फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   world power may be stop corona from spreading

विश्व शक्तियां महामारी को फैलने से रोक सकती थीं : पूर्व राजनयिक

Wed, 31 Mar 2021 01:04 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Mar 2021 01:04 AM IST
विज्ञापन
world power may be stop corona from spreading
अगर विश्व शक्तियों ने जिम्मेदारी से काम किया होता तो महामारी को अधिक फैलने से रोका जा सकता था। यह बात अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पश्चिम एशियाई और उत्तरी अफ्रीकी अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में पूर्व राजनयिक के पी फैबियन ने कही। वह पश्चिम एशियाई अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: भारत के लिए निहितार्थ’ विषय पर व्याख्यान दे रहे थे।
विज्ञापन

के पी फैबियन ने कहा कि प्रेषण और ऊर्जा आयात पर हाल के वैश्विक स्वास्थ्य संकट का प्रभाव इतना बड़ा हो गया है कि इसने कई देशों में जनसांख्यिकीय स्थानों को बदल दिया है और भारत सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में से एक है, जहां बड़े पैमाने पर श्रम प्रवास हुआ।
विज्ञापन

उन्होंने संकट से अच्छी तरह से निबटने और बिना किसी भेदभाव के सभी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जीसीसी की प्रशंसा की। उन्होंने अभूतपूर्व संकट के व्यापक प्रभाव पर भी चर्चा की, जिसने समग्र मांग और आपूर्ति समीकरणों और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि वेबिनार का विषय काफी प्रासंगिक है, क्योंकि हम में से अधिकांश किसी न किसी तरह से इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। प्रोफेसर गुलशन डायटेल ने कहा कि विश्व व्यापार को वापस पुराने ढर्रे पर लाना संभव नहीं रहा है और विभिन्न देशों को नए विकल्प ढूंढने होंगे।
प्रोफेसर गिरिजेश पंत ने कहा कि कोविड-19 संकट से राज्य-समाज संबंध भी प्रभावित हुआ है। फैकल्टी ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के डीन प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज ने कहा कि वर्ष 2020-21 सबसे अधिक दुखद वर्ष रहा है, जिसने मानव जीवन को बहुत प्रभावित किया है। विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जावेद इकबाल ने स्वागत भाषण दिया और वेबिनार के एजेंडे पर प्रकाश डाला।

वेबिनार में शामिल अन्य प्रख्यात पैनलिस्टों में प्रोफेसर मोहम्मद अजहर, डॉ. तारिक मसूद (पश्चिम एशियाई और उत्तरी अफ्रीकी अध्ययन विभाग, एएमयू), प्रोफेसर मोहम्मद तारिक (अर्थशास्त्र विभाग, एएमयू) और डॉ. वृष घोले (स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज, जेएनयू) शामिल रहे। डॉ. सना समरीन ने वेबिनार का संचालन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed