
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा के अभ्यर्थियों को दी गई बड़ी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2017 में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने केंद्र आवंटन की पांच साल पुरानी व्यवस्था को बदलने हुए परीक्षार्थियों को उन्हीं के जिले में सेंटर आवंटित किया है। इससे प्रतियोगी काफी खुश है। अब उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे जिले में ठहरने या दूसरी व्यवस्था के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
वर्ष 2012 से पहले पूर्व आयोग में सेल्फ सेंटर की व्यवस्था थी लेकिन पूर्व सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया और अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने लगे। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने काफी विरोध किया और लगातार मांग करते रहे कि पूर्व की भांति अभ्यर्थियों को उन्हीं के जिलों में केंद्र आवंटित किए जाएं। अभ्यर्थियों का कहना था कि दूसरे जिले में केंद्र आवंटित किए जाने से काफी दिक्कत होती है। किराया-भाड़ा खर्च करके जाना पड़ता है। वहां होटल या धर्मशाला में रुकने के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है। भोजन आदि पर भी काफी खर्च हो जाता है। अगर साल में पांच परीक्षाएं भी दीं तो इन पर हजारों रुपये खर्च हो जाते थे। इलाहाबाद के अभ्यर्थियों को अमूमन लखनऊ या कानपुर भेजा जाता था और वहां केंद्र खाली न होने पर आगरा, मथुरा जैसे दूर-दराज के जिलों में भेज दिया जाता था।
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अभ्यर्थियों की इस समस्या को देखते हुए इस बार आयोग ने परीक्षार्थियों को उन्हीं जिलों में सेंटर आवंटित किए हैं, जहां प्रतियोगियों ने फॉर्म में अपने निवास का पता भरा था। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि प्रयास यहीं किया गया है कि अभ्यर्थियों ने फॉर्म में जहां अपने निवास का पता भरा था, वहीं सेंटर आवंटित किया गया है। जहां केंद्रों की संख्या कम है, वहां अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है लेकिन ऐसे मामले बहुत कम हैं। उनके मुताबिक परीक्षा के लिए प्रदेश के 21 जिलों में केंद्र बनाए गए हैं। उधर, प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने नई व्यवस्था का स्वागत किया है। इस मुद्दे पर समिति लगातार आंदोलन कर रही थी और आखिर उसे सफलता मिली।
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