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ये कैसा संपूर्ण समाधान दिवस: आठ साल में दो किलो हो गया फाइलों का बोझ, सालों से चक्कर काट रहे फरियादी

Sun, 18 May 2025 07:53 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 18 May 2025 07:53 AM IST
सार

सम्पूर्ण समाधान दिवस में सभी शिकायतों का निस्तारण नहीं होता है। तहसील कोल का संपूर्ण समाधान दिवस नुमाइश की कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित किया गया। इसमें कुल 75 मामले आए जिनमें से 10 का समाधान हुआ। 65 मामलों के लिए लेखपालों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

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truth of Sampoorna Samadhan Diwas
फरियादी गजेंद्र सिंह सुखरावली - फोटो : संवाद

विस्तार

संपूर्ण समाधान दिवस में आए लोगों की समस्या का समाधान तो नहीं हुआ, लेकिन लोगों के हाथ में लगी एप्लीकेशन की फाइल का वजन वक्त के साथ बढ़ता गया। यहां प्रत्येक समाधान दिवस में ये लोग आते हैं और चले भी जाते हैं। समस्या वहीं खड़ी रह जाती है।

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17 मई को तहसील कोल का संपूर्ण समाधान दिवस नुमाइश की कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित किया गया। इसमें कुल 75 मामले आए जिनमें से 10 का समाधान हुआ। 65 मामलों के लिए लेखपालों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। समाधान दिवस में कोल से विधायक अनिल पाराशर, छर्रा विधानसभा से विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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समाधान दिवस में जिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है उनकी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए लेखपालों को 15 दिन का समय दिया है। 10 शिकायतों का समाधान हुआ है। - दिग्विजय सिंह, एसडीएम कोल

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केस-1- जांच के लिए अधिकारी आते हैं, लेकिन कब्जा नहीं हटा

सुखरावली के गजेंद्र सिंह ने डेढ़ बीघा जमीन खरीदी था पत्नी के नाम लेकिन उस पर कब्जा हो गया। आठ साल से यह उस कब्जे को हटवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कहते हैं आठ साल में इतनी मोटी फाइल तैयार हो गई है कि उसका वजन दो किलो हो गया है। जांच के लिए लेखपाल अधिकारी आते हैं मौके पर पहुंचकर फोटो खींचते हैं। कब्जा नहीं हटता है। अब अधिकारियों के ऑफिस के सामने धरने पर बैठने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
केस-2- 20 साल पुरानी कॉलोनी घोषित कर दी अवैध
ल्हौसरा बिसावर से आए भूपेंद्र व अन्य 65 लोगों ने वहां पर 20 साल पहले आवासीय भूखंड लिए थे। अब अलीगढ़ विकास प्राधिकरण कहता है कि यह कॉलोनी अवैध है। जबकि बैनामा हुआ है। 143 हो चुकी है। संक्रमणीय भी हो चुकी है। नोटिस भी दिया नहीं और बाउंड्री तोड़ दी हैं। नोटिस देते तो पता चलता कि किस वजह से तोड़ी है। यहां समाधान दिवस में कह देते हैं कि एडीए जाओ वहीं का मामला है।

केस-3- चक तोड़कर तारबंदी कर दी
नरौली के रहने वाले सुरेंद्र पाल के चक तोड़कर तारबंदी कर ली। सीएम पोर्टल पर शिकायत की। यह पांचवा तहसील दिवस है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सभी स्तर पर कागज दिए हैं। अब इन कागजों का वजन ही पौन किलो तक हो गया है।
केस -4- जमीन किसी की, मुआवजा किसी को मिल गया
धनीपुर क्षेत्र के सोहन लाल ने बताया कि 1992 में जमीन खरीदी थी। उसके बाद दूसरे नंबर पर बैनामा दे दिया। हवाई अड्डे का मुआवजा भी दूसरे को मिला और जमीन पर कब्जा भी नहीं है। अब सोहन लाल तहसील के चक्कर काट रहे है। उनकी फाइल का वजन करीब 1 किलो तक हो चुका है।

यह मामले भी आए

  • धनीपुर के अशोक कुमार ने ऊसर भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किये जाने की शिकायत की।
  • गोपालपुर परगना मोरथल निवासी सत्यवती देवी ने पड़ोसी द्वारा उसके प्लॉट पर कब्जा करने की शिकायत की।
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