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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   World Elder Abuse Awareness Day

बुजुर्ग बोझ नहीं, आशीर्वाद हैं

Wed, 15 Jun 2022 01:13 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 01:13 AM IST
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World Elder Abuse Awareness Day
पति नजीर अहमद और पत्नी शकीला - फोटो : CHHARRA
व्यापार में जो महत्व पूंजी का होता है, परिवार में वही महत्व बुजुर्ग का होता है, लेकिन संयुक्त परिवार की जगह एकल परिवार का चलन बच्चों को बुजुर्गों से दूर करता जा रहा है। जीवन का विशद अनुभव होने के बावजूद कोई उनकी राह न तो लेना चाह रहा है और न ही उनकी राय को महत्व देता है। समाज में अपनी अहमियत न समझे जाने के कारण बुजुर्ग दु:खी, उपेक्षित जीवन जीने को मजबूर हैं। आज की युवा तथा उच्चशिक्षा प्राप्त पीढ़ी उन्हें बूढ़ा कहकर वृद्धाश्रम में छोड़ देती है। वे भूल जाते हैं कि अनुभव का कोई दूसरा विकल्प दुनिया में है ही नहीं। समझना होगा कि बुजुर्ग बोझ नहीं, आशीर्वाद हैं। शहर के असदपुर क्यामपुर व छर्रा के नगला बादशाह स्थित आवासीय वृद्धाश्रम में अपनों से ठोकर खाकर करीब सौ बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें छर्रा स्थित आवासीय वृद्धाश्रम में 90 और असदपुर क्यामपुर के वृद्धाश्रम में 10 बुजुर्ग हैं। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर अमर उजाला के साथ वृद्धाश्रम में रह रहे कुछ बुजुर्गों ने अपने शारीरिक शोषण व मानसिक शोषण की दर्द भरी अनसुनी कहानी साझा कीं...।
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दामादों ने हड़प ली संपत्ति
पंजाब के अंबाला की रहने वाली 70 वर्षीय दिलीप कौर ने बताया कि पति की चार्ज साबुन की फैक्टरी थी। उनके पास सात बेटियां हैं। पति की कैंसर से मौत हो जाने के बाद दामादों ने फैक्टरी, घर व दुकान बिकवा दी। सारे रुपये हड़प लिए। उसके बाद कई वर्ष जनपद जौनपुर व रायबरेली स्थित अपने घर में रहीं, लेकिन दामादों ने दोनों घरों को बिकवा कर पंजाब के आश्रम में छोड़ दिया। लगभग छह माह पूर्व ही छोटी बेटी नगला बादशाह स्थित आश्रम में छोड़ गई।
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गलत संगत में बेटे ने बेच दिया घर
जनपद प्रतापगढ़ के भीखी का पुरवा निवासी 90 वर्षीय मालती ने बताया कि पति गांव में देशी दवा देकर ग्रामीणों की नि:स्वार्थ सेवा करते थे। उनकी मौत के बाद दो बेटों में से एक बेटा बाहर कार्य करने चला गया। छोटा बेटा साथ रहता था। शादी के बाद छोटा बेटा गलत संगत में पड़ गया। उसने घर और जमीन बेच दी। कुछ समय बाद बेटे की मौत हो गई। नये मकान मालिक ने घर से बाहर निकाल दिया। किसी संस्था के लोगों ने उन्हें वृद्धाश्रम में भेज दिया।
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रोजाना झगड़ती थी बहू
शहर के महेंद्र नगर की बैंक कॉलोनी निवासी 80 वर्षीय राजरानी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व पति की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बेटा राजमिस्त्री का कार्य करता है। बहू रोजाना झगड़ा करती थी। रोज के झगड़े को देखकर बेटा रोडवेज बस स्टैंड पर छोड़ गया। जहां से एक संस्था से जुड़े लोगों ने नगला बादशाह स्थित वृद्धाश्रम में भेज दिया।
कर्जा होने पर बेटों ने बेच दिया घर
नगर पंचायत कौडियागंज निवासी दंपती नजीर अहमद (60) व शकीला (60) ने बताया कि कस्बा में हलवाई का कार्य करते थे। तीनों बेटे भी यही कार्य करने लगे। लेकिन बुरी संगत के चलते बेटों को जुआ की लत गई। तीनों के ऊपर कर्जा हो गया और घर बेच दिया। दर-दर भटकने के बाद कुछ वर्ष पूर्व नुमाइश मैदान पर एक संस्था से जुड़े लोगों से मुलाकात हुई। उन्होंने वृद्धाश्रम भेज दिया।
बहू ने खाना देना कर दिया था बंद
गांव पुरैनी इस्माइलपुर के गांव आनंदपुर निवासी दंपती 75 वर्षीय ओमप्रकाश व 70 वर्षीय गीता देवी ने बताया कि खेत न होने के बाद भी मजदूरी कर बेटे का पालन पोषण किया। शादी करा दी, लेकिन बहू के साथ झगड़ा होने पर उसने खाना देना बंद कर दिया। झगड़ों से परेशान होकर दंपती वृद्धाश्रम में रहने लगे। यहां पांच वर्ष हो गए। बेटा एक बार भी मिलने नहीं आया। अब यही आशियाना बन गया है।
बहुओं ने मारपीट कर घर से निकाला
शहर के असदपुर क्यामपुर स्थित वृद्घाश्रम में रहने वाली 75 वर्षीय अंगूरी देवी ने बताया कि वह गांव अरनी में रहती थीं। पति के बाद दोनों बेटे एक फैक्टरी में काम करने लगे। पास में ही रहने वाली बहन के बेटे व बहू घर में रहकर मारपीट करते थे। कुछ माह पूर्व दोनों बहुओं ने मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। रेलवे स्टेशन के पास से वृद्धाश्रम के कर्मचारी आश्रम में ले आए।

बहू ने मुकदमा दर्ज करा दिया था
बरौला जाफराबाद निवासी 60 वर्षीय सुनीता अग्रवाल ने बताया कि पति किसी जगह अकाउंटेंट का कार्य करते थे। पति की मौत के बाद बेटे ने घर को संभाला। बेटे की शादी के कुछ समय बाद ही बहू ने मुकदमा दर्ज करा दिया। परेशानी और बीमारी ने बेटे को भी दूर कर दिया। घर बेचकर बहू को रुपये देकर मुकदमा खत्म किया। कुछ समय पूर्व ही बेटी वृद्धाश्रम में छोड़कर चली गई। अब आश्रम में ही मन लगने लगा है। शायद अंतिम समय आश्रम में ही निकल जाए।

पति ओमप्रकाश व पत्नी गीता देवी

पति ओमप्रकाश व पत्नी गीता देवी- फोटो : CHHARRA

दिलीप कौर

दिलीप कौर - फोटो : CHHARRA

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