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दीक्षांत समारोह से संबंधित खबरें
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117 medals distributed at convocation, 1.25 million titles
- फोटो : CITY DESK
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दीक्षांत समारोह में बंटे 117 मेडल, सवा लाख उपाधियां
अतुल को कुलाधिपति और प्रिया सिंह को मिला कुलपति स्वर्ण पदक
प्रिया सिंह और अभय सिंह को दिए गए एक-एक दानदाता स्वर्ण पदक
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सोमवार को छात्र-छात्राओं को 117 मेडल और सवा लाख उपाधियां बांटी गईं। हालांकि उपाधियां देने की सिर्फ घोषणा की गई। छात्र-छात्राओं को मंच पर आने का मौका नहीं मिला लेकिन मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाया गया और राज्यपाल एवं समारोह की सभापति आनंदी बेन पटेल ने अपने हाथों से मेधावियों को पदक बांटे।
नैनी सरस्वती हाईटेक सिटी स्थित विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर में आयोजित समारोह के दौरान कुल एक लाख 25 हजार 310 उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक की एक लाख 14 हजार 30 और स्नातक की 11 हजार 280 उपाधियां शामिल हैं। अतुल सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ शारीरिक शिक्षा स्नातक में सर्वोच्च अंक हासिल करने के लिए भी स्वर्ण पदक दिया गया। प्रिया सिंह चंदेल को समस्त विषय ज्ञान, खेलकूद एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कुलपति स्वर्ण पदक समेत कुल तीन गोल्ड मेडल मिले। यूनाइटेड में प्रबंधन स्नातक की छात्रा प्रिया को सर्वोच्च अंक पाने के लिए स्वर्ण पदक मिला। साथ ही शिवराम दास गुलाटी दानदाता स्वर्ण पदक भी दिया गया।
वहीं, अभय सिंह को कंप्यूटर एप्लीकेशन स्नातक में सर्वाधिक अंक पाने के लिए स्वर्ण पदक के साथ राम लुभाई गुलाटी दानदाता स्वर्ण पदक भी दिया गया। इससे पूर्व कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाईं। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नैतिकता, दया, करुण जैसे गुणों के साथ आगे बढ़ें। लक्ष्य स्पष्ट हो और उसकी प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने उच्च शिक्षा को प्रभाव औजार के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में न्यामूर्ति यतींद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संचालन उप कुलसचिव दीप्ति मिश्रा ने किया।
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रज्जू भइया की तरह बनें जिज्ञासू
दीक्षांत समारोह में बोले न्यायमूर्ति यतींद्र सिंह
प्रयागराज। दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल न्यायमूर्ति यतींद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रज्जू भइया की तरह जिज्ञासू बनें और अपने व्यक्तित्व को निखारें।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) के भतीजे न्यामूर्ति यतींद्र सिंह कहा कि अपने व्यकित्व को इतना निखाने कि जब ईश्वर आपके भाग्य का निर्धारण कर रहा हो तो वह अपने पूछे कि क्या चाहते हैं। आने वाले समय में पढ़ाई से ज्यादा महत्वपूर्ण आपका नजरिया होगा। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि 21 सितंबर 1995 को जब पूरे देश में भगवान गणेश दूध पी रहे थे, तब प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) ने कहा था कि जिस देश में बच्चे दूध की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं, वहां का भगवान इतना क्रूर कैसे हो सकता है। उस वक्त प्रो. राजेंद्र सिंह ने इसकी वैज्ञानिक व्याख्या भी की थी और बताया था कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है।
नहीं आ सके उच्च शिक्षा मंत्री
- दीक्षांत समारोह में यूपी के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं आ सके। उनकी अनुपस्थिति में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने उनका अभिनंदन पत्र पढ़ा और उनके प्रतिनिधि के रूप में रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिह्न प्राप्त किया।
बच्चों को बांटे स्कूल बैग, फलों की टोकरी
- दीक्षांत समारोह के दौरान महेश्वरी प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज, आलमचवंद, कौशांबी के कक्षा छह, सात एवं आठ के बच्चों को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने स्कूल बैक एवं फलों की टोकरी वितरित की। स्कूल बैग में ज्ञानवर्धक कहानी की पुस्तकें भी रखी गईं थीं।
राज्यपाल ने गिफ्ट में मिले फल बच्चों को बांटे
- राज्यपाल के स्वागत में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें फलों की टोकरी और पुस्तकें दी गईं। समारोह के दौरान ही राज्यपाल ने दो बच्चों को अपने पास बुलाया और उन्हें फलों की टोकरी दे दी। राज्यपाल ने कहा कि इनकी जरूरत बच्चों को है। उन्होंने बताया कि वह जिस समारोह में जाती हैं, वहां गिफ्ट के रूप में केवल पुस्तकें लेती हैं और बाद में जरूरतमंद बच्चों को ज्ञानवर्धक पुस्तकेें सौंप देती हैं।
केपी उच्च शिक्षा संस्थान के खाते में आए 13 मेडल
- विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में केपी उच्च शिक्षा संस्थान का दबदबा रहा। महाविद्यालय के विभिन्न शाखाओं के 13 मेधावियों को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मेडल प्रदान किए। इनमें से छह विद्यार्थियों को स्वर्ण, तीन को रजत एवं चार विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान किए गए।
विप्रो में नौकरी कर रहे अभय सिंह
दो स्वर्ण पदक पाने अभय सिंह युनाइटेड से बीसीए का कोर्स पूरा करने के बाद वर्तमान में विप्रो में प्रोजेक्ट इंजीनियर के पद पर नौकरी कर रहे हैं। विप्रो की ओर से उन्हें बिट्स पिलानी से एमटेक कराया जाएगा। वह दो भाइयों में छोटे हैं। बड़े भाई अविनाश कुमार सिंह भी विप्रो में प्रोजेक्ट इंजीनियर हैं। उन्हें भी व्रिपो की ओर से एमटेक की पढ़ाई करने का मौका दिया जाएगा। मूलत: करमेलगंज देवरिया के रहने वाले अभय के पिता अवधेश सिंह मनेरगा में तकनीकी सहायक हैं और मां वंदना सिंह गृहणी हैं। अभय यहां झूंसी में अपने मामा वीपी सिंह के घर पर रहकर पढ़े। उनके मामा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में अनुसचिव के पद पर कार्यरत हैं। अभय ने हाईस्कूल, इंटर की पढ़ाई एवाईटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवरिया से की थी।
आईपीएस अफसर बनना चाहती हैं प्रिया
कुलपति स्वर्ण पदक समेत तीन मेडल पाने वाली प्रबंधन की छात्रा प्रिया सिंह चंदेल सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर आईपीएफ अफसर बनना चाहती हैं। प्रिया की मां ललिता सिंह चंदेल आशा ज्योति केंद्र में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं जबकि पिता अरिवंद सिंह चंदेल अब इस दुनिया में नहीं हैं। मूलत: कल्याणपुर, कानपुर की रहने वाली प्रिया सिंह चंदेल यहां कैंट के सदर बाजार इलाके में रहती हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई वाईएमसीए स्कूल से की है।
पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी अव्वल हैं अतुल
- कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ दो गोल्ड मेडल पाने वाले शारीरिक शिक्षा के छात्र अतुल कुमार सिंह खेलकूद में भी अव्वल हैं। वह वॉलीबाल के खिलाड़ी हैं और हाल ही में इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में भी उन्होंने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। यशोदा नंदन हरिवंश महाविद्यालय प्रतापगढ़ से शारीरिक शिक्षा में स्नातक की पढ़ाई करने वाले अतुल ने हाईस्कूल उदईशाहपुर, अमरगढ़ प्रतापगढ़ और इंटरमीडएट राष्ट्रीय इंटर कॉलेज सुजानगंज जौनपुर से किया। अतुल ने जहां से स्नातक की पढ़ाई की, उसी कॉलेज में उनके पिता राकेश कुमार सिंह शारीरिक शिक्षा के शिक्षक हैं जबकि मां नीलम सिंह प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं।
राज्य विवि में जारी रहा शिक्षकों का अनशन
- प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के शिक्षकों का क्रमिक अनशन सोमवार को भी जारी रहा। धारा 144 लागू के कारण अनशन में केवल ख्वाजा शमशाद अहमद एवं डॉ. दीपक शुक्ला मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 95 फीसदी कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी तरीके से की गई है। बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे में दीक्षांत समारोह का कोई औचित्य नहीं। पहले व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में मेडल पाने वालों की सूची
समारोह में पाठ्यक्रमवार क्रमश: स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक पाने वालों के नाम इस प्रकार हैं: हिंदी स्नातकोत्तर-रीना मौर्या, रीना मौर्या, रेनू पटेल। संस्कृत स्नातकोत्तर-रंजना द्विवेदी, आराधना कुशवाहा, प्रियंका सिंह। अंग्रेजी स्नातकोत्तर-वैष्णवी हेम, प्रेरणा पांडेय, सौम्या पांडेय। उर्दू स्नातकोत्तर-सायमा नाज, ऐमान मुनावर, मोहम्मद इश्तियाक। समाजशास्त्र स्नातकोत्तर-शालू अरोड़ा, कुमार प्रदीप, रिमझिम अस्थाना। समाजकार्य स्नातकोत्तर-आशीषा कुमार मौर्या, आरती सिंह, तमन्ना कुशवाहा। राजनीतिशास्त्र स्नातकोत्तर-नेह यादव, वैष्णवी जौहरी, शिवेंद्र कुमार। अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर-अखिलेश, रचित भार्गव, मंजू शुक्ला। दर्शनशास्त्र स्नातकोत्तर-मुक्ति मिश्रा, संजीव सिंह, विनय कुमार गुप्ता। शिक्षाशास्त्र स्नातकोत्तर-अनीता पांडेय, शैलजा आंनद श्रीवास्तव, पूनम कुमारी/शना आखिर। भूगोल स्नातकोत्तर-दिव्य प्रभात शुक्ला, अनिल कुमार, जीनत बानो। प्राचीन इतिहास स्नातकोत्तर-सतेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, किशन लाल यादव। मध्यकालीन इतिहास स्नातकोत्तर-अर्चना मिश्रा, साधना सिंह, गुंजन सिंह। गृह विज्ञान स्नातकोत्तर- कंचन शुक्ला, जयंती तिवारी, ममता मिश्रा। भौतिक विज्ञान स्नातकोत्तर- गौरव जायसवाल, मुनीफा तनवरी, हिमांशी पांडेय। रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर-पूनम वर्मा, श्रेया श्रीवास्तव, शशांक द्विवेदी। गणित स्नातकोत्तर-सोनल विश्वकर्मा, श्वेता शांति प्रिया, प्रिया द्विवेदी। वनस्पति विज्ञान स्नातकोत्तर-दीक्षा सिह, मोहिनी सिंह, प्रियंका पांडेय। जंतु विज्ञान स्नातकोत्तर-रिचा सिंह, आफरीन अनवर, वैशाली सिंह। वाणिज्य स्नातकोत्तर-नमिता सिंह, मनाली सिन्हा, कृतिका सिंह। एमएड स्नातकोत्तर-प्रतिभा मिश्रा, गौरव सिंह, निहारिका ओझा। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान स्नातकोत्तर-स्वाति सिंह, शालिनी तिवारी, शिखा तिवारी। कृषि प्रसार स्नातकोत्तर-अनूप कुमार, सुजीत कुमार, सूरज कुमार सरोज। उद्यान विज्ञान स्नातकोत्तर-संतोष कुमार, नीलेश कुमार सिंह, उमेश चौधरी। कृषि अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर-चंद्रिल श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, राम सिंह। आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन स्नातकोत्तर-अनुराग कुमार सिंह, विनीत कुमार, सुजीत कुमार यादव। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन स्नातकोत्तर-अंबरीश शुक्ला, विपुल कुमार शुक्ला, जाविद अली। कला स्नातक-कविता चौरसिया, कविता चौरसिया, रैना सिंह, मनीषा पटेल/मोनिका पाल। विज्ञान स्नातक-जया पांडेय, श्रद्धा शुक्ला, सुरेंद्र प्रताप। वाणिज्य स्नातक-रेनू सिंह, श्रद्धा विश्वकर्मा, जूही पांडेय। जैव तकनीकी विज्ञान स्नातक- सोनालिका गुप्ता, मोनालिका गुप्ता, हर्ष विक्रम सिंह। बीएड-चेतन शर्मा, सत्या पांडेय, राहुल सिंह। विधि स्नातक-रिचा कटारिया, आयुष सिंह, राहिला सिकंदर। शारीरिक शिक्षा स्नातक- अतुल कुमार सिंह, शिल्पा सिंह, मीना सिंह। व्यावसायिक प्रबंधकीय स्नातक-प्रिया सिंह चंदेल, अभिषेक केसरवानी, सृष्टि मेहरोत्रा। कंप्यूटर एप्लीकेशन स्नातक-अभय सिंह, अविनाश कुमार सिंह, युसरा फैज। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान स्नातक-विद्यांशी, आकांक्षा तिवारी, काम्या त्रिपाठी।
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अतुल को कुलाधिपति और प्रिया सिंह को मिला कुलपति स्वर्ण पदक
प्रिया सिंह और अभय सिंह को दिए गए एक-एक दानदाता स्वर्ण पदक
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सोमवार को छात्र-छात्राओं को 117 मेडल और सवा लाख उपाधियां बांटी गईं। हालांकि उपाधियां देने की सिर्फ घोषणा की गई। छात्र-छात्राओं को मंच पर आने का मौका नहीं मिला लेकिन मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाया गया और राज्यपाल एवं समारोह की सभापति आनंदी बेन पटेल ने अपने हाथों से मेधावियों को पदक बांटे।
नैनी सरस्वती हाईटेक सिटी स्थित विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर में आयोजित समारोह के दौरान कुल एक लाख 25 हजार 310 उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक की एक लाख 14 हजार 30 और स्नातक की 11 हजार 280 उपाधियां शामिल हैं। अतुल सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ शारीरिक शिक्षा स्नातक में सर्वोच्च अंक हासिल करने के लिए भी स्वर्ण पदक दिया गया। प्रिया सिंह चंदेल को समस्त विषय ज्ञान, खेलकूद एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कुलपति स्वर्ण पदक समेत कुल तीन गोल्ड मेडल मिले। यूनाइटेड में प्रबंधन स्नातक की छात्रा प्रिया को सर्वोच्च अंक पाने के लिए स्वर्ण पदक मिला। साथ ही शिवराम दास गुलाटी दानदाता स्वर्ण पदक भी दिया गया।
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वहीं, अभय सिंह को कंप्यूटर एप्लीकेशन स्नातक में सर्वाधिक अंक पाने के लिए स्वर्ण पदक के साथ राम लुभाई गुलाटी दानदाता स्वर्ण पदक भी दिया गया। इससे पूर्व कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाईं। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नैतिकता, दया, करुण जैसे गुणों के साथ आगे बढ़ें। लक्ष्य स्पष्ट हो और उसकी प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने उच्च शिक्षा को प्रभाव औजार के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में न्यामूर्ति यतींद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संचालन उप कुलसचिव दीप्ति मिश्रा ने किया।
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रज्जू भइया की तरह बनें जिज्ञासू
दीक्षांत समारोह में बोले न्यायमूर्ति यतींद्र सिंह
प्रयागराज। दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल न्यायमूर्ति यतींद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रज्जू भइया की तरह जिज्ञासू बनें और अपने व्यक्तित्व को निखारें।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) के भतीजे न्यामूर्ति यतींद्र सिंह कहा कि अपने व्यकित्व को इतना निखाने कि जब ईश्वर आपके भाग्य का निर्धारण कर रहा हो तो वह अपने पूछे कि क्या चाहते हैं। आने वाले समय में पढ़ाई से ज्यादा महत्वपूर्ण आपका नजरिया होगा। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि 21 सितंबर 1995 को जब पूरे देश में भगवान गणेश दूध पी रहे थे, तब प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) ने कहा था कि जिस देश में बच्चे दूध की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं, वहां का भगवान इतना क्रूर कैसे हो सकता है। उस वक्त प्रो. राजेंद्र सिंह ने इसकी वैज्ञानिक व्याख्या भी की थी और बताया था कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है।
नहीं आ सके उच्च शिक्षा मंत्री
- दीक्षांत समारोह में यूपी के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं आ सके। उनकी अनुपस्थिति में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने उनका अभिनंदन पत्र पढ़ा और उनके प्रतिनिधि के रूप में रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिह्न प्राप्त किया।
बच्चों को बांटे स्कूल बैग, फलों की टोकरी
- दीक्षांत समारोह के दौरान महेश्वरी प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज, आलमचवंद, कौशांबी के कक्षा छह, सात एवं आठ के बच्चों को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने स्कूल बैक एवं फलों की टोकरी वितरित की। स्कूल बैग में ज्ञानवर्धक कहानी की पुस्तकें भी रखी गईं थीं।
राज्यपाल ने गिफ्ट में मिले फल बच्चों को बांटे
- राज्यपाल के स्वागत में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें फलों की टोकरी और पुस्तकें दी गईं। समारोह के दौरान ही राज्यपाल ने दो बच्चों को अपने पास बुलाया और उन्हें फलों की टोकरी दे दी। राज्यपाल ने कहा कि इनकी जरूरत बच्चों को है। उन्होंने बताया कि वह जिस समारोह में जाती हैं, वहां गिफ्ट के रूप में केवल पुस्तकें लेती हैं और बाद में जरूरतमंद बच्चों को ज्ञानवर्धक पुस्तकेें सौंप देती हैं।
केपी उच्च शिक्षा संस्थान के खाते में आए 13 मेडल
- विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में केपी उच्च शिक्षा संस्थान का दबदबा रहा। महाविद्यालय के विभिन्न शाखाओं के 13 मेधावियों को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मेडल प्रदान किए। इनमें से छह विद्यार्थियों को स्वर्ण, तीन को रजत एवं चार विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान किए गए।
विप्रो में नौकरी कर रहे अभय सिंह
दो स्वर्ण पदक पाने अभय सिंह युनाइटेड से बीसीए का कोर्स पूरा करने के बाद वर्तमान में विप्रो में प्रोजेक्ट इंजीनियर के पद पर नौकरी कर रहे हैं। विप्रो की ओर से उन्हें बिट्स पिलानी से एमटेक कराया जाएगा। वह दो भाइयों में छोटे हैं। बड़े भाई अविनाश कुमार सिंह भी विप्रो में प्रोजेक्ट इंजीनियर हैं। उन्हें भी व्रिपो की ओर से एमटेक की पढ़ाई करने का मौका दिया जाएगा। मूलत: करमेलगंज देवरिया के रहने वाले अभय के पिता अवधेश सिंह मनेरगा में तकनीकी सहायक हैं और मां वंदना सिंह गृहणी हैं। अभय यहां झूंसी में अपने मामा वीपी सिंह के घर पर रहकर पढ़े। उनके मामा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में अनुसचिव के पद पर कार्यरत हैं। अभय ने हाईस्कूल, इंटर की पढ़ाई एवाईटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवरिया से की थी।
आईपीएस अफसर बनना चाहती हैं प्रिया
कुलपति स्वर्ण पदक समेत तीन मेडल पाने वाली प्रबंधन की छात्रा प्रिया सिंह चंदेल सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर आईपीएफ अफसर बनना चाहती हैं। प्रिया की मां ललिता सिंह चंदेल आशा ज्योति केंद्र में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं जबकि पिता अरिवंद सिंह चंदेल अब इस दुनिया में नहीं हैं। मूलत: कल्याणपुर, कानपुर की रहने वाली प्रिया सिंह चंदेल यहां कैंट के सदर बाजार इलाके में रहती हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई वाईएमसीए स्कूल से की है।
पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी अव्वल हैं अतुल
- कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ दो गोल्ड मेडल पाने वाले शारीरिक शिक्षा के छात्र अतुल कुमार सिंह खेलकूद में भी अव्वल हैं। वह वॉलीबाल के खिलाड़ी हैं और हाल ही में इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में भी उन्होंने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। यशोदा नंदन हरिवंश महाविद्यालय प्रतापगढ़ से शारीरिक शिक्षा में स्नातक की पढ़ाई करने वाले अतुल ने हाईस्कूल उदईशाहपुर, अमरगढ़ प्रतापगढ़ और इंटरमीडएट राष्ट्रीय इंटर कॉलेज सुजानगंज जौनपुर से किया। अतुल ने जहां से स्नातक की पढ़ाई की, उसी कॉलेज में उनके पिता राकेश कुमार सिंह शारीरिक शिक्षा के शिक्षक हैं जबकि मां नीलम सिंह प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं।
राज्य विवि में जारी रहा शिक्षकों का अनशन
- प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के शिक्षकों का क्रमिक अनशन सोमवार को भी जारी रहा। धारा 144 लागू के कारण अनशन में केवल ख्वाजा शमशाद अहमद एवं डॉ. दीपक शुक्ला मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 95 फीसदी कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी तरीके से की गई है। बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे में दीक्षांत समारोह का कोई औचित्य नहीं। पहले व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में मेडल पाने वालों की सूची
समारोह में पाठ्यक्रमवार क्रमश: स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक पाने वालों के नाम इस प्रकार हैं: हिंदी स्नातकोत्तर-रीना मौर्या, रीना मौर्या, रेनू पटेल। संस्कृत स्नातकोत्तर-रंजना द्विवेदी, आराधना कुशवाहा, प्रियंका सिंह। अंग्रेजी स्नातकोत्तर-वैष्णवी हेम, प्रेरणा पांडेय, सौम्या पांडेय। उर्दू स्नातकोत्तर-सायमा नाज, ऐमान मुनावर, मोहम्मद इश्तियाक। समाजशास्त्र स्नातकोत्तर-शालू अरोड़ा, कुमार प्रदीप, रिमझिम अस्थाना। समाजकार्य स्नातकोत्तर-आशीषा कुमार मौर्या, आरती सिंह, तमन्ना कुशवाहा। राजनीतिशास्त्र स्नातकोत्तर-नेह यादव, वैष्णवी जौहरी, शिवेंद्र कुमार। अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर-अखिलेश, रचित भार्गव, मंजू शुक्ला। दर्शनशास्त्र स्नातकोत्तर-मुक्ति मिश्रा, संजीव सिंह, विनय कुमार गुप्ता। शिक्षाशास्त्र स्नातकोत्तर-अनीता पांडेय, शैलजा आंनद श्रीवास्तव, पूनम कुमारी/शना आखिर। भूगोल स्नातकोत्तर-दिव्य प्रभात शुक्ला, अनिल कुमार, जीनत बानो। प्राचीन इतिहास स्नातकोत्तर-सतेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, किशन लाल यादव। मध्यकालीन इतिहास स्नातकोत्तर-अर्चना मिश्रा, साधना सिंह, गुंजन सिंह। गृह विज्ञान स्नातकोत्तर- कंचन शुक्ला, जयंती तिवारी, ममता मिश्रा। भौतिक विज्ञान स्नातकोत्तर- गौरव जायसवाल, मुनीफा तनवरी, हिमांशी पांडेय। रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर-पूनम वर्मा, श्रेया श्रीवास्तव, शशांक द्विवेदी। गणित स्नातकोत्तर-सोनल विश्वकर्मा, श्वेता शांति प्रिया, प्रिया द्विवेदी। वनस्पति विज्ञान स्नातकोत्तर-दीक्षा सिह, मोहिनी सिंह, प्रियंका पांडेय। जंतु विज्ञान स्नातकोत्तर-रिचा सिंह, आफरीन अनवर, वैशाली सिंह। वाणिज्य स्नातकोत्तर-नमिता सिंह, मनाली सिन्हा, कृतिका सिंह। एमएड स्नातकोत्तर-प्रतिभा मिश्रा, गौरव सिंह, निहारिका ओझा। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान स्नातकोत्तर-स्वाति सिंह, शालिनी तिवारी, शिखा तिवारी। कृषि प्रसार स्नातकोत्तर-अनूप कुमार, सुजीत कुमार, सूरज कुमार सरोज। उद्यान विज्ञान स्नातकोत्तर-संतोष कुमार, नीलेश कुमार सिंह, उमेश चौधरी। कृषि अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर-चंद्रिल श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, राम सिंह। आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन स्नातकोत्तर-अनुराग कुमार सिंह, विनीत कुमार, सुजीत कुमार यादव। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन स्नातकोत्तर-अंबरीश शुक्ला, विपुल कुमार शुक्ला, जाविद अली। कला स्नातक-कविता चौरसिया, कविता चौरसिया, रैना सिंह, मनीषा पटेल/मोनिका पाल। विज्ञान स्नातक-जया पांडेय, श्रद्धा शुक्ला, सुरेंद्र प्रताप। वाणिज्य स्नातक-रेनू सिंह, श्रद्धा विश्वकर्मा, जूही पांडेय। जैव तकनीकी विज्ञान स्नातक- सोनालिका गुप्ता, मोनालिका गुप्ता, हर्ष विक्रम सिंह। बीएड-चेतन शर्मा, सत्या पांडेय, राहुल सिंह। विधि स्नातक-रिचा कटारिया, आयुष सिंह, राहिला सिकंदर। शारीरिक शिक्षा स्नातक- अतुल कुमार सिंह, शिल्पा सिंह, मीना सिंह। व्यावसायिक प्रबंधकीय स्नातक-प्रिया सिंह चंदेल, अभिषेक केसरवानी, सृष्टि मेहरोत्रा। कंप्यूटर एप्लीकेशन स्नातक-अभय सिंह, अविनाश कुमार सिंह, युसरा फैज। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान स्नातक-विद्यांशी, आकांक्षा तिवारी, काम्या त्रिपाठी।

117 medals distributed at convocation, 1.25 million titles- फोटो : CITY DESK

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