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Aligarh News: संविदा स्टाफ रखने की आड़ में 2.33 करोड़ के काम चहेती फर्म को दिए
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कोविड संक्रमण काल में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर स्टाफ रखे जाने एवं निविदा की आड़ में विभागीय अफसरों ने बिना जमानत और नियमों को ताक में रखकर 2.33 करोड़ के काम एक चहेती फर्म को दे दिए। प्रकरण में की गई शिकायत के बाद सीडीओ की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने जांच-पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई है।
शहर विधायक मुक्ता राजा ने बीते दिनों शासन स्तर पर शिकायत की थी कि मार्च 2021 में स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्ति को जैम पोर्टल के माध्यम से मैनपॉवर आउटसोर्सिंग सर्विस (2 वर्ष ) की निविदा निकाली गई। इसके लिए 24 सेवा प्रदाता कंपनियों ने आवेदन किया। फाइनेंशियल बिड में 23 सेवा प्रदाता कंपनियों को पृथक करते हुए न्यू पैंथर सिक्योरिटी गार्ड सर्विसेज को अधिकृत करते हुए पत्र जारी किया था। फर्म ने पीएनबी का बैंक सत्यापन एवं गारंटी पत्र लगाया गया।
जांच में साफ हुआ कि बैंक के स्तर से ऐसा कोई पत्र जारी ही नहीं किया गया। जिला विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने जवाब में कहा कि टेक्निकल एवं फाइनेंशियल बिड पूरी होने के बाद चयन समिति में चयनित करते हुए संबंधित फर्म से अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया गया। जांच में तत्कालीन सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने कहा कि तब पंडित दीनदयाल चिकित्सालय एल-टू कोविड डेडीकेटड था।
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कर्मचारियों द्वारा कोविड में कार्य किया जा रहा था। जिसके दृष्टिगत निविदा निरस्त नहीं की जा सकी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने यह नहीं बताया कि इतनी बड़ी निविदा (लगभग 2.33 करोड़ में) में जमानत राशि क्यों नहीं ली गई। निर्धारित समय में ईएमडी जमा करने के लिए पोर्टल पर समय सीमा बढ़ाने संबंधी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। एक ही तकनीकी बिड में सफल होने पर वित्तीय बिड खोलना नियमानुसार नहीं था। जबकि शासनादेश के मुताबिक वित्तीय निविदा खोलने के लिए कम से कम तीन फर्मों की न्यूनतम तकनीकी योग्यता पास करना अनिवार्य है। ऐसा करना यदि अनिवार्य था भी एक उच्च स्तरीय अधिकारी से स्वीकृति अनुमोदन प्राप्त करना चाहिए था।
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शहर विधायक मुक्ता राजा ने बीते दिनों शासन स्तर पर शिकायत की थी कि मार्च 2021 में स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्ति को जैम पोर्टल के माध्यम से मैनपॉवर आउटसोर्सिंग सर्विस (2 वर्ष ) की निविदा निकाली गई। इसके लिए 24 सेवा प्रदाता कंपनियों ने आवेदन किया। फाइनेंशियल बिड में 23 सेवा प्रदाता कंपनियों को पृथक करते हुए न्यू पैंथर सिक्योरिटी गार्ड सर्विसेज को अधिकृत करते हुए पत्र जारी किया था। फर्म ने पीएनबी का बैंक सत्यापन एवं गारंटी पत्र लगाया गया।
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जांच में साफ हुआ कि बैंक के स्तर से ऐसा कोई पत्र जारी ही नहीं किया गया। जिला विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने जवाब में कहा कि टेक्निकल एवं फाइनेंशियल बिड पूरी होने के बाद चयन समिति में चयनित करते हुए संबंधित फर्म से अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया गया। जांच में तत्कालीन सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने कहा कि तब पंडित दीनदयाल चिकित्सालय एल-टू कोविड डेडीकेटड था।
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कर्मचारियों द्वारा कोविड में कार्य किया जा रहा था। जिसके दृष्टिगत निविदा निरस्त नहीं की जा सकी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने यह नहीं बताया कि इतनी बड़ी निविदा (लगभग 2.33 करोड़ में) में जमानत राशि क्यों नहीं ली गई। निर्धारित समय में ईएमडी जमा करने के लिए पोर्टल पर समय सीमा बढ़ाने संबंधी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। एक ही तकनीकी बिड में सफल होने पर वित्तीय बिड खोलना नियमानुसार नहीं था। जबकि शासनादेश के मुताबिक वित्तीय निविदा खोलने के लिए कम से कम तीन फर्मों की न्यूनतम तकनीकी योग्यता पास करना अनिवार्य है। ऐसा करना यदि अनिवार्य था भी एक उच्च स्तरीय अधिकारी से स्वीकृति अनुमोदन प्राप्त करना चाहिए था।