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यूपीपीसीएस : जहां जेब नहीं, मेहनत चली.. 21 बन गए अफसर

Tue, 31 Mar 2026 03:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Tue, 31 Mar 2026 03:13 AM IST
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Where there was no money, hard work paid off... 21 became officers
मालवीय पुस्तकालय में स्थित सिविल सर्विस मार्गदर्शिका में विद्यार्थियों को टिप्स देते अधिकारी।  - फोटो : File photo
शहर के मालवीय पुस्तकालय में चल रहा सिविल सर्विस मार्गदर्शिका (सीएसएम) आज उन युवाओं के लिए उम्मीद का केंद्र बन गया है, जो संसाधनों के अभाव में बड़े सपने देखने से हिचकते थे। इसी निशुल्क कोचिंग ने इस बार 21 युवाओं को यूपीपीसीएस में सफलता दिलाकर एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
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वर्ष 2016 में शुरू हुई इस पहल से अब तक 402 युवा विभिन्न प्रशासनिक पदों पर चयनित हो चुके हैं। इन सफल अभ्यर्थियों में नायब तहसीलदार, असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी, वाणिज्यिक कर अधिकारी और जिला दिव्यांगजन अधिकारी जैसे पद शामिल हैं। वर्तमान में यहां 650 से अधिक युवा सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं।
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कोचिंग संचालन में मंडलायुक्त संगीता सिंह, सीडीओ योगेंद्र कुमार, एडीएम वित्त मथुरा डाॅ. पंकज कुमार वर्मा, अपर सांख्यिकीय अधिकारी हाथरस राजवीर सिंह, संस्था संयोजक रिंकू सहयोगी, कोर्स कोऑर्डिनेटर अंकुर सिंह, डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विपिन वार्ष्णेय, आरके गौतम पर युवाओं की तैयारी के समय मॉक टेस्ट कराने में विशेष भूमिका रहती है।
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अफसर ही बना रहे अफसर
सीएसएम की खास बात यह है कि यहां खुद प्रशासनिक अधिकारी युवाओं को मार्गदर्शन देते हैं। वर्ष 2024 के साक्षात्कार चरण में 40 युवाओं ने हिस्सा लिया, जिनके लिए मंडलायुक्त संगीता सिंह के मार्गदर्शन में विकास भवन में साक्षात्कार बोर्ड गठित किया गया। इस बोर्ड में एडीएम, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। प्रत्येक रविवार और अवकाश के दिन मॉक इंटरव्यू आयोजित किए गए, साथ ही ऑनलाइन इंटरव्यू की भी व्यवस्था की गई।

एक सोच से शुरू हुआ सफर
सीएसएम की शुरुआत वर्ष 2016 में तत्कालीन एसडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने कोल तहसील परिसर में की थी। उद्देश्य था कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को मंच देना, जो आर्थिक अभाव के कारण सिविल सेवाओं की तैयारी नहीं कर पाते। वर्ष 2018 से यह कोचिंग मालवीय पुस्तकालय में संचालित हो रही है, जहां एचवी माथुर के सहयोग से इसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

आगे भी बड़ी उम्मीद : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की 2025 मुख्य परीक्षा में सीएसएम के 139 युवा शामिल होंगे, जिससे आने वाले समय में और बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।

अरुण को मिली 59वीं रैंक

गांव कीरतपुर के अरुण कुमार ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 59वीं रैंक हासिल की। उनका चयन बीडीओ पद पर हुआ है। अरुण ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और चाचा श्याम सुंदर चौहान को दिया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वह खैर की एक कोचिंग में अध्यापन कार्य भी कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया को उपयोगी बताते हुए युवाओं को निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य पाने का संदेश दिया।

पिता टेलर, बेटा बना तहसीलदार

तहसील खैर के गांव नायल के अरुण कुमार ने पीसीएस परीक्षा में 207वीं रैंक प्राप्त किया और नायब तहसीलदार बने। अरुण कुमार के पिता सुरेश चंद पेशे से टेलर हैं। वह पिछले तीन साल से अलीगढ़ की मदन मोहन मालवीय पुस्तकालय में तैयारी कर रहे थे।
प्रथम प्रयास में वाणिज्यिक कर अधिकारी बनीं कौशिकी अत्री
उसरह रोड की कौशिकी अत्री ने अपने पहले ही प्रयास में सामान्य वर्ग में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर चयनित होकर उपलब्धि हासिल की है। पिता विनय कुमार टप्पल क्षेत्र के रंजीतगढ़ी स्थित जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक हैं, जबकि माता सीमा देवी गृहिणी हैं। कौशिकी ने एएमयू से स्नातक और दिल्ली के जेएनयू से राजनीति शास्त्र में परास्नातक किया। कौशिकी ने बताया कि उनका लक्ष्य आईएएस बनना है।चाचा राजेंद्र सिंह ने कहा कि बेटी ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है।


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भानुप्रकाश बने कार्य अधिकारी



जट्टारी। क्षेत्र के गांव बाजिदपुर के भानुप्रकाश ने यूपीपीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल की। उनका कार्य अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। 2004 में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए भानुप्रकाश दिसंबर 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। चाचा मास्टर मिथलेश कुमार ने बताया कि भानुप्रकाश बचपन से ही एक मेधावी और परिश्रमी रहे हैं। संवाद

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वेदप्रकाश बने नायब तहसीलदार



गहलऊ। क्षेत्र के गांव भैया के वेद प्रकाश आर्य का चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है। वर्तमान में वह बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। संवाद
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