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साल भर से अधर में लटके 85 प्रधानमंत्री आवास
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जिले के 85 लाभार्थियों के प्रधानमंत्री आवास साल भर से अधर में लटके हैं। दूसरी व तीसरी किस्त का नहीं मिलने से इन आवासों का निर्माण अधूरे में पड़ा है। इनमें से दस लाभार्थियों की पहली किस्त मिलने के बाद मौत हो चुकी है तो 14 का निर्माण तालाबी भूमि पर हो रहा है। इन लाभार्थियों की पहली किस्त खर्च होने के बाद महकमे के जिम्मेदार समस्या का निराकरण भी नही कर पा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले भर के पात्रों को सात हजार से अधिक पीएम आवास आवंटित किया गए थे। इन लाभार्थियों के खाते में आवास की पहली किस्त भेजकर दनादन निर्माण शुरू कराया गया। पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थियों ने निर्माण कराकर दूसरी किस्त की दरकार संबंधित ब्लॉकों में की। इनमें से 85 लाभार्थियों को दूसरी किस्त साल भर बाद भी नहीं मिल सकी। पहली किस्त मिलने के बाद लंबा समय बीत गया और दस दस लाभार्थियों की मौत हो गई। इसके अलावा जांच के दौरान 14 लाभार्थियों के आवास तालाबी भूमि पर बनते पाए गए जिसे रुकवा दिया गया। अब पहली किस्त खर्च होने के बाद 24 आवासों की गुत्थी में महकमे के अफसर साल भर से उलझे हुए हैं। इसके अलावा 61 आवास किस्त न मिलने से अधर में लटके हुए हैं। मामले की जानकारी परियोजना निदेशक ने सीडीओ व डीएम को दे रखी है। बावजूद इसके 61 आवासों की किस्त लाभार्थियों के खाते में नहीं पहुंच सकी और 24 आवासों का मामला निस्तारित नहीं हो सका।
वित्तीय वर्ष 2017-18 के 85 आवासों का निर्माण अधर में है। इनमें से दस लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। 14 का निर्माण तालाब की भूमि पर पाया गया है। शासन से किस्त मिलने के बाद सभी आवासों की समस्या को हल करते हुए निर्माण पूरा करा दिया जाएगा।
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राजेश कुमार मिश्र, पीडी-डीआरडीए
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वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले भर के पात्रों को सात हजार से अधिक पीएम आवास आवंटित किया गए थे। इन लाभार्थियों के खाते में आवास की पहली किस्त भेजकर दनादन निर्माण शुरू कराया गया। पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थियों ने निर्माण कराकर दूसरी किस्त की दरकार संबंधित ब्लॉकों में की। इनमें से 85 लाभार्थियों को दूसरी किस्त साल भर बाद भी नहीं मिल सकी। पहली किस्त मिलने के बाद लंबा समय बीत गया और दस दस लाभार्थियों की मौत हो गई। इसके अलावा जांच के दौरान 14 लाभार्थियों के आवास तालाबी भूमि पर बनते पाए गए जिसे रुकवा दिया गया। अब पहली किस्त खर्च होने के बाद 24 आवासों की गुत्थी में महकमे के अफसर साल भर से उलझे हुए हैं। इसके अलावा 61 आवास किस्त न मिलने से अधर में लटके हुए हैं। मामले की जानकारी परियोजना निदेशक ने सीडीओ व डीएम को दे रखी है। बावजूद इसके 61 आवासों की किस्त लाभार्थियों के खाते में नहीं पहुंच सकी और 24 आवासों का मामला निस्तारित नहीं हो सका।
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वित्तीय वर्ष 2017-18 के 85 आवासों का निर्माण अधर में है। इनमें से दस लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। 14 का निर्माण तालाब की भूमि पर पाया गया है। शासन से किस्त मिलने के बाद सभी आवासों की समस्या को हल करते हुए निर्माण पूरा करा दिया जाएगा।
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राजेश कुमार मिश्र, पीडी-डीआरडीए