{"_id":"30975580c9232649bcd4cbbb40f4dfab","slug":"women-empowerment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारी शक्ति को आत्म विश्वासी एवं निर्भीक बनाना ही लक्ष्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारी शक्ति को आत्म विश्वासी एवं निर्भीक बनाना ही लक्ष्य
अलीगढ़
Updated Mon, 28 Dec 2015 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने कहा कि नारी शक्ति को आत्म विश्वासी एवं निर्भीक बनाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। न्यायमूर्ति तिवारी रविवार को एएमयू पालीटेक्निक सभागार में ‘महिलाओं के लिए कानूनी जागरूकता’ पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया था। उन्होंने नारी अभिव्यक्ति की भी जमकर वकालत की। जिला जज यूसी श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ऐसे आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने महिला सशक्तिकरण एवं उनके सम्मान के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्राधिकरण सचिव संजय चौधरी ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिले की प्रत्येक महिला एवं लड़की को कानूनी सुरक्षा के कवच और आत्म रक्षा की तकनीक से लैस कर आत्म विश्वासी और निर्भीक बनाना प्राधिकरण का लक्ष्य है। प्राधिकरण राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला जज के निर्देश एवं संरक्षण में इस कार्य को कार्यान्वित कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 व्यवस्था करता है कि प्रत्येक कार्य स्थल पर जहां दस से अधिक व्यक्ति, महिला-पुरुष कार्य करते हैं, वहां आईसीसी का गठन अनिवार्य है। लोगों को जागरूक करने के लिए प्राधिकरण ने पीएलवी की समिति गठित की हैै, जो महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को लॉ कॉलेज मुंबई की सोमेश तिवारी, अदिति भार्गव, विदुल, डॉ. कृष्णा अग्रवाल, मो. तारिक, समीना खान, ए वसीम, डॉ. दिव्या चौधरी आदि ने संबोधित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राकेश तिवारी, जिला जज यूसी श्रीवास्तव, जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे रविंद्र गौड़ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय चौधरी ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर एडीजे मौ. जहीरुद्दीन, एके पुढ़ीर, केेके पांडेय, सीजेएम मृदुला मिश्रा, पीएन मिश्रा, पीएलवी उपेंद्र मिश्र, शाजिया सिद्दीकी, पुरुषोत्तम सिंह, अशोक शर्मा, सईदा खातून, निधि शर्मा, तराना, राजीव शर्मा, संध्या, आभा वार्ष्णेय, शिवा पाठक, शशिबाला के अतिरिक्त उड़ान सोसाइटी, आजाद फाउंडेशन, मातृछाया सोसायटी, उदय आर्गेनाइजेशन, अलीगढ़ हेल्प लाइन, आहुति आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया था। उन्होंने नारी अभिव्यक्ति की भी जमकर वकालत की। जिला जज यूसी श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ऐसे आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने महिला सशक्तिकरण एवं उनके सम्मान के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
प्राधिकरण सचिव संजय चौधरी ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिले की प्रत्येक महिला एवं लड़की को कानूनी सुरक्षा के कवच और आत्म रक्षा की तकनीक से लैस कर आत्म विश्वासी और निर्भीक बनाना प्राधिकरण का लक्ष्य है। प्राधिकरण राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला जज के निर्देश एवं संरक्षण में इस कार्य को कार्यान्वित कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 व्यवस्था करता है कि प्रत्येक कार्य स्थल पर जहां दस से अधिक व्यक्ति, महिला-पुरुष कार्य करते हैं, वहां आईसीसी का गठन अनिवार्य है। लोगों को जागरूक करने के लिए प्राधिकरण ने पीएलवी की समिति गठित की हैै, जो महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को लॉ कॉलेज मुंबई की सोमेश तिवारी, अदिति भार्गव, विदुल, डॉ. कृष्णा अग्रवाल, मो. तारिक, समीना खान, ए वसीम, डॉ. दिव्या चौधरी आदि ने संबोधित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राकेश तिवारी, जिला जज यूसी श्रीवास्तव, जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे रविंद्र गौड़ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय चौधरी ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर एडीजे मौ. जहीरुद्दीन, एके पुढ़ीर, केेके पांडेय, सीजेएम मृदुला मिश्रा, पीएन मिश्रा, पीएलवी उपेंद्र मिश्र, शाजिया सिद्दीकी, पुरुषोत्तम सिंह, अशोक शर्मा, सईदा खातून, निधि शर्मा, तराना, राजीव शर्मा, संध्या, आभा वार्ष्णेय, शिवा पाठक, शशिबाला के अतिरिक्त उड़ान सोसाइटी, आजाद फाउंडेशन, मातृछाया सोसायटी, उदय आर्गेनाइजेशन, अलीगढ़ हेल्प लाइन, आहुति आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद थे।