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Aligarh News: बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा ला रहीं दो सहेलियां
Mon, 23 Mar 2026 02:48 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:48 AM IST
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रेलवे स्टेशन पर बच्चों को पढ़ातीं आराध्या चौधरी और अचल अड़े ।
- फोटो : samvad
रेलवे स्टेशन व ट्रैक के आसपास रहने और शिक्षा पाने से वंचित झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों के लिए डीएस कॉलेज की मनोविज्ञान की छात्रा आराध्या चाैधरी और उनकी महाराष्ट्र से आई सहेली अचल अड़े एक नई उम्मीद बनकर सामने आई हैं। उन्होंने बिना किसी औपचारिक संसाधन के बच्चों को निशुल्क शिक्षित करने की पहल शुरू की है, जो अब धीरे-धीरे रंग ला रही है।
दोनों रेलवे स्टेशन व शहर के फिरदाैस नगर में रोजाना खुले स्थान पर दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक बच्चों की कक्षाएं लगाती हैं। दोनों ही स्थानों पर 90 से 100 बच्चे नियमित रूप से पढ़ने आते हैं। पहले ये बच्चे दिनभर इधर-उधर भटकते थे, लेकिन अब उनकी दिनचर्या में बदलाव आया है।
दोनों का तरीका पारंपरिक पढ़ाई से थोड़ा अलग हटकर है। वे खेल- खेल, कहानियों और गीतों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाती हैं, जिससे बच्चे आसानी से सीख पाते हैं। छात्रा आराध्या चौधरी प्रतिदिन इन बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें पढ़ाती हैं और जीवन कौशल सिखाती हैं। जिन बच्चों के साथ ये काम कर रही हैं, उनमें बड़ी संख्या उन बच्चियों की है, जो पारिवारिक परिस्थितियों में रहकर अपना दयनीय जीवन जी रही हैं और शिक्षा से दूर हैं।
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आराध्या का मानना है कि अगर इन बच्चों को सही दिशा मिले तो वे भी समाज में आगे बढ़ सकते हैं। रेलवे के साथ लंबे समय से जुड़े ड्रीम्स वीवर्स एसोसिएशन के सागर सिसाैदिया का कहना है कि आराध्या व अचल बच्चों के बीच शिक्षा की रोशनी फैलाने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की मिसाल भी पेश कर रही हैं।
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दोनों रेलवे स्टेशन व शहर के फिरदाैस नगर में रोजाना खुले स्थान पर दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक बच्चों की कक्षाएं लगाती हैं। दोनों ही स्थानों पर 90 से 100 बच्चे नियमित रूप से पढ़ने आते हैं। पहले ये बच्चे दिनभर इधर-उधर भटकते थे, लेकिन अब उनकी दिनचर्या में बदलाव आया है।
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दोनों का तरीका पारंपरिक पढ़ाई से थोड़ा अलग हटकर है। वे खेल- खेल, कहानियों और गीतों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाती हैं, जिससे बच्चे आसानी से सीख पाते हैं। छात्रा आराध्या चौधरी प्रतिदिन इन बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें पढ़ाती हैं और जीवन कौशल सिखाती हैं। जिन बच्चों के साथ ये काम कर रही हैं, उनमें बड़ी संख्या उन बच्चियों की है, जो पारिवारिक परिस्थितियों में रहकर अपना दयनीय जीवन जी रही हैं और शिक्षा से दूर हैं।
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आराध्या का मानना है कि अगर इन बच्चों को सही दिशा मिले तो वे भी समाज में आगे बढ़ सकते हैं। रेलवे के साथ लंबे समय से जुड़े ड्रीम्स वीवर्स एसोसिएशन के सागर सिसाैदिया का कहना है कि आराध्या व अचल बच्चों के बीच शिक्षा की रोशनी फैलाने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की मिसाल भी पेश कर रही हैं।