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जब घटना यूपी में नहीं तो मुकदमा यूपी में क्यों दर्ज हुआ: करन दलाल
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करन दलाल। पूर्व मंत्री हरियाणा
- फोटो : CITY OFFICE
हरियाणा बॉर्डर पर यमुना पट्टी में शुक्रवार को हुई घटना में टप्पल में मुकदमा दर्ज किए जाने पर हरियाणा के पूर्व मंत्री करन दलाल ने पलटवार किया है। उन्होंने यूपी प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि जब कोई घटना यूपी में हुई ही नहीं है तो फिर किस साजिश के तहत झूठा मुकदमा यूपी में लिखा गया है? वह इस मामले में अलीगढ़ के अफसरों पर हरियाणा में मुकदमा दर्ज कराने जा रहे हैं। पलवल में तहरीर दी गई है। साथ ही हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे।
अमर उजाला से हुई बातचीत में करन दलाल ने बताया कि वह पलवल डीएम द्वारा गठित कमीशन, राजस्व व पुलिस टीम के साथ हरियाणा सीमा में अपनी जमीन की पैमाइश कराने आए थे। वहां निशानदेही होते ही यूपी के किसान असलहे लेकर आ गए और उन्होंने हम पर फायरिंग की। खबर पर टप्पल पुलिस, एसडीएम, एडीएम आदि अधिकारी पहुंचे। उनके सामने भी किसान फायरिंग करते रहे। अधिकारियों को जब बताया कि हरियाणा में ही जमीन की पैमाइश हो रही है तो यूपी के अधिकारी हरियाणा के अधिकारियों की बात से सहमत होकर चले गए। इसके बाद शनिवार को टप्पल में यूपी के किसान की तहरीर पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें उनका नाम भी घसीटा गया है। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत की वजह है। टप्पल पुलिस की निगरानी में वहां हमारी जमीन पर अवैध खेती की जाती है।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवार्ड घोषित सीमा का जो एरिया है, वह हमारी इस भूमि से बिल्कुल अलग है। उस अवार्ड घोषित एरिया की देखरेख पलवल व अलीगढ़ के अधिकारी कर रहे हैं। इस जमीन का उससे कोई लेना देना नहीं है। बावजूद इसके गैरकानूनी मुकदमा दर्ज कर हमें डराने और हमारी बदनामी करने की कोशिश की गई है। इस हरकत से हम अपनी जमीन छोड़ेंगे नहीं। हम यूपी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे और जहां तक होगा लड़ेंगे। फिलहाल पलवल में तहरीर दी गई है।
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- इस मामले में जांच में सामने आया है कि टप्पल के कुछ लोग जमीनों पर कब्जा कराते हैं। उन्हीं के इशारे पर यह लोग पलवल प्रशासन को गुमराह कर साथ लेकर आए थे। जब पलवल अधिकारियों को हकीकत बताई गई तो डीएम पलवल के निर्देश पर टीम वापस लौट गई और अधिकारियों ने स्वीकारा कि हमें नहीं पता था कि वह विवादित जमीन है। टप्पल में जो मुकदमा दर्ज किया है इसमें टप्पल के वह लोग भी शामिल हैं जो जमीनों पर कब्जा कराते हैं। जांच में जो सही होगा, उस पर कार्रवाई होगी।
- संजीव दीक्षित सीओ खैर
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अमर उजाला से हुई बातचीत में करन दलाल ने बताया कि वह पलवल डीएम द्वारा गठित कमीशन, राजस्व व पुलिस टीम के साथ हरियाणा सीमा में अपनी जमीन की पैमाइश कराने आए थे। वहां निशानदेही होते ही यूपी के किसान असलहे लेकर आ गए और उन्होंने हम पर फायरिंग की। खबर पर टप्पल पुलिस, एसडीएम, एडीएम आदि अधिकारी पहुंचे। उनके सामने भी किसान फायरिंग करते रहे। अधिकारियों को जब बताया कि हरियाणा में ही जमीन की पैमाइश हो रही है तो यूपी के अधिकारी हरियाणा के अधिकारियों की बात से सहमत होकर चले गए। इसके बाद शनिवार को टप्पल में यूपी के किसान की तहरीर पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें उनका नाम भी घसीटा गया है। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत की वजह है। टप्पल पुलिस की निगरानी में वहां हमारी जमीन पर अवैध खेती की जाती है।
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उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवार्ड घोषित सीमा का जो एरिया है, वह हमारी इस भूमि से बिल्कुल अलग है। उस अवार्ड घोषित एरिया की देखरेख पलवल व अलीगढ़ के अधिकारी कर रहे हैं। इस जमीन का उससे कोई लेना देना नहीं है। बावजूद इसके गैरकानूनी मुकदमा दर्ज कर हमें डराने और हमारी बदनामी करने की कोशिश की गई है। इस हरकत से हम अपनी जमीन छोड़ेंगे नहीं। हम यूपी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे और जहां तक होगा लड़ेंगे। फिलहाल पलवल में तहरीर दी गई है।
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- इस मामले में जांच में सामने आया है कि टप्पल के कुछ लोग जमीनों पर कब्जा कराते हैं। उन्हीं के इशारे पर यह लोग पलवल प्रशासन को गुमराह कर साथ लेकर आए थे। जब पलवल अधिकारियों को हकीकत बताई गई तो डीएम पलवल के निर्देश पर टीम वापस लौट गई और अधिकारियों ने स्वीकारा कि हमें नहीं पता था कि वह विवादित जमीन है। टप्पल में जो मुकदमा दर्ज किया है इसमें टप्पल के वह लोग भी शामिल हैं जो जमीनों पर कब्जा कराते हैं। जांच में जो सही होगा, उस पर कार्रवाई होगी।
- संजीव दीक्षित सीओ खैर