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डीपीओ को हटाने के लिए डीएम ने लिखा डीओ
Updated Tue, 23 Feb 2016 01:39 AM IST
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शहर की एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने डीपीओ एमजेड खान पर गलत नीयत रखने, बेवक्त फोन कर अश्लील बात करने आदि की शिकायत की थी। डीएम डा. बलकार सिंह ने मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम की अध्यक्षता में दो सदस्यीय मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। तहसीलदार गभाना सुनीता सिंह कमेटी में सदस्य थीं जांच में डीपीओ का आचरण सरकारी अधिकारी के आचरण के विपरीत पाया गया।
जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह ने बताया कि इसके आधार पर चार दिन पहले प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा गया । इस प्रकरण में डीडीओ शकील अहमद की भूमिका को लेकर भी डीएम खफा हैं। सोमवार को डीएम ने डीडीओ को फटकार लगाते हुए प्रभारी अधिकारी शिकायत के पद से हटाया गया। उनके स्थान पर डीसी मनरेगा अमरेन्द्र प्रताप सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
बताते हैं कि इस मामले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन ने 18 नवंबर को एक शिकायत की थी। इसके बाद जांच की गई। यह जांच जिला विकास अधिकारी शकील अहमद ने की। रिपोर्ट में डीडीओ ने डीपीओ को निर्दोष करार देते हुए पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था। इससे कर्मचारियों में गुस्सा था।
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जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह ने बताया कि इसके आधार पर चार दिन पहले प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा गया । इस प्रकरण में डीडीओ शकील अहमद की भूमिका को लेकर भी डीएम खफा हैं। सोमवार को डीएम ने डीडीओ को फटकार लगाते हुए प्रभारी अधिकारी शिकायत के पद से हटाया गया। उनके स्थान पर डीसी मनरेगा अमरेन्द्र प्रताप सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
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बताते हैं कि इस मामले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन ने 18 नवंबर को एक शिकायत की थी। इसके बाद जांच की गई। यह जांच जिला विकास अधिकारी शकील अहमद ने की। रिपोर्ट में डीडीओ ने डीपीओ को निर्दोष करार देते हुए पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था। इससे कर्मचारियों में गुस्सा था।
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