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Aligarh News: मौत का कौन जिम्मेदार, नौकरी का बोझ या परिवार का विवाद

Thu, 29 Dec 2022 08:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Dec 2022 08:00 AM IST
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Who is responsible for death, job burden or family dispute
पावर कॉरपोरेशन के जेई बनवारी लाल की आत्महत्या के लिए कौन जिम्मेदार है? यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि इसे लेकर परिवार के अपने आरोप हैं, जबकि महकमे के अधिकारियों की अपनी दलील है। परिवार काम का बोझ और अधिकारियों की डांट फटकार बड़ी वजह बता रहा है। वहीं, महकमे के अधिकारी इसे काम के बोझ के साथ-साथ पारिवारिक विवाद से जुड़ा तनाव मान रहे हैं। अब वजह क्या रही? यह तो पुलिस की जांच में पता चलेगा। लेकिन इस आत्महत्या में एक पड़ोसी बालक ने मौके पर चश्मदीद की तरह गवाही दी है।
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चश्मदीद की जुबानी, आत्महत्या की कहानी
पुलिस जांच के अनुसार जेई सुबह साढ़े आठ बजे अपने किराये के कमरे से पास की परचून की दुकान पर कुछ सामान लेने गए। इसके बाद वे अपने कमरे में ही रुके। इस बीच पड़ोसी मकान में रहने वाले करीब 11 वर्षीय दिपांशु नाम के बालक ने बताया कि वह अपने मकान के ऊपर के हिस्से में पढ़ने जा रहा था, तब जेई कुछ ऑनलाइन मीटिंग जैसी कर रहे थे।
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इसके एक घंटे बाद जब वह नीचे उतरा तो जेई के कमरे से उसे कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। दीपांशु ने जंगले से देखा तो जेई पंखे पर फंदे से लटके थे और एक प्लास्टिक की कुर्सी बेड से नीचे गिरी पड़ी थी। ऐसा लग रहा था कि जेई ने कुर्सी लटकते समय पैर मारकर गिराई है। यह बात बालक ने पुलिस व मौके पर पहुंचे विद्युत अधिकारियों को भी बताई। इधर, तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में मौत की वजह हैंगिंग यानि आत्महत्या होना उजागर हुआ है।
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साले ने कहा, अनावश्यक डांट फटकार ने ली जान
जेई चार बेटियों के पिता थे। बुधवार को खबर पर पत्नी, चार बेटियों व जेई के साले संग यहां पहुंचीं। उनकी हालत बेहद खराब थी। बदहवास स्थिति में पत्नी व बेटियों की तबियत भी बिगड़ गई। जब परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे तो जेई के साले राकेश ने आरोप लगाया कि उच्चाधिकारी द्वारा मीटिंग ली गई, जिसमें बनवारी लाल को अनावश्यक रूप से डांट फटकार लगाई गई।
इससे वह तनाव में आ गए और घर में उन्होंने खुद को फंदे पर लटका लिया। मकान मालिक प्रेमपाल द्वारा घटना की जानकारी उन्हें दी गई और पुलिस को भी खबर दी। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस पर विद्युत अधिकारी उन्हें समझाने में लगे रहे। मगर परिवार उनकी कोई बात मानने या सुनने को तैयार नहीं था। परिवार ने लालडिग्गी कार्यालय पर शव रखकर धरना देने तक की चेतावनी दी। बाद में किसी तरह परिवार को समझाकर शव मथुरा भेजा
परिवार में विवाद लिखित में दिया था जेई ने : एसई
अधीक्षण अभियंता द्वितीय राघवेंद्र सिंह इस विषय में बताते हैं कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि अलीगढ़ देहात क्षेत्र में जेई की कमी है और तैनात जेई पर काम का बोझ है। खुद बनवारी लाल पर जलाली व गोकुलपुर सोनोठ दो सब स्टेशन का चार्ज था। मगर उच्च स्तर के अधिकारी या हमारे स्तर तक से सिर्फ एसडीओ से मीटिंग में बात की जाती है।
जेई तो सिर्फ ऑनलाइन मीटिंग में सुनते रहते हैं। बात अगर बनवारी लाल के मामले में करें तो यह ड्यूटी से तीन बार गायब रह चुके हैं। आखिरी बार 3 जुलाई को बिना बताए यह ड्यूटी से गायब हुए थे। उस समय वह पनैठी व कोछोंड़ सब स्टेशन का काम संभाल रहे थे। इस पर इनके मूल पते पर अंतिम चेतावनी का नोटिस भेजते हुए समाचार पत्रों में भी नोटिस प्रकाशित कराया था।
जिसमें उल्लेख था कि वे तीन दिन में या तो विभाग में आकर ज्वाइनिंग दें या बीमारी संबंधी प्रमाण पत्र दें। अन्यथा उनकी सेवा समाप्ति पर निर्णय लिया जाएगा। इस पर बनवारी लाल ने वापस आकर यह बात लिखित में दी थी कि उनका अपने सगे भाई से विवाद चल रहा है। उसी को निपटाने में गायब रहा। अब उसे निपटा लिया गया है। इसके बाद जेई ने वापस ज्वाइनिंग दी और नई तैनाती जलाली व गोकुलपुर पर दी।
इन दिनों देहात में कमजोर राजस्व वसूली पर ज्यादा दबाव
विभाग की हालत पर गौर करें तो वैसे तो देहात में एक एक जेई पर दो दो सब स्टेशन का चार्ज है। मगर इन दिनों देहात में राजस्व वसूली कमजोर रहना बड़े दबाव का कारण है। उसी को लेकर एमडी स्तर से दबाव शुरू होता है जो नीचे जेई स्तर तक आता है। चूंकि देहात में लोग बकाया वसूली देने में कम सहयोग करते हैं। उसका दबाव अधिक रहता है। विभाग में इन दिनों जेई के क्षेत्र वार लक्ष्य निर्धारित हैं और लक्ष्य पूर्ण न होने पर उनके खिलाफ विभागीय निर्णय होते हैं। अच्छा काम करने वालों की पीठ ठोकी जाती है।
आज निर्णय लेगी अभियंता यूनियन
इस घटना को अलीगढ़ की अभियंता यूनियन ने गंभीरता से लिया है। इसे लेकर यूनियन के संरक्षक/नगर क्षेत्र के एक्सईएन द्वितीय राहुल बाबू कहते हैं कि मौके पर भी वे गए थे और परिवार से भी बात हुई है। काम का बोझ है। रविवार तक को वसूली में टीम लगी रहती है। ये बात सही है। दबाव भी पड़ता है, यह भी सही है। मगर इस मामले में सभी पहलुओं के सामने आने पर बृहस्पतिवार को बैठककर निर्णय लिया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर वार्ता की जाएगी। आत्महत्या की मूल वजह उजागर होने पर यूनियन कोई कदम उठाएगी।
वीडियो देख हत्या की भी उड़ी थी अफवाह
जेई ने चादर से फंदा लगाया था। वह बेड पर खड़े होकर कुर्सी के सहारे पंखे पर लटका। इसके बाद जब पुलिस के आने पर दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो शव वजनी होने पर लटकने के कारण पैर की उंगलियां बेड को छू रहीं थीं। इस पर शुरुआत में हत्या की अफवाह उड़ी। मगर चूंकि दरवाजा अंदर से बंद था और मौत का कारण हैगिंग आने से तस्वीर साफ हो गई।

मिर्जापुर में भी मीटिंग के बाद सोते रह गए थे अभियंता
यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले मिर्जापुर में भी एक अभियंता इसी तरह रात को हुई मीटिंग में शामिल हुए और रात को घर में सो गए। इसके बाद सुबह उनका शव पाया गया था। उस घटना में भी विभागीय दबाव का शोर मचा था।
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