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Aligarh News: अलीगढ़ में दो शिक्षक भाइयों के पास पहुंचे डीएलएड के पेपर, 80 परीक्षार्थियों को बेचे
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अलीगढ़ में डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन ) परीक्षा के प्रथम व तृतीय सेमेस्टर के पेपर दो शिक्षक भाइयों धर्मेंद्र व पुष्पेंद्र कुमार के पास पहुंच रहे थे, वह टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से इन्हें सॉल्व कर 80 परीक्षार्थियों को बेच भी चुके हैं। एसटीएफ लखनऊ और इगलास पुलिस ने मंगलवार को मुरसान रोड से इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें धर्मेंद्र को डीएलएड शिक्षक संघ का अध्यक्ष बताया जा रहा है।
एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ को सूचना मिली थी कि कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला हरिकरना निवासी धमेंद्र कुमार और पुष्पेंद्र कुमार टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के माध्यम से डीएलएड प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के प्रश्नपत्र आउट करने वाले गिरोह से मंगाकर सॉल्व करवा रहे हैं। सूचना की पुष्टि होने पर एसटीएफ और इगलास पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह 9:15 बजे मुरसान रोड से दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और 850 रुपये मिले।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि दोनों आरोपी ऑनलाइन सॉल्व पेपर भेजकर परीक्षार्थियों से आर्थिक लाभ ले रहे थे। आरोपी धर्मेंद्र के खाते में 50 हजार रुपये आए हैं। उसने स्वीकार किया कि 80 परीक्षार्थियों का पेपर सॉल्व करा चुका है। ऑनलाइन रुपये आने के बाद ही पेपर भेजता था। इस पूरे मामले में सॉल्वर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।एसटीएफ की लखनऊ टीम के सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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टेलीग्राम पर बनाया हुआ है ग्रुप
गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र व पुष्पेंद्र एक निजी डिग्री कॉलेज में शिक्षक हैं। इन्होंने टेलीग्राम ग्रुप बनाया हुआ है। इन्होंने कुछ दिन पहले ग्रुप पर मेसेज भेजा कि किसी को डीएलएड का पेपर चाहिए तो उनसे संपर्क कर सकता है। इसके बाद इन्होंने साढ़े तीन हजार प्रति परीक्षार्थी लेकर पेपर देने शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार 80 ट्रांजेक्शन हुए हैं, जिनमें 50 हजार रुपये इनके पास यूपीआईडी के जरिये इनके खाते में आने की पुष्टि हो चुकी है। अन्य की जांच की जा रही है।
पेपर कहां से हुआ आउट,जांच कर रही पुलिस
एसपी देहात ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुष्पेंद्र के पास पेपर पहुंच रहा था और धर्मेंद्र उसे हलकर रहा था। इनके पास पेपर कहां से आ रहा था, कौन उसे दे रहा था, इस गिरोह से कौन-कौन जुड़े हैं, इसकी जांच की जा रही है।
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एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ को सूचना मिली थी कि कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला हरिकरना निवासी धमेंद्र कुमार और पुष्पेंद्र कुमार टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के माध्यम से डीएलएड प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के प्रश्नपत्र आउट करने वाले गिरोह से मंगाकर सॉल्व करवा रहे हैं। सूचना की पुष्टि होने पर एसटीएफ और इगलास पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह 9:15 बजे मुरसान रोड से दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और 850 रुपये मिले।
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प्रारंभिक जांच में पाया गया कि दोनों आरोपी ऑनलाइन सॉल्व पेपर भेजकर परीक्षार्थियों से आर्थिक लाभ ले रहे थे। आरोपी धर्मेंद्र के खाते में 50 हजार रुपये आए हैं। उसने स्वीकार किया कि 80 परीक्षार्थियों का पेपर सॉल्व करा चुका है। ऑनलाइन रुपये आने के बाद ही पेपर भेजता था। इस पूरे मामले में सॉल्वर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।एसटीएफ की लखनऊ टीम के सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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टेलीग्राम पर बनाया हुआ है ग्रुप
गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र व पुष्पेंद्र एक निजी डिग्री कॉलेज में शिक्षक हैं। इन्होंने टेलीग्राम ग्रुप बनाया हुआ है। इन्होंने कुछ दिन पहले ग्रुप पर मेसेज भेजा कि किसी को डीएलएड का पेपर चाहिए तो उनसे संपर्क कर सकता है। इसके बाद इन्होंने साढ़े तीन हजार प्रति परीक्षार्थी लेकर पेपर देने शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार 80 ट्रांजेक्शन हुए हैं, जिनमें 50 हजार रुपये इनके पास यूपीआईडी के जरिये इनके खाते में आने की पुष्टि हो चुकी है। अन्य की जांच की जा रही है।
पेपर कहां से हुआ आउट,जांच कर रही पुलिस
एसपी देहात ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुष्पेंद्र के पास पेपर पहुंच रहा था और धर्मेंद्र उसे हलकर रहा था। इनके पास पेपर कहां से आ रहा था, कौन उसे दे रहा था, इस गिरोह से कौन-कौन जुड़े हैं, इसकी जांच की जा रही है।