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सोशल मीडिया पर प्रयागराज में कफ्र्यू का माहौल
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‘प्रयागराज में कर्फ्यू का माहौल ’
0 सोशल मीडिया पर शहरियों ने अपडेट किया स्टेटस
0 शहर के बाहरी इलाकों में वाहनों का प्रवेश रोके जाने से नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मकर संक्रांति से कुंभ का आगाज हुआ तो शहर में वाहनों की रफ्तार भी थम गई। मुख्य स्नान पर्व पर खासकर शहर के बाहरी इलाकों में दो-चार पहिया वाहनों को बैरीकेडिंग कर रोक दिया गया। इससे श्रद्धालुओं समेत शहरियों को खासी दिक्कत हुई। कइयों ने तो नाराजगी जताने के लिए फेसबुक पर स्टेटस अपडेट कर डाला और लिखा ‘प्रयागराज में कर्फ्यू का माहौल’। सोशल मीडिया पर और भी कई स्टेटस देखने को मिले ‘दिव्य कुंभ की दुरूह कुंभ’।
13 जनवरी की रात से ही शहर में चार पहिया वाहनों और रोडवेज की बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। समाजसेवी एवं शिक्षक अजीत सिंह अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं, ‘प्रयागराज में कर्फ्यू का माहौल है’। इसके जवाब में उनके मित्र नरेश पारस ने लिखा, ‘वीआईपी के नाम पर आम जनता को घरों में कैद कर दिया जाता है’। रंजना राय लिखती हैं, ‘13 जनवरी को ही दोपहिया वाहन से चलने पर पुलिस वालों ने डेढ़ घंटे इधर से उधर दौड़ाया, जबकि मेले के अंदर बिलकुल भीड़ नहीं थी’। सैयद जाकिर हुसैन ने लिखा, ‘शहर में अघोषित इमरजेंसी है, जो चुनावी प्रोपेगंडा तैयार कर रही है’।
भाजपा काशी प्रांत के विधि प्रकोष्ठ के देवेंद्र नाथ मिश्र लिखते हैं, ‘पूरे शहर को कुंभ में यात्रियों की सुविधा के नाम पर बंधक बना दिया गया है, जबकि कमिश्नर साहब पूरे परिवार के साथ दोपहर में दो इनोवा कार लेकर संगम नोज पर नहाने पहुंचे’। देवेंद्र नाथ मिश्र की ओर से फेसबुक पर की गई टिप्पणी के बाद उनके साथी और भाजपा नेता कमलेश दुबे लिखते हैं, ‘ दिव्य कुंभ नहीं बल्कि दुरूह कुंभ कहिए’। शहर में आने वाले वाहनों को रोके जाने के बाद इसी प्रकार की टिप्पणी सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने की है।
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0 सोशल मीडिया पर शहरियों ने अपडेट किया स्टेटस
0 शहर के बाहरी इलाकों में वाहनों का प्रवेश रोके जाने से नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मकर संक्रांति से कुंभ का आगाज हुआ तो शहर में वाहनों की रफ्तार भी थम गई। मुख्य स्नान पर्व पर खासकर शहर के बाहरी इलाकों में दो-चार पहिया वाहनों को बैरीकेडिंग कर रोक दिया गया। इससे श्रद्धालुओं समेत शहरियों को खासी दिक्कत हुई। कइयों ने तो नाराजगी जताने के लिए फेसबुक पर स्टेटस अपडेट कर डाला और लिखा ‘प्रयागराज में कर्फ्यू का माहौल’। सोशल मीडिया पर और भी कई स्टेटस देखने को मिले ‘दिव्य कुंभ की दुरूह कुंभ’।
13 जनवरी की रात से ही शहर में चार पहिया वाहनों और रोडवेज की बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। समाजसेवी एवं शिक्षक अजीत सिंह अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं, ‘प्रयागराज में कर्फ्यू का माहौल है’। इसके जवाब में उनके मित्र नरेश पारस ने लिखा, ‘वीआईपी के नाम पर आम जनता को घरों में कैद कर दिया जाता है’। रंजना राय लिखती हैं, ‘13 जनवरी को ही दोपहिया वाहन से चलने पर पुलिस वालों ने डेढ़ घंटे इधर से उधर दौड़ाया, जबकि मेले के अंदर बिलकुल भीड़ नहीं थी’। सैयद जाकिर हुसैन ने लिखा, ‘शहर में अघोषित इमरजेंसी है, जो चुनावी प्रोपेगंडा तैयार कर रही है’।
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भाजपा काशी प्रांत के विधि प्रकोष्ठ के देवेंद्र नाथ मिश्र लिखते हैं, ‘पूरे शहर को कुंभ में यात्रियों की सुविधा के नाम पर बंधक बना दिया गया है, जबकि कमिश्नर साहब पूरे परिवार के साथ दोपहर में दो इनोवा कार लेकर संगम नोज पर नहाने पहुंचे’। देवेंद्र नाथ मिश्र की ओर से फेसबुक पर की गई टिप्पणी के बाद उनके साथी और भाजपा नेता कमलेश दुबे लिखते हैं, ‘ दिव्य कुंभ नहीं बल्कि दुरूह कुंभ कहिए’। शहर में आने वाले वाहनों को रोके जाने के बाद इसी प्रकार की टिप्पणी सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने की है।
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