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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Ukraine Crisis: Lakhs of rupees spent on studies, now career crisis

Ukraine Crisis : पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च, अब करियर पर संकट, छात्रों-अभिभावकों की चिंता और व्यथा 

Mon, 28 Feb 2022 12:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा इकराम वारिस, अलीगढ़ 
इकराम वारिस, अलीगढ़  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 28 Feb 2022 12:55 AM IST
सार

यूक्रेन-रूस युद्ध : यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी अपनी डॉक्टरी की डिग्री को लेकर सशंकित।

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Ukraine Crisis: Lakhs of rupees spent on studies, now career crisis
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र... - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूक्रेन-रूस में युद्ध छिड़ा है। दोनों तरफ से जानमाल का नुकसान हो रहा है। इन सबके बीच भारतीय विद्यार्थियों का नुकसान भी उनसे कम नहीं है। उन्हें डर सता रहा है कि डॉक्टरी की डिग्री मिल पाएगी या नहीं। इसकी तस्वीर युद्ध समाप्ति के बाद ही साफ हो सकेगी। फिलहाल, डॉक्टरी की डिग्री को लेकर यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी सशंकित हैं। 

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यूक्रेन से स्वदेश लौटने के लिए भारतीय विद्यार्थी व उनके अभिभावक परेशान हैं। साथ ही उनको अपने करियर व डॉक्टरी की डिग्री को लेकर भी चिंतित हैं। कई विद्यार्थियों का अंतिम वर्ष था। बाकी विद्यार्थियों का पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवां साल चल रहा है। डिग्री को लेकर यह विद्यार्थी कितने फिक्रमंद होंगे, इसका अंदाजा इसी बात लगाया जा सकता है कि वह वहां पर बिगड़े हालात के बीच ऑनलाइन कक्षाएं करते रहे। छात्र अमान ने बताया कि जब यूक्रेन-रूस के बीच तनाव था, तब भारत जाने की बात कही थी तो यूनिवर्सिटी की तरफ से कहा गया था कि अनुपस्थिति दिखाकर उसका नाम काट दिया जाएगा। ऐसे में पढ़ाई कब शुरू होगी, डिग्री मिलेगी या नहीं। यही सवाल यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के जेहन में कौंध रहे हैं। 
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संयुक्त राष्ट्र संघ के शिविर में ठहरे हैं बच्चे : ताज उद्दीन
यूक्रेन में फंसे छात्र अमान उद्दीन के पिता ताज उद्दीन ने बताया कि उनके बेटे से बातचीत हुई तो उसने कहा, वह उडेसा पहुंच गया था। इसके बाद वह बस के जरिये मालडोवा पहुंचे, जहां संयुक्त राष्ट्र संघ के शिविर में ठहरे हैं, वीजा बुधवार तक का है। उनके साथ उत्तर प्रदेश के 40-50 बच्चे हैं। मालडोवा की सीमा से रोमानिया की सीमा सटी है। उन्हें संघ भेजेगा। रोमानिया से स्वदेश आएंगे। रोमानिया सीमा पर जो बच्चे हैं, वह काफी परेशान हैं। फ्लाइट का कोई अता-पता नहीं है।   
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पैदल पहुंची रोमानिया सीमा पर बेटी : सुशीला 
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं उर्वशी की मां सुशीला सिंह राजपूत ने कहा कि बेटी ने बताया कि वह पैदल रोमानिया सीमा पर पहुंचीं। रविवार दोपहर एक बजे बेटी का मोबाइल पर मैसेज आया कि वह रोमानिया सीमा पर बने शिविर में है। बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर रोमानिया में प्रवेश कराया जा रहा है। बेटी की वापसी का कोई अता-पता नहीं है, क्योंकि फ्लाइट नहीं है। सुशीला ने कहा कि वह लगातार अपनी बेटी का हौसला बढ़ा रही हैं।
 
पुलिस-प्रशासन परिवारों के संपर्क में, बच्चों की वापसी का इंतजार
पुलिस प्रशासन की टीमें बच्चों के परिवारों के संपर्क में हैं। बच्चों की वापसी का इंतजार किया जा रहा है। केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार के स्तर से जारी वे सभी नंबर इन परिवारों व बच्चों को मुहैया कराए जा रहे हैं, जो अधिकारी भारतीय छात्रों की वापसी के लिए वहां प्रयासरत हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि किसी तरह जल्द से जल्द बच्चे वापस आ जाएं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने अपने जिले के बच्चों की सूची परिचित अधिकारियों को भेजी है। उनका कहना है कि वे लगातार उन अधिकारियों के संपर्क में हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि किसी भी तरह बच्चे जल्द से जल्द वापस आ जाएं।

यूक्रेन में फंसे अलीगढ़ के विद्यार्थी 

  • सुमित यादव पुत्र मोरमुकुट, वसुंधरा इन्क्लेव, स्वर्ण जयंती नगर
  • माधवी अरोरा पुत्री पुनीत अरोरा, ग्रीन पार्क अपार्टमेंट 
  • गौरव कुमार पुत्र सुरजीत कुमार 
  • अमान उद्दीन पुत्र ताज उद्दीन, अजीज विला, सर सैयद नगर
  • रितिक वार्ष्णेय पुत्र डॉ. विश्व मित्र आर्य, सारसौल, देहली गेट
  • गौरव माहेश्वरी पुत्र महेश बाबू माहेश्वरी, एडीए कॉलोनी रामघाट रोड
  • उर्वशी राजपूत पुत्री भानु प्रताप सिंह, राम बाग कॉलोनी
  • फाल्गुनी धीरज पुत्री पंकज धीरज, लेखराज नगर, सेंटर प्वाइंट
  • आकाश रावत पुत्र डॉ. राजकुमार रावत, शिव शक्ति, इन्क्लेव कॉलोनी, खेरेश्वर मंदिर
  • मिशिका वार्ष्णेय पुत्री प्रदीप वार्ष्णेय, साकेत विहार कॉलोनी आगरा रोड
  • अरमान अहमद पुत्र इंजी. नसीर अहमद, नबी नगर, हमदर्द नगर, जमालपुर
  • नेअम रशीद पुत्री सैयद रशीद आलम, ग्रीन अपार्टमेंट, मंजूर गढ़ी
  • विशाल प्रताप पुत्र मनोज कुमार, क्वार्सी बाईपास, देवी का नगला
  • शुभम सिंह पुत्र धर्मवीर सिंह, रामबाग कॉलोनी रामघाट रोड
  • हितेश यादव पुत्र ओंकार यादव, वैष्णो रॉयल सिटी, सिधौली
  • सार्थक उपाध्याय पुत्र आमोद कुमार उपाध्याय, स्वर्णजयंती नगर
  • मोहम्मद फरहान खान पुत्र मोहम्मद खान, जाकिर नगर, जीवनगढ़
  • खुशी वार्ष्णेय पुत्री गोपाल दास, गांधीनगर, अलीगढ़
  • मोहन कुमार पुत्र सत्यपाल सिंह, शिव विहार कॉलोनी
  • साहिल खान पुत्री निजाम उद्दीन, सिविल लाइंस
  • खुशिका सिंह पुत्री तेजवीर सिंह, स्वर्णजयंती नगर
  • दीपक पाठक पुत्र सुशील कुमार पाठक, शिवपुरी, छर्रा
  • रविंद्र प्रताप पुत्र ठाकुर प्रसाद, लाल डिग्गी, सिविल लाइंस
  • गौसिया परवीन पुत्री अकील अहमद, हमदर्द नगर, जमालपुर
  • साफिया पुत्री शकील अहमद, हमदर्द नगर, जमालपुर

एक और छात्र ने वीडियो जारी कर दिखाए हालात, मांगी मदद
कस्बा सादाबाद के कई छात्र अभी यूक्रेन में फंसे हैं। वह बमबारी से बचने के लिए बंकर में ठहरे हैं। एक छात्र ने वीडियो जारी कर वहां से हालात बयां किए हैं और मदद मांगी है। बच्चों के सुनहरे भविष्य को देखते हुए कस्बा सादाबाद के कई लोगों ने बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए बड़ी उम्मीदों से यूक्रेन भेजा था, लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से इन विद्यार्थियों की जान पर बन आई है। यहां परिजन उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 

रविवार को खारकीव में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे दक्ष चौधरी ने पिता अनुज चौधरी को एक वीडियो भेजा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि खारकीव में रहने वाले सभी मेडिकल विद्यार्थी बंकर में शरण लिए हुए हैं। यहां रात को माइनस दो डिग्री तापमान हो जाता है। खाने-पीने और दवाओं का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। इसके अलावा यूक्रेन के नक्शे पर छात्र ने अपनी लोकेशन को बताते हुए मदद मांगी है। उस नक्शे में यह बताया गया है कि वह यूक्रेन में किस जगह ठहरे हुए हैं और उन्हें भारत पहुंचने के लिए यूक्रेन के किस हिस्से में पहुंचना है। यह दूरी काफी लंबी है। 

यूक्रेन में फंसे 11 विद्यार्थियों की नहीं हुई स्वदेश वापसी
यूक्रेन में फंसे हाथरस के निवासी विद्यार्थियों की सकुशल वतन वापसी के प्रयासों की प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की ओर से यूक्रेन में फंसे यहां के छात्र-छात्राओं के परिजनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अभी तक वह घर नहीं लौटे हैं। परिजन भी अपने बच्चों की वापसी की राह देख रहे हैं। उनकी सलामती को लेकर परिजन चिंतित हैं और उन्हें आशंकाएं परेशान कर रही हैं।



जिले की तहसील सदर के दो और सादाबाद तहसील के नौ छात्र-छात्राएं यूक्रेन में फंसे हैं। इनमें से कई छात्र-छात्राएं अब दूतावास की मदद से फ्लाइट के जरिये रोमानिया सीमा पर होते हुए निकल लिए हैं। प्रशासन की ओर से परिजनों से संपर्क कर बच्चों के कुशल क्षेम के बारे में जानकारी ली जा रही है। वहीं परिजन इनकी सलामती को लेकर काफी बेचैन हैं। वह अपने बच्चों के लगातार संपर्क में हैं।
 

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