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दरोगा भर्ती, निरस्तप्रश्नों के अं क देने की मांग
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:50 AM IST
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दरोगा भर्ती 2016
निरस्त प्रश्नों के अंक देने की मांग पर याचिका
0 हर निरस्त प्रश्न का अंक प्रत्येक अभ्यर्थी को देने की मांग
इलाहाबाद। दरोगा भर्ती 2016 के निरस्त प्रश्नों के अंक सभी अभ्यर्थियों को देने की मांग पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड से जानकारी मांगी है। बद्री प्रसाद मिश्र और कई अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता विजय गौतम, सीमांत सिंह आदि का कहना था कि तीन हजार पुरुष और महिला उपनिरीक्षकों की भर्ती के लिए 17 जून 2016 को विज्ञापन जारी किया गया था। इसके 28 जून 2017 को विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि परीक्षा में यदि कोई प्रश्न गलत होता है तो उसका अंक कुल अंकों के योग में जोड़ दिया जाएगा। याचीगण ने इस नियम को चुनौती देते हुए कहा है कि यह भर्ती नियमावली के विपरीत है। नियमानुसार निरस्त किए गए प्रश्न का अंक हर अभ्यर्थी को दिया जाना चाहिए। परीक्षा में पूछा गया हर प्रश्न 2.5 अंक का है। चार प्रश्नपत्रों में से कुल छह प्रश्न निरस्त किए गए हैं। यदि इनके अंक याचीगण को मिले होते तो वह न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक पाकर अगले चरण के लिए सफल हो सकते थे।
याचीगण ने मांग की है कि निरस्त किए गए प्रश्नों के अंक कुल अंकों के योग में जोड़ने के बजाए हर अभ्यर्थी को पूरे-पूरे दिए जाएं और अगले चरण की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड और प्रदेश सरकार को 30 जुलाई तक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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निरस्त प्रश्नों के अंक देने की मांग पर याचिका
0 हर निरस्त प्रश्न का अंक प्रत्येक अभ्यर्थी को देने की मांग
इलाहाबाद। दरोगा भर्ती 2016 के निरस्त प्रश्नों के अंक सभी अभ्यर्थियों को देने की मांग पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड से जानकारी मांगी है। बद्री प्रसाद मिश्र और कई अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता विजय गौतम, सीमांत सिंह आदि का कहना था कि तीन हजार पुरुष और महिला उपनिरीक्षकों की भर्ती के लिए 17 जून 2016 को विज्ञापन जारी किया गया था। इसके 28 जून 2017 को विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि परीक्षा में यदि कोई प्रश्न गलत होता है तो उसका अंक कुल अंकों के योग में जोड़ दिया जाएगा। याचीगण ने इस नियम को चुनौती देते हुए कहा है कि यह भर्ती नियमावली के विपरीत है। नियमानुसार निरस्त किए गए प्रश्न का अंक हर अभ्यर्थी को दिया जाना चाहिए। परीक्षा में पूछा गया हर प्रश्न 2.5 अंक का है। चार प्रश्नपत्रों में से कुल छह प्रश्न निरस्त किए गए हैं। यदि इनके अंक याचीगण को मिले होते तो वह न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक पाकर अगले चरण के लिए सफल हो सकते थे।
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याचीगण ने मांग की है कि निरस्त किए गए प्रश्नों के अंक कुल अंकों के योग में जोड़ने के बजाए हर अभ्यर्थी को पूरे-पूरे दिए जाएं और अगले चरण की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड और प्रदेश सरकार को 30 जुलाई तक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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