{"_id":"60f478ee8ebc3e6d7a2c7a5d","slug":"weddings-took-with-pomp-on-the-abujh-muhurta-of-bhadli-navami-city-office-news-ali2684541169","type":"story","status":"publish","title_hn":"भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त पर धूमधाम से हुईं शादियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त पर धूमधाम से हुईं शादियां
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भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त के साथ रविवार को बैंड-बाजा-बरात का शोर थम गया। रविवार को धूमधाम से शांदिया हुईं। अब चार महीने तक शादी-विवाह और मुंडन संस्कार आदि कार्य नहीं होंगे। बता दें कि भड़ली नवमी के बाद देवशयन एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में चार महीने तक विवाह या अन्य शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में देवता सो जाते हैं। मंगलवार को देवों का शयन होगा। इससे ठीक पहले रविवार को भड़ली नवमी का अंतिम अबूझ मुहूर्त था। ऐसे में जनपद में धूमधाम से शादियां संपन्न हुईं। बारिश की वजह से मौसम सामान्य हुआ तो शाम को शादी-विवाह के पंडालों में रौनक रही। देर रात तक शादी-विवाह स्थल रोशनी से गुलजार रहे। वर-वधू के फेरे और विदाई के साथ दुल्हन ससुराल पहुंचीं। इस अंतिम अबूझ मुहूर्त के साथ 14 नवंबर तक शादी-विवाह आदि शुभ कार्य नहीं होंगे। अब देवउठान एकादशी से सहालग शुरू होंगे।
न रही सामाजिक दूरी और न था मास्क जरूरी
रविवार को जिस प्रकार शहर से लेकर देहात तक शादियों की धूम रही। इस दौरान आयोजन में शामिल होने वाले लोगों ने सामाजिक दूरी और मास्क के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। विवाह का खुमार ऐसा छाया था कि लोगों ने मास्क पहनना उचित नहीं समझा और सामाजिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में देवता सो जाते हैं। मंगलवार को देवों का शयन होगा। इससे ठीक पहले रविवार को भड़ली नवमी का अंतिम अबूझ मुहूर्त था। ऐसे में जनपद में धूमधाम से शादियां संपन्न हुईं। बारिश की वजह से मौसम सामान्य हुआ तो शाम को शादी-विवाह के पंडालों में रौनक रही। देर रात तक शादी-विवाह स्थल रोशनी से गुलजार रहे। वर-वधू के फेरे और विदाई के साथ दुल्हन ससुराल पहुंचीं। इस अंतिम अबूझ मुहूर्त के साथ 14 नवंबर तक शादी-विवाह आदि शुभ कार्य नहीं होंगे। अब देवउठान एकादशी से सहालग शुरू होंगे।
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न रही सामाजिक दूरी और न था मास्क जरूरी
रविवार को जिस प्रकार शहर से लेकर देहात तक शादियों की धूम रही। इस दौरान आयोजन में शामिल होने वाले लोगों ने सामाजिक दूरी और मास्क के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। विवाह का खुमार ऐसा छाया था कि लोगों ने मास्क पहनना उचित नहीं समझा और सामाजिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा।
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