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‘मिश्रित आबादी’ के बहाने कारखानों को चलाते रहने की कोशिश

Tue, 03 Nov 2020 01:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2020 01:51 AM IST
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trying to run factory under the pretext of mix population
पुराने शहर को मिश्रिम आबादी क्षेत्र घोषित कर यहां कुटीर उद्योग की तरह चल रहे छोटी-बड़ी इकाइयों को चलाते रहने की कोशिश हो रही है। यहां के उद्यमी इस मांग के सहारे एडीए पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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उद्योग केंद्र में करीब 15 हजार इकाइयां पंजीकृत हैं, जबकि 25 हजार से अधिक इकाइयां बिना किसी पंजीयन के चल रही हैं, जिसमें लाखों लोग जुड़े हुए हैं। ताला एवं हार्डवेयर का काम यहां कुटीर उद्योग की तरह घर-घर में होता है। लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव एवं नवगठित उद्योग बचाओ मंच के मनोज अग्रवाल कहते हैं कि पुराने शहर को मिश्रित आबादी क्षेत्र घोषित करने का मतलब है कि औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय गतिविधियां एक साथ चलती रहेंगी। उसमें प्रदूषण आदि रोकथाम के लिए जरूर प्रयास होंगे, लेकिन इकाइयों को बंद या हटाना नहीं पड़ेगा। मनोज अग्रवाल का कहना है कि महायोजना 2031 में नींवरी आदि को मिश्रित आबादी में शामिल करने का प्रस्ताव है। ऐसे में पुराने शहर को भी शामिल किया जा सकता है। उनका कहना है कि दुनिया में कहीं भी पुराने शहरों को नहीं उजाड़ा जाता है। स्मार्ट सिटी के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। महायोजना में नए सेक्टर बसाए जा सकते हैं। मनोज अग्रवाल का यह भी कहना है कि आजादी के बाद से अलीगढ़ में औद्योगिक आस्थान, तालानगरी, सीडीएफ औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ है, जिसमें मात्र करीब 2 हजार प्लाट हैं। शहर की सारी इकाइयों को बंद कर दिया जाए तो प्रशासन के माध्यम उन्हें स्थापित करने के लिए जगह ही नहीं है।
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उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान का कहना है कि उद्योग केंद्र में 15 हजार इकाइयां पंजीकृत हैं। शहर में कितनी इकाइयां चल रही हैं, इसका रिकार्ड किसी के पास नहीं है। उपायुक्त का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्र में कभी भी प्रदूषणकारी इकाइयों को चलाने की अनुमति नहीं मिल सकती। इस बारे में विस्तार से एडीए के अधिकारी ही बताएंगे। वहीं कुछ अधिकारी दबी जुबान कह रहे हैं कि मिश्रित आबादी क्षेत्र घोषित करना आसान नहीं है। मिश्रिम आबादी क्षेत्र घोषित होने के बावजूद आबादी वाले क्षेत्र में प्रदूषणकारी व जोखिम वाले इकाइयों को अनुमति नहीं मिल सकती।
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मिश्रिम आबादी घोषित करने की प्रक्रिया...
मनोज अग्रवाल ने बताया कि एडीए महायोजना 2031 के अंतर्गत नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग एवं अन्य सभी संगठनों की सहमति से मिश्रित आबादी का प्रस्ताव शासन को प्रेषित करें। उसे कैबिनेट द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाती है।
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