AMU: उर्दू पुस्तक मेला शुरू, 30 नवंबर तक चलेगा, लगे 51 स्टॉल, जिन्ना और अल्लामा इकबाल पर भी हैं किताबें
एएमयू में लगे उर्दू पुस्तक मेले में पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना, शायर अल्लामा इकबाल, जॉन एलिया के जीवन पर आधारित किताबें भी हैं। अल्लामा इकबाल और मोहसिन इंसानियत, इकबाल के खतूत जिन्ना के नाम, इकबाल हमारा, इकबाल की इंकलाबियत, फिक्र इकबाल का ताअरुफ, कुल्लियाते इकबाल सहित अन्य किताबें कई स्टाॅल पर हैं।
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र (सीईसी) परिसर में लगे नौ दिवसीय उर्दू पुस्तक मेले में किताबें खरीदने के लिए शौकीनों की भीड़ उमड़ी। देशभर के प्रकाशकों ने 51 स्टाॅल लगाए। यह मेला नौ दिन तक चलेगा। हर स्टाॅल पर किताबों के शौकीनों के कदम ठहर जाते। हर स्टाॅल पर देश-दुनिया के उर्दू के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों पर किताबें हैं। धार्मिक पुस्तकें भी हैं। कैलीग्राफी स्टाॅल पर लोगों की भीड़ रही।
मेले का उद्घाटन करने के बाद कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कहा कि एनसीपीयूएल के सहयोग से यह उर्दू पुस्तक मेला केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और बौद्धिक उत्सव है। यह मेला एक बौद्धिक आंदोलन है, जो भाषा, साहित्य, शोध और सामाजिक चेतना को मजबूती देता है।
एनसीपीयूएल के निदेशक डॉ. शम्स इकबाल ने कहा कि यह मेला बौद्धिक विमर्श को बढ़ावा देने वाला मंच है। हिंदी और अंग्रेजी के बाद उर्दू भारत में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है, इसलिए इसके प्रोत्साहन के प्रयास सकारात्मक और भविष्यवादी दृष्टि से किए जाने चाहिए।
मुख्य वक्ता सैयद मोहम्मद अशरफ ने कहा कि सोशल मीडिया के क्षणिक प्रभाव के विपरीत किताबें स्थायी असर छोड़ती हैं और बेहतर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पद्मश्री प्रो. हकीम सैयद जिल्लुर रहमान, सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. शाफे किदवई, सीईसी के समन्वयक प्रो. मोहम्मद नवेद खान, डीएसडब्ल्यू प्रो. रफीउद्दीन, डॉ. राहत अबरार आदि मौजूद रहे।
जिन्ना और अल्लामा इकबाल पर भी किताबें
एएमयू में लगे उर्दू पुस्तक मेले में पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना, शायर अल्लामा इकबाल, जॉन एलिया के जीवन पर आधारित किताबें भी हैं। अल्लामा इकबाल और मोहसिन इंसानियत, इकबाल के खतूत जिन्ना के नाम, इकबाल हमारा, इकबाल की इंकलाबियत, फिक्र इकबाल का ताअरुफ, कुल्लियाते इकबाल सहित अन्य किताबें कई स्टाॅल पर हैं।