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बसों की अनुमति, यूपी के मजदूरों की बड़ी जीत : बंसल
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लॉकडाउन 4.0 में क्या क्या व्यवस्थाएं की जाएं..? इसको लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट में कई राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें पूर्व विधायक व राजस्थान प्रभारी/कांग्रेस सचिव विवेक बंसल भी पहुंचे। बैठक से निकल कर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए कि भरतपुर बार्डर पर खड़ी राजस्थान डिपो की 500 बसों को यूपी में क्यों नहीं आने दिया जा रहा है..? जिसमें सैकड़ों श्रमिक मौजूद हैं।
इस सवाल को लेकर बंसल ने सरकार को घेरा। कुछ ही देर बाद यूपी सरकार के गृह गोपन, वीजा, पासपोर्ट, कारागार एवं सतर्कता विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रियंका गांधी के सचिव से एक हजार बसों के नंबर, ड्राइवरों एवं कंडक्टर की सूची सहित पूरा ब्यौरा मांगा। जिससे श्रमिकों को उन्हीं बसों से यूपी बुलाया जा सके। पत्र जारी होने के बाद बंसल ने कहा कि वह सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे मजदूरों की जीत मानते हैं। कांग्रेस के ठोस प्रयास सफल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब से भी दो बसें आई हैं। जिनसे मजदूरों को कासगंज, डुंडवारा आदि जिलों में भेजा गया है। कांग्रेस कहती नहीं है, करती भी है।
मंजूरी मिलना कांग्रेस की जीत : परवेज
जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम कुलदीप सिंह को सौंपा। जिसमें कहा गया कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बीती 16 मई को पत्र भेजकर प्रदेश में एक हजार बसों को चलाने की अनुमति मांगी थी। कांग्रेस ने 500 बसों को श्रमिकों की सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश-राजस्थान के बॉर्डर पर खड़ी कर दी थीं। लेकिन यूपी सरकार के द्वारा अनुमति नहीं दी गई। जिससे मजदूर यूपी नहीं आ सके। प्रदेश में 60 से अधिक मजदूर भाई-बहन सड़क दुर्घटना में मारे गए हैं।
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इस आपदा में हम सबको मिलकर लड़ना है। हम जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व समस्त कांग्रेस जन अनुरोध करते हैं कि मजदूर भाइयों के लिए कांग्रेस पार्टी को बस चलाने की अनुमति दी जाए ताकि मजदूरों की मंजिल आसान हो सके। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष परवेज अहमद, जिला युवा अध्यक्ष कपिल शर्मा, प्रदेश महासचिव गौरांग देव चौहान, मो.अरहम, मो.सुहैब, दिनेश शर्मा, इमरान जैदी, राजेश लोधी, मो.फरहान आदि मौजूद रहे। कुछ देर बाद मंजूरी मिलने पर कांग्रेसियों ने इसको मजदूरों की जीत बताया।
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इस सवाल को लेकर बंसल ने सरकार को घेरा। कुछ ही देर बाद यूपी सरकार के गृह गोपन, वीजा, पासपोर्ट, कारागार एवं सतर्कता विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रियंका गांधी के सचिव से एक हजार बसों के नंबर, ड्राइवरों एवं कंडक्टर की सूची सहित पूरा ब्यौरा मांगा। जिससे श्रमिकों को उन्हीं बसों से यूपी बुलाया जा सके। पत्र जारी होने के बाद बंसल ने कहा कि वह सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे मजदूरों की जीत मानते हैं। कांग्रेस के ठोस प्रयास सफल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब से भी दो बसें आई हैं। जिनसे मजदूरों को कासगंज, डुंडवारा आदि जिलों में भेजा गया है। कांग्रेस कहती नहीं है, करती भी है।
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मंजूरी मिलना कांग्रेस की जीत : परवेज
जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम कुलदीप सिंह को सौंपा। जिसमें कहा गया कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बीती 16 मई को पत्र भेजकर प्रदेश में एक हजार बसों को चलाने की अनुमति मांगी थी। कांग्रेस ने 500 बसों को श्रमिकों की सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश-राजस्थान के बॉर्डर पर खड़ी कर दी थीं। लेकिन यूपी सरकार के द्वारा अनुमति नहीं दी गई। जिससे मजदूर यूपी नहीं आ सके। प्रदेश में 60 से अधिक मजदूर भाई-बहन सड़क दुर्घटना में मारे गए हैं।
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इस आपदा में हम सबको मिलकर लड़ना है। हम जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व समस्त कांग्रेस जन अनुरोध करते हैं कि मजदूर भाइयों के लिए कांग्रेस पार्टी को बस चलाने की अनुमति दी जाए ताकि मजदूरों की मंजिल आसान हो सके। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष परवेज अहमद, जिला युवा अध्यक्ष कपिल शर्मा, प्रदेश महासचिव गौरांग देव चौहान, मो.अरहम, मो.सुहैब, दिनेश शर्मा, इमरान जैदी, राजेश लोधी, मो.फरहान आदि मौजूद रहे। कुछ देर बाद मंजूरी मिलने पर कांग्रेसियों ने इसको मजदूरों की जीत बताया।