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Aligarh News: पुलिस पर फायरिंग के मामले में दो आरोपी बरी
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
जीटी रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने और अवैध हथियार बरामद होने के करीब 12 साल पुराने मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-11, रवीश कुमार अत्री की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में लकी उर्फ रिंकेश और रोहन सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। रोहन सिंह को आयुध अधिनियम के मामले में भी दोषमुक्त किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 मई 2014 की रात गांधी पार्क थाना क्षेत्र के तिराहे पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पनैठी की ओर से मोटरसाइकिल पर आ रहे दो युवकों को रोकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
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पुलिस ने दोनों को पकड़ने का दावा किया था। तलाशी में लकी उर्फ रिंकेश के पास से देसी तमंचा और कारतूस, जबकि रोहन सिंह के कब्जे से देसी पिस्टल और कारतूस बरामद होने की बात कही गई थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाने के आधार पर लकी उर्फ रिंकेश और रोहन सिंह को बरी कर दिया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-11, रवीश कुमार अत्री की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में लकी उर्फ रिंकेश और रोहन सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। रोहन सिंह को आयुध अधिनियम के मामले में भी दोषमुक्त किया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 मई 2014 की रात गांधी पार्क थाना क्षेत्र के तिराहे पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पनैठी की ओर से मोटरसाइकिल पर आ रहे दो युवकों को रोकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
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पुलिस ने दोनों को पकड़ने का दावा किया था। तलाशी में लकी उर्फ रिंकेश के पास से देसी तमंचा और कारतूस, जबकि रोहन सिंह के कब्जे से देसी पिस्टल और कारतूस बरामद होने की बात कही गई थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाने के आधार पर लकी उर्फ रिंकेश और रोहन सिंह को बरी कर दिया।